dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शनिवार, 23 जून 2018

जरल कपार - कवि मायानंद मिश्रा

जरल कपार
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एलै लगन झट गाम परेलौै, 
एहीबेर हेतै हमरो जोगार !
केस दाढी सब सेभीग करेलौ,
सैज धैज क भेलौ तैयार !!

जखन घटक दनान पर एलैथ,
पुछलैथ अहा के की थीक नाम!
हम कहलीयैन सुनब गर सँ ,
दीवाना नाम सँ छी बदनाम !!
कहलैन घटक फेर स हमरा,
कहु नाम टाईटल समेत !
परहल लीखल कतेक छी अहा ,
हम कहलौ अ सँ अमलेट !!
नाम गाम एछ ने सब बुजहल,
हम कहलीयैन जी सरकार!
अ आ सँ कवी कान तक अबै या ,
हम कहलीयैन जी धुरझार !!
कहलैन कनीक पैढ क सुनाबू,
हम होस्तह लगलौ कपार !
कहलैन घटक इ की करै छी ,
हम कहलौ फेरो स याद !!
एलै लगन झट ---------------!!


कवि मायानंद मिश्रा