dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शुक्रवार, 3 नवंबर 2017

सामाक गीत

 || सामाक गीत || 


चिठ्ठीया लीखल  बहिनों  भैया केर हे 
आहे भैया डोली दीय ने पठाय  
सामा  खेलय  आयब  हे  || 
चिठ्ठीया  पढ़ल भैया  डोली लेल हे 
आहे भौजी के कहल  बुझाय 
बहिन  आनय  जायब हे  || 
अतबे  बचन सुनि  भोजी भेली हे 
आहे भेली जे सरिसों  के फूल 
कि  भुइयाँ  भेली झामर हे || 
आयल  में  आयल भैया  डोली लय हे 
आहे ताही  चढ़ि  भेलौ  असवार  
नैहर  हम  आयल  हे || 
पूछल  में पूछल  भोजी कहु कुसल हे 
आहे भोजी  लेलनि  लुलुआय 
कहाँ  नन्दो  आयल  हे || 
जूनी  कानू  जूनि  बाजू  भोजी हमर हे 
आहे खेली सामा  सासुर  जायव  
बहुरि  नञि  आयब   हे  || 
सुनलनि में सुनलनि अतबे फल्लाँ भैया हे 
आहे  मारल मे  मारल खसाय 
कि  फल्लाँ  बहिनो  पाहून हे || 

रचनाकार -
रेवती रमण झा "रमण "

शुक्रवार, 7 नवंबर 2014

शामा- चकेवा मोहत्सव शिव शक्ति सोसाएटी के द्वारा नॉएडा

शामा- चकेवा  मोहत्सव  शिव शक्ति सोसाएटी के  द्वारा   नॉएडा -
   
      लगातार सात वर्ष से कार्य - कर्म   के  पालन  करैयत शिव  शक्ति   सोसाईटी  फेर एक  बेर  अपन ज़ीमेबरी  के  निर्वाह करैयत   नॉएडा सेक्टर 71 मे  समा - चकेवा पर्व  मोह्होत्सव के  आयोजन विश्मभर ठाकुर  के  अध्यक्छता मे सम्पनय भेल  , जाहि में  मुखय अतिथि  संसद श्री महेश शर्मा  विधायक  बिमला नाथन के कर कमाल द्वारा दीप प्रज़ोलित करैत सभा के मनोरंजनक दिस  इसारा करैत   किसलय कृष्ण जी के माइक सुपूर्ति  कइल  गेलन  –

      मंच के  संचालन क्रिसलय कृष्ण जी करैयत सुनील झा पवन , हरीनाथ झा , रिचा ठाकुर , निशा झा , संगीता तिवारी ,कोसल किशोर  अनिल अकेला , जी के सानिध्य में  रंगा रंग कार्य करम - चालू  भेल - निशा  झा  के  समां -चकेव गीत सुनी  दर्शाक  खास क मई - बहिन  बहुत  रास  आनंद  उठेली ,

ओहिना  रिचा  ठाकुर  के  स्वमधुर सं निकलल समां चकेवा के  गीत  होय  या  भगवती  बंदना , श्रोता सुनी मन्त्र - मुग्ध  भगेला , तहिना सुनील जी के अहा - अहा- की  कहु कोना के  तुटलो मोती के हार , आ हैए तुमोल वाली  हे ये सुपौल वाली , एतेक  दर्शक  उत्साहित भेलाह  वर्णन  नै  क सकैत  छी ।  कहावत  कोनो खराप  नै  छैक  जनम  यदि  ली त  मिथिलेटा  में  ली  से हरिनाथ झा सावित केला १०३डिग्री बोखार रहैत  मंच पर ऐला , जेना लागल  जे  गामक हवा  संगे  लेक  ऑयल  छैथ - हेगै  बुधनी माय --- चल गए बच्ची गाम पर ---  जातेय   देखे  छी  ततय  बिहार -- सुनिक  दर्शक लोकनि  लोट  पोट भगेला ,


   संगीत मनोरंजन  समापन के  बाद  - मिथिला मैथिलिक मौलिक अधिकार भारतीय संघ  द्वारा , 
तकर  कलस यात्रा  जे १३ सेप्टेम्बर  २०१४ के साईं करुणा धाम सं सुरुवात  कइल गेल छल , ओहि  कलस  यत्रा  के  सुनील झा पवन जनजागरण  हेतु भर  उठेने छाला ओ भार मदन कुमार ठाकुर (विद्यापति गौरव मंच)  विद्यापति कालोनी जलपुरा ग्रेटर नॉएडा निवसी के सोपल गेलानिं  

शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2014

मिथिलाक लोकपर्व सामा चकेवा

मिथिलाक लोकपर्व सामा चकेवा
   
         छठि के भोरका अर्घ्य के दिन सं अपन मिथिला मे एकटा पावनि मनाएल जाएत अछि सामा-चकेवा. सामा-चकेबा के अहां मिथिलांचल के एकटा खास लोकपर्व कहि सकैत छी. सामा-चकेवा अहां के आओर दोसर ठाम देखय लेल नहि मिलत.

       बच्चा मे गाम मे बहिन सभ के सामा-चकेवा पावनि के मनाबैत देखैत छलहुं. एकरा अहां सामा-चकेवा खेलैत सेहो कहि सकय छी. ओना त ई पावनि लड़की-महिला सभ के अछि… मुदा बच्चा मे ओहि मे हमहुं सभ शामिल भs जाएत छलहुं.

सामा चकेबा भाई-बहिनक प्रेमक पावनि अछि. अहि मे सामा-चकेवा… सतभइया… बृंदावन… चुगला… ढोलिया बजनिया… वन तितिर … पंडित आओर दोसर मूर्ति खिलौना सं खेलल जाइत अछि… सन स बनल चुगला के जलायल जाइत अछि… सामा चकेवा भोरका छठि के शुरू भs कार्तिक पूर्णिमा के दिन तक खेलल जाएत अछि आओर विसर्जन करि देल जाइत अछि
.
सामा चकेवा के बारे मे कहल जाइत अछि जे सामा भगवान श्रीकृष्ण के पुत्री श्यामा छलीह. ओ अपन पिताक शाप के कारण चिड़य बनि गेल छलीह. कहल जाइत अछि जे भगवान श्रीकृष्णजी के बेटी श्यामा… सामा के जंगल में खेलय के शौक छलन्हि… अपन एहि प्रकृति सं जुड़ल रहय के शौक… फूल पत्ती… पक्षी सं खेलय के शौक के लेल ओ हर दिन पौ फूटतहिं जंगल दिस चलि जाइत छलीह. सामा के प्रकृति सं जुड़य… गाछ-बृक्ष… पशु-पक्षी सं खेलय के ई बात चुगला…चूड़क के नीक नहि लागल. ओ श्रीकृष्णजी के पास जा क सामा के बारे मे उल्टा पुल्टा बात बता देलक. एहि पर खिसियाक भगवान कृष्ण सामा के चिड़य बनि जाइ के शाप दs देलथिन्ह. जेहि सं सामा चिड़य बनि गेलीह.


जखन एहि बातक पता सामा के भाई के लगलन्हि. त ओ अपन बहिन के शाप सं मुक्त करय आ वापस लाबय लेल लगि गेलाह. ओ तप करय लगलाह. हारि कs भगवान के कहय पड़लन्हि जे कार्तिक मास के अहांक बहिन अयताह आओर पूर्णिमा के दिन विदा भय जएताह. ताहि दिन सं भाई- बहिनक प्रेमक.. स्नेहक ई पावनि… सामा चकेबा के रूप में मनावल जाइत अछि.


एहि पावनि मे सामा-चकेवा के मूर्ति लs क आठों दिन सामा चकेवा खेलल जाएत अछि. एहि मे एकटा आओर बात अछि जे ई शाम के बाद खेलल जाएत अछि. सामा चकेवा के गीत गाएल जाएत अछि.

Amit Chaudhary 

सोमवार, 18 नवंबर 2013

साम- चकेबा पर्व - (NOIDA )



साम- चकेबा  पर्व - नोएडा 


के  शुभ  अबसर  पर शिव शक्ति  सोसैटी (सेक्टर ७१ नॉएडा )  दुवारI साम- चकेबा  पर्व के  आयोजन , मुन्ना शर्मा आ विशम्भर ठाकुर जी  के  अध्यक्षता   में  कैल  गेल  छल ,  जाही  में  विशेस  मुख्य  अतिथि  सबके  दोपटा से  सम्मानित  कैल गेलनि ,

श्री महेश शर्मा (विधायक- नॉएडा ) नेपाल सन - प्रवीण नारायण चौधरी (अन्तर रास्ट्रीय दहेज़ मुक्त मिथिला ) मैथिला राजय निर्माण सेना-  के  सह सहयोगी राजेश झा जी  , मिथिला वाशी सोसाइटी के महा सचिव - संजय झा , मदन ठाकुर  दहेज़ मुक्त मिथिला (देल्ही -प्रभारी ) अनिल झा जी , खेला नन्द झा ,  जिनकर  मुख्य  उदेश  छल बिहार  मिथिलांचल के  बिकाश और  मिथिलाक  परम परा और  धरोहर  के  सयम  रखनए अहि साम - चकेबा पर्व के  संचलन  श्री महेश शर्मा (विधायक- नॉएडा )के दुरा दीप प्रजुलित आ पात्रिका बिमोचन संग  साम -चकेबा  मूर्ति  के  अपन  ठेहुन से  तोरैत उपरांत  मिथिलाक  परम-  परा के  निर्वाह   करैत  अपन  मुखार -बिंदी  से  मिथिलाक  अनेको  धरोहर  के  बखान  केलैथि ओही  के  बात   आमोद झा मुजिकल  ग्रुप के  जरिया सांस्कृतिक  कार्य-  करम  के  सुरुवात  के गेल  जाही  में  मुख्य  गायिका कुमकुम मिश्रा , कल्पना जी  के संग  अनेको  गायक - गायिका  सब उपस्थित भेल छला ,

संस्कृत कार्य  करम  के  बाद   बिधि  पुरबका बिंदा बन और  चुगला  के  जरयाल गेल  और समदोन  गबैत आ फेर  अगिला साल  साम- चकेबा के अबेय के गीत  गबैत  सब  माय  -  बोहीन अपन  डाला  लाके  अपन - अपन  घर-  अगन  गेली 

नोट - डेल्ही एन सी आर  में  ई प्रथम स्थल  अच्छी  जतय मिथिला के  संस्कृति  के  गरीमा  बढबैत अपन पहचान आ संस्कारक संग ई  शुभ  अबसर  पर शिव शक्ति  सोसैटी (सेक्टर ७१ नॉएडा )  दुवारI  साम- चकेबा  पर्व के  आयोजन आए  ६ वर्ष सन  मनाबैत छैथि , अहि  द्वारे कहल  जैत  अच्छी , जतय मैथिल ओतय  मिथिला 

जय मैथिल - जय मिथिला )


शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

साम- चकेबा पर्व


साम- चकेबा  पर्व 

के  शुभ  अबसर  पर शिव शक्ति  सोसैटी (सेक्टर ७१ नॉएडा )  दुवार साम- चकेबा  पर्व के  आयोजन , विशम्भर ठाकुर जी  के  अध्यक्षता   में  कैल  गेल  छल ,  जाही  में  विशेस  मुख्य  अतिथि  सब  समलित भेल  छलैथि जिनकर  मुख्य  उदेश  छल , बिहार  मिथिलांचल के  बिकाश और  मिथिलाक  परम परा और  धरोहर  के  सयम  रखनए , अहि साम - चकेबा पर्व के  संचलन  श्री महेश शर्मा (चेयरमेन ऑफ़ कैलाश  हॉस्पिटल )के दुरा  साम -चकेबा  मूर्ति  के  अपन  ठेहुन से  तोरैत उपरांत  मिथिलाक  परम-  परा के  निर्वाह   करैत  , अपन  मुखार बिंदी  से  मिथिलाक  अनेको  धरोहर  के  बखान  केलैथि , ओही  के  बात   आमोद झा मुजिकल  ग्रुप के  जरिया , सांस्कृतिक  कार्य-  करम  के  सुरुवात  के गेल  जाही  में  मुख्य  गायिका  अंजू झा (अंजना आर्य) सोनी  झा , कमलेश  झा , अनेको  गायक - गायिका  सब उपस्थित भेल छला ,
संस्कृत कार्य  करम  के  बाद   बिधि  पुरबका बिंदा बन और  चुगला  के  जरयाल गेल  , और समदोन  गबैत आ फेर  अगिला साल  साम- चकेबा के अबेय के गीत  गबैत  सब  माय  -  बोहीन अपन  डाला  लाके  अपन - अपन  घर-  अगन  गेली 
 नोट - 
(अहि  प्रोग्राम के  अंखि देखि हल  समाचार विस्तार पूर्वक  सबटा  शोभाग्य मिथिला  टी वी के  जरीय  , रवि   दिन  दिखोल जायद )