शुक्रवार, 6 सितंबर 2013
गुरुवार, 5 सितंबर 2013
प्रिय दमुमि राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय,

सितम्बर ५, २०१३.
प्रिय दमुमि राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय,
हमरा लोकनि दहेज मुक्त मिथिला नाम परिकल्पनाकेँ सफलतापूर्वक स्थापित कयला उपरान्त अपनेक सक्षम नेतृत्वमें बेहतरी दिसि उन्मुख छी, एहि सँ हमरा लगायत सभक हृदयमें चारू कात प्रसन्नता दृष्टिगोचर भऽ रहल अछि। विगतमें सेहो हमरा लोकनि हरेक समाजमें एक जागरण अभियान रूपमें दहेज विरुद्ध स्वैच्छिक संकल्प सभाक आयोजन लेल प्रतिबद्ध रही, आब जखन हमरा लोकनिक ई संस्था समस्त भारतमें कार्य करबाक लेल पंजीकृत भऽ चुकल अछि तखन मिथिलावासी होइथ वा मिथिलेतरवासी, सभक समाजमें छोट-छोट सभा द्वारा संकल्प अभियान केँ सक्रियतापूर्वक चलेबाक आवश्यकताक पूर्ति सहजता संग वैह समाजक सक्रिय सहयोग सँ कैल जा सकैत छैक, बस हमरा लोकनि केवल लीड धरि दी। जेना महाराष्ट्रक समिति उर्जावान् लोककेर समूह सँ भरल अछि आ आगामी गणेश चतुर्थीमें पुन: समुचित बैनर सहित हमरा लोकनि जन-जागृति करय लेल जा रहल छी... तऽ एहेन में हमर प्रस्ताव ईहो अछि जे किऐक नऽ छोट-छोट संकल्प सभाक आयोजन हर जुडल सदस्य द्वारा मुंबई सहित अन्यत्र सेहो कैल जाय? एकर प्रारूप अत्यन्त सहज आ मर्मस्पर्शी होयत, केवल कोनो एक सदस्य द्वारा एक छुट्टीक दिन एक छोट सभा मार्फत कम से कम ५०-१०० परिवारक लोककेँ आमन्त्रित करैत स्वैच्छिक संकल्प करबैत दहेज विरुद्ध संकल्प ली:
१. हम माँगरूपी दहेज नहि लेब नहि देब।
२. अपन धियापुताक विवाह पर्यन्तमें माँगरूपी दहेज नहि लेब नहि देब।
३. एहेन कोनो वैवाहिक कार्यक्रम जाहिमें माँगरूपी दहेजक लेन-देन कैल गेल अछि ताहिमें सहभागी सेहो नहि होयब।
आ एहि तरहें संस्थाक सदस्यता प्रदान करैत हमरा लोकनि आगू बढैत चलब। यैह अवधारणाक अनुरूप दहेज मुक्त मिथिला अपन योगदान समाजकेँ प्रदान करैत असीम सफलता सेहो पायत आ समाजमें दहेजरूपी दानवक प्रतिकार बड पैघ स्तरतक कय सकत से आशा अछि।
कृपया अपने आ समस्त राष्ट्रीय व क्षेत्रीय कार्यकारिणी हमर एहि छोट प्रस्तावपर विचार दैत अमल करबाक लेल मुहिमकेँ गतिशीलता प्रदान करब से आत्मविश्वास अछि।
अपनेक विश्वासी,
प्रवीण नारायण चौधरी
https://www.facebook.com/groups/dahejmuktmithila/doc/374593335884737/
गजल
कहियो तँ हमर घरमे चान एतै
नेनाक ठोर बिसरल गान गेतै
निर्जीव भेल बस्ती सगर सूतल
सुतनाइ यैह सबहक जान लेतै
मानक गुमान धरले रहत एतय
नोरक लपटिसँ झरकिकऽ मान जेतै
सुर ताल मिलत जखने सभक ऐठाँ
क्रान्तिक बिगुलसँ गुंजित तान हेतै
हक अपन "ओम" छीनत ताल ठोकिकऽ
छोडब किया, कियो की दान देतै
(दीर्घ-दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ)-(ह्रस्व-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ)-(ह्रस्व-दीर्घ-दीर्घ)
(मुस्तफइलुन-मफाईलुन-फऊलुन)- प्रत्येक पाँतिमे एक बेर
गजल
कहियो तँ हमर घरमे चान एतै
नेनाक ठोर बिसरल गान गेतै
निर्जीव भेल बस्ती सगर सूतल
सुतनाइ यैह सबहक जान लेतै
मानक गुमान धरले रहत एतय
नोरक लपटिसँ झरकिकऽ मान जेतै
सुर ताल मिलत जखने सभक ऐठाँ
क्रान्तिक बिगुलसँ गुंजित तान हेतै
हक अपन "ओम" छीनत ताल ठोकिकऽ
छोडब किया, कियो की दान देतै
(दीर्घ-दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ)-(ह्रस्व-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ)-(ह्रस्व-दीर्घ-दीर्घ)
(मुस्तफइलुन-मफाईलुन-फऊलुन)- प्रत्येक पाँतिमे एक बेर
मंगलवार, 27 अगस्त 2013
मिथिला राजक लेल समाहरणालयक समक्ष होएत धरना
मधुबनी : मैथिल समाज आ भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समितिक तत्वावधानमे मिथिला राज्यक मांगक समर्थनमे 27 अगस्त केँ समाहरणालयक समक्ष धरना देल जाएत। इ जनतब दैत समाज केर सचिव प्रो. शीतलांबर झा बतौलनि जे धरनामे पूर्व मंत्री राजकुमार महासेठ, कृपानाथ पाठक, डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू संगे बहुतो मिथिला राज्य प्रेमी भाग लेता।
(साभार : www.mithilaprime.tk)
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