dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

apani bhasha me dekhe / Translate

dahej mukt mithila smarika -2014 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
dahej mukt mithila smarika -2014 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 15 सितंबर 2014

मिथिला म- मैथिलीक मौलिक अधिकारक रक्षाक लेल शुभारम्भा कलश यात्रा दहेज़ मुक्त मिथिलाक अगुवाई में डेल्ही सं

मिथिला - मैथिलीक  मौलिक अधिकारक  रक्षाक लेल  शुभारम्भ  कलश यात्रा ,  दहेज़ मुक्त मिथिलाक  अगुवाई में  देल्ही  सं
Pravin Narayan Choudhary- 
हम एक बेर फेर समस्त दिल्लीवासी गंभीर एवं प्रतिबद्ध मिथिला-मैथिली प्रेमीजन केँ हार्दिक धन्यवाद देबय चाहब जे अपने लोकनिक सहयोग सँ एतेक भव्यता संग काल्हिक कार्यक्रम संपन्न भेल। एक तऽ मानव ताहू पर सँ अनेको तरहक भौतिक भोग-व्यसन सँ रोगग्रस्त कमजोर मानसिकताक शिकार हम प्रवीण एवं समस्त आयोजन पक्ष कतेको प्रकारक त्रुटिपूर्ण प्रस्तुति केने होयब, ताहि सब लेल अपने लोकनि क्षमा करब। किछु महत्त्वपूर्ण घोषणा सब करबाक छल, किछु अभियानक जानकारी सब देबाक छल, लेकिन कार्यक्रम अपन गति मे चलि देबाक कारणे हमरा वश मे किछु नहि रहि सकल। तैँ बेर-बेर मात्र क्षमायाचना टा करब। जे किछु त्रुटि भेलैक ताहि लेल आगाँ आरो सुन्दरता संग सुधार अनैत दिन-ब-दिन बेहतरी केर दिशा मे हम सब बढब से विश्वास बढि गेल।
आयोजन पक्षक मित्र लोकनि!
    
      अहाँ सबहक ऋण सँ ऊऋण हम कहियो नहि भऽ सकब। अमरनाथजी केर निरंतर सहयोग, डिजाइनिंग सहित कार्यक्रम लेल अत्यन्त महत्त्वपूर्ण मानल जायवला सामरिक सहयोग एवं प्रखरता-ओजस्वी संचालन करैत पुन: समीक्षा तक अपनेक संग अविस्मरणीय रहल। संजीव भाइ द्वारा बौद्धिक-वैचारिक आ अतिथिक सूची निर्धारण करैत 'कमल संदेश' केर कार्यालय पर्यन्त संयोजन हेतु उपलब्ध करेनाय - ओह शब्द नहि अछि जे हम धन्यवाद कय सकी। बस, आह्लादित हृदय सँ हमर स्नेह स्वीकार करब। कौशलजी केर सह-संयोजन मानू जेना प्रवीणक दोसराइत बनि सब बागडोर सम्हारलैन, आ केहन हमर स्मृति जे अहाँक अभियान पर जे चर्चा करेबाक छल वैह मनमस्तिष्क सँ बाहर चलि गेल। लेकिन याद राखब, जगज्जननी मैथिली केर कृपा, हम अहाँक हरेक सपना केँ साकार करबाक लेल आइये आ एखनहि सँ प्रण करैत छी। किछु समय देल जाउ। पहिने सँ दिमाग मे जे सब रहल से सब शालीनतापूर्वक संपन्न भेल आ आब मिथिलाक्षर फोन्ट विकास मे यथाशीघ्र निश्चित प्रगति आनि सकब, से गछैत छी। दिसम्बर २०१४ धरि ई कार्य पूरा करबायब, अहाँ निश्चिन्त रहू। हमर 'दि बेस्ट एफोर्ट्स' एहि विन्दु पर आगामी समस्त कार्यक्रम - भ्रमण, अभियान मे ई योजना शामिल रहत। आइ प्रामिस यू! प्रकाश भाइ, मैलोरंग - अहाँक सृजनशील आ क्रान्तिकारी योजना निर्माण हमर मनक बात करैत प्रमुख अतिथिक चुनाव सुझाव मे सहयोग केलक - सहभागिता हेतु अपनेक हर प्रयास नमन योग्य भेल।
फेसबुक केँ धन्यवाद - जे भाइ नरेन्द्र मिश्र संग भेट करौने छल। भाइ अपन संस्थान 'साईंधाम' केर दर्शन करबैत गछने छलाह जे कहियो अहाँ सब मिथिला लेल एतहु अभियान संचालित करू। ओ जहिना एतेक बात कहलैन, तहिये सँ दिमाग मे चलि रहल छल। सब मित्रवर्गकेँ कहने रही जे मिथिला-मैथिली प्रति अगाध सिनेह रखनिहार नरेन्द्र भाइजी केँ हम सब जोडिकय स्वयंसेवा सँ अपन मातृभूमि-मातृभाषा सहित संस्कृति-साहित्य-समाज लेल आगू बढब। ठीक तहिना भगवतीक कृपा सँ एहि बेर संभव भेल। भाइकेँ एक बेर फोन करिते सांगोपाँग तैयार आ तत्पर रहैत सहयोग देबाक वचन देलनि। काल्हि कार्यक्रम मे हुनक स्वैच्छिक योगदान सँ कार्यक्रम स्थल, साज-सज्जा, अतिथि-सत्कार (जलपान सहित) सहयोग लेल पूरा कार्यालय एवं साईंधाम केर अधिकारीवर्ग केँ तैयार अवस्था मे उपलब्ध करौलनि। साईंधाम केँ हृदय सँ धन्यवाद आ आभार प्रकट करैत नरेन्द्र भाइजीक एतेक पैघ सहयोग प्रति बेर-बेर नमन करय चाहब।
कम समय मे सोचल एहि कार्यक्रम एकमात्र महादेव केर प्रेरणा सँ साक्षात् जगज्जननी मिथिला धिया सिया एवं गौरीक कृपा सँ संभव भेल। किछु भाइ लोकनि नहि आबि पेला। शेफालिका माय आ निवेदिता बहिन केर अनुपस्थिति बड कचोटलक। लेकिन आदित्य भूषण मिश्र संग हुनक एक मित्र स्वयं सियारूप मे आबि कार्यक्रमरूपी शिव केँ शव होमय सँ बचबैत स्वयं पूर्ण कार्यक्रम अवधि भरि लेल शक्तिस्वरूपा अन्नपूर्णा बनि विराजमान रहली आ मैथिली नहि बुझितो ओ आनन्दमग्न होइत अपनो एक प्रस्तुति हिन्दी मे पूर्ण मर्मसँ भरल प्रस्तुत केलीह। कविश्रेष्ठ मैथिलक कमी नहि रहल। मनीष झा बौआभाइ, आदित्य भाइ, नितेश कर्ण, किशन कारीगर, जगदानन्द झा मनु भाइ... रामानाथ बाबु, विमल बाबु, विजय काका, विजय जेट भाइ, संजय नागदह भाइ... मस्त वातावरण मे मैथिली जिन्दाबाद - मिथिला जिन्दाबाद होइत रहल। बिजली गूल भेलाक बाद कवि लोकनिक उत्साह एहेन चरम पर छल जे मोमबत्तीक रौशनी मे सेहो कविता वाचन चलैत रहल। अन्त मे बिजली केँ फेर आबय पडलैन।
     
अक्षय बाबु केर आलेख लेल देल समय - बहुत कमे समय मे दिन-राति एक करैत समस्त संवैधानिक सन्दर्भ पर प्रकाश दैत हम मिथिलावासीक मौलिक अधिकार पर प्रकाश देबाक एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण आलेखक प्रस्तुति ऐतिहासिक भेल। एहि विषय पर गंभीर कार्य करैत जाहि तरहें सुझाव देल गेल से मनन एवं अनुकरण योग्य अछि। डा. देवशंकर नवीन - हमरा लोकनिक मार्गदर्शक - हिनक प्रमुख आतिथ्य कार्यक्रम लेल पूर्ण चन्द्रमाक शीतल - निश्छल चाँदनीक समान छल। ऋतेशजी एवं शिशिर बाबु संग नीलमाधव चौधरी सर केर सरस प्रोत्साहित करयवला उपस्थिति आ राखल गेल आलेख पर टिप्पणी सारगर्भित छल। नाउ एण्ड देन - मिथिला मेन - दहेज मुक्त मिथिलाक प्रथम संरक्षक महोदय कृपानन्द सर केर अध्यक्षता कार्यक्रम केर पूर्णता हेतु मोहर लगेबाक काज केलक। तहिना परम आदरणीय वरिष्ठ विकासवादी अभियानी आ हमरा लोकनिकेँ सदिखन आशीर्वाद सँ प्रेरित करनिहार अखिल भारतीय मिथिला संघ केर अध्यक्ष श्री विजय चन्द्र झा केर उपस्थिति मिथिलाक भीष्म पितामह समान छल। ऋषि मलंगिया भाइ केर सहयोगी - प्रेरक वचन सँ डेग-डेग उठबैत मात्र ४ दिन मे कार्यक्रम केँ सफलता संग संपन्न कैल जा सकल। नीरज पाठक, रामचन्द्रजी, हेमन्त भाइ, प्रसुन प्रशान्त, मिहिर बाबु - हम कतेक नाम गनाउ।
दिल्ली मे आब बुझाइते नहि अछि जे अपन निजी गाम नहि हो। अहाँ सबहक उर्जा सँ हमर उर्जा हजारो गुना बढि गेल अछि। सुनील पवन जी द्वारा कलश यात्राक प्रथम चरण लेल जोश-भरल मदैद - विश्वास राखू, अहाँक हर सपना पूरा होयत आ मिथिला-मैथिली लेल ई देन कदापि कियो बिसरि नहि सकत।

गुरुवार, 11 सितंबर 2014

मैथिली महायात्रा शुभारंभोत्सव २०१४


हकार:-------------------




मैथिली महायात्रा शुभारंभोत्सव २०१४

समय: ४ बजे सायं काल स' 
 
दिनांक: १३ सितम्बर २०१४ (शनि दिन)

स्थान: साईं धाम, प्रसाद नगर (टैंक रोड पार्किंग)

राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन के समीप, नई दिल्ली 
 
दूरभाष: ०११ - २५७५०५३१ / ३२
 आयोजक:  -



     दहेज़ मुक्त मिथिला नेपाल एवम् भारत संयुक्त , कृपया ध्यान 
देब जे 'मैथिली भाषासेवी' - चाहे साहित्य, समाज, संस्कृति, कला,
 रंगकर्म, लेखनी, पत्रकारिता, शिक्षण, प्रशिक्षण, कोनो क्षेत्र मे जुडल 
लोक एहि कार्यक्रम मे अनिवार्यरूप सँ भाग लेब।


  सीमित सहभागिता संग संचालित एहि कार्यक्रम मे भाग लेनिहार
 अपन नाम, नंबर पहिने जरुर पोस्ट/मैसेज करी। संगहि, जे कियो अपन
  प्रस्तुति देबाक लेल इच्छुक होइ ओ अपन आलेख, विचार, कविता,


कथा, पहिने सँ पोस्ट करी

मंगलवार, 5 अगस्त 2014

दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४ केर द्वितीय विमोचन, राजविराज

दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४ केर द्वितीय विमोचन, राजविराज

दहेज मुक्त मिथिला, नेपाल केर संयोजन मे 'दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४' केर दोसर विमोचन आइ राजविराज मे सम्पन्न भेल। कार्यक्रमक अध्यक्षता संस्थापक अध्यक्ष प्रवीण नारायण चौधरी तथा प्रमुख आतिथ्य ब्रह्माकुमारी भगवती दीदी, ब्रह्माकुमारी राजयोग केन्द्र, राजविराज केर प्रमुख केर रहल। संस्था मे मैथिली-मिथिला सँ जुडल लगभग हरेक संस्थाक महिला तथा पुरुष केर सुन्दर सहभागिता संग रहल। कार्यक्रम केर आयोजन दहेज मुक्त मिथिला तथा अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् केर अध्यक्षा श्रीमती करुणा झा जी केर संयोजन मे जिला विकास समिति, राजविराज केर सभागार मे कैल गेल।
कार्यक्रमक उद्घाटन प्रमुख अतिथि केर हाथ सँ दीप्ति प्रज्ज्वलन करैत कैल गेल। तहिना संस्थाक महासचिव श्रीमती साधना झा द्वारा स्वागत भाषण तथा संस्था तथा अभियानक विस्तृत परिचय विमोचन समारोहक अध्यक्षता कय रहला प्रवीण ना. चौधरी द्वारा केलाक बाद प्रमुख अतिथि भगवती दीदी केर हाथ सँ सुसम्पन्न भेल।  कार्यक्रम मे सहभागी नागरिक समाज केर अध्यक्ष श्री थानसिंह भंसाली, बाल कल्याण समिति सँ मंजु श्रेष्ठ, मैथिली साहित्य परिषद् केर अध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र, सल्लाहकार हित नारायण दास, मैथिल महासंघ, नेपाल केर अध्यक्ष माननीय विष्णु मंडल, मैथिली साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद्सँ श्याम सुन्दर पथिक, प्राध्यापक सुरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, प्रा. वन्दना मिश्र, चन्द्रिका यादव, रेणु साह, पिंकी कुमारी झा, नन्दलाल आचार्य, विद्यानन्द यादव बेदर्दी, किशोर कुमार यादव, वरिष्ठ पत्रकार बैद्यनाथ झा, मैथिली साहित्यकर्मी तथा पत्रकार शुभचन्द्र झा, मानव अधिकारकर्मी मनोहर पोखरेल, महिला अधिकारकर्मी कमला भंसाली, आदि केर नीक सहभागिता रहल। शुभकामना संदेशक संग मिथिला समाज सँ दहेजरूपी दानव भगेबाक लेल मात्र सभा आ भाषण टा सँ नहि होयत, एहि लेल कारगर डेग उठेबाक आवश्यकता पर सबहक जोर रहल।
स्मारिका मे रहल त्रुटि पर सेहो प्रखर टिप्पणी करैत भविष्य मे एहेन त्रुटि नहि दोहरेबाक अपेक्षा राखल गेल। मंच संचालन ध्रुव जी द्वारा कैल गेल। कार्यक्रमक बीच मे सहभागी लोकनिक तरफ सँ कोनो तरहक जिज्ञासा तथा संस्थाक कार्यक्रम सम्बन्धी समस्त जानकारी लेबाक लेल खूल्ला मंच पर बहस राखल गेल। सम्बन्धित जानकारी करुणाजी तथा प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा समुचित ढंग सँ देल गेल। संगहि, करुणा जी द्वारा दहेज मुक्त मिथिला केर जिम्मेवारी सम्हारबाक लेल उपस्थित वरिष्ठ सदस्यगण, सल्लाहकार तथा कार्यकारिणीक पुनर्गठन लेल आह्वान कैल गेल।प्रमुख अतिथि द्वारा गरिमापूर्ण संबोधन मे नारी सशक्तीकरण तथा आत्मनिर्भरता लेल संस्कार प्रदान करबाक जिम्मेवारी माता-पिताक रहबाक बात पर जोर देल गेल। संगहि, नारी पुरुष प्रधान समाज मे नौकर बनि समय गुदस्त करबाक मानसिकता सँ मुक्ति पाबि अपन परिवार प्रति जिम्मेवारीक वहन करबाक स्वयं मे क्षमता विकास करैथ एहेन प्रेरक संवाद तथा शुभेच्छा देल गेल। तहिना मंजू श्रेष्ठ द्वारा सेहो महिलाकेँ आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देबाक लेल आह्वान कैल गेल। नागरिक समाज केर अध्यक्षक तरफ सँ दहेज मुक्त मिथिला अभियान प्रति समर्थन आ अभियानक प्रसार लेल पूर्ण सहयोगक वचन देल गेल।
तहिना श्रीमती भंसाली द्वारा मैथिल समाज संग मारवाडी तथा अन्य समाजक रहन-सहन सेहो घुलल-मिलल रहलाक कारणे वैवाहिक सम्बन्ध लेल जँ लडकीक माँग कैल जाइत अछि तऽ विवाह करबाक लेल तत्परता देखेबाक अनुरोध कैल गेल। कथनी आ करनी मे समानता रखबाक लेल सेहो अनुरोध कैल गेल। मात्र सभा आ भाषण तक दहेज केँ समस्या मानब आ बाद मे फेर सऽ स्वयं दहेजक लोभ मे फँसब, एहि तरहक मिथ्याचार सँ समाजक भलाई संभव नहि होयत से स्पष्ट कैल गेल। तहिना अन्य-अन्य वक्ता लोकनि सेहो अपन विचार तथा दहेज मुक्ति लेल स्वयं संकल्प बेर-बेर दोहरेला। क्रान्ति लेल पहिने अपन घर सँ शुरु करबाक प्रतिबद्धता पर सब कियो जोर देलनि।

बुधवार, 18 जून 2014

DAHEJ MUKT MITHILA SAMARIKA -2014

स्मारिका विमोचन समारोह संपन्न- 
   महादेव केर असीम अनुकम्पा सँ 'दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४' केर विमोचन समारोह भव्यतापूर्वक सम्पन्न भेल। प्रमुख अतिथि मिथिला-मैथिली केर सर्वश्रेष्ठ पुरोधा सम्माननीय डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजु द्वारा स्मारिकाकेर विमोचन कैल गेल। 

समय सँ शुरु भेल कार्यक्रम केर अध्यक्षता संस्थाक संरक्षक पं. धर्मानन्द झा द्वारा कैल गेल आ तहिना सौराठ सभागाछी मे संरक्षक डा. शेखर चन्द्र मिश्र द्वारा स्वागत संबोधन कैल गेल। संस्थाक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज झा स्वयं मंच संचालन केलैन। संस्थाक महाराष्ट्र अध्यक्ष दहेज मुक्त मिथिला अभियान पर प्रकाश दैत भविष्य योजना केँ सभामे प्रस्तुत कयलनि। सुप्रसिद्ध गायक श्री पवन नारायण द्वारा गोसाउनि गीत सँ प्रारम्भ भेल सभा केर बीच-बीच मे मिथिला-महिमा-गान सहित किसलय कृष्ण द्वारा अस्मिता-बोध जागृति हेतु कविता पाठ कैल गेल। 

संस्थाक उद्देश्य प्रति पूर्ण समर्पण आ १०८ टा दहेज मुक्त विवाह करेबाक संकल्पित व्यक्तित्व पत्रकार श्री राजेश मिश्र द्वारा दहेज मुक्त मिथिला केर अभियान संचालन तथा ओहि सऽ प्रेरणा लेबाक बात सभा मे राखल गेल। संगहि ओ आह्वान करैत कहलनि जे कलमजीवी पत्रकार पर बड पैघ जिम्मा होइत छैक, ओ सब चाहता तऽ कूरीति जरुर भागत। बस हिम्मत करैत दहेजखोर सबहक विरोध करैत कानून-प्रशासन केँ संविधान अनुसार चलबाक लेल बाध्य केनाय छैक। 

समारोह मे विशेष उपस्थिति भारतीय काँग्रेस केर वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता श्री ज्योति रमण झा, मधुबनी जिला परिषद् केर उपाध्यक्ष श्री भरत भूषण, जिला पार्षद श्री सिंह जी, साहित्यकार श्री सदरे आलम, मैथिली दर्पण केर संपादक श्री कृष्ण कुमार झा 'अन्वेषक', मिथिला राज्य निर्माण सेनाक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्याम सुन्दर झा, कान्तिपुर दैनिक नेपाल केर विशेष संवाददाता तथा अतिथि श्री अवधेश झा, उज्यालो दैनिक नेपाल केर विशेष सहयोगी संवाददाता व अतिथि श्री जितेन्द्र ठाकुर, दहेज मुक्त मिथिला अभियान केर प्रथमहि दिन सँ सहयोग कयनिहार भास्कर झा (नेपाल), महाराष्ट्र दमुमिसँ आयल श्री सुभाष मिश्र, श्री राजेश राय, श्री सुबोध ठाकुर, दिल्ली सँ कौशल कुमार, साहित्यकार कवि पंकज सत्यम्, बिठौली सँ सुभाष राय, जटाशंकर राय, युवा मैथिल अभियानी अंकित राय सहित विभिन्न हस्ती लोकनि एहि समारोह मे भाग लेला। स्थानीय वक्ता-विद्वान केर सेहो सहभागिता नीक रहल। देल्ही सं  मदन कुमार ठाकुर  जी  सेहो बहुत शारारिक योगदान  देला , सुरुवात सं  जे  लागला फोटो खिचाय आ वीडियो  रिकॉर्ड  कराइ  में पूर्ण रूपे अपन  कर्तब्य निभेला | ,

  
  संपूर्ण कार्यक्रम मे एकमात्र निष्कर्ष 'सौराठ घोषणापत्र' केर निर्माण करय लेल सहायक भेल जे: 
    "
संपूर्ण मिथिला सँ एहि कूरीति केँ भगेबाक लेल जागृतिमूलक कार्य साविककाल सँ होइत रहल वैवाहिक सभास्थली पर एहि संस्था द्वारा क्रमश: आयोजन करैत गाम-गाम मे निगरानी समिति बनाओल जाय। दहेज मुक्त विवाह करनिहार केँ स्मारिका तथा विभिन्न मिडिया द्वारा यशगान करैत प्रोत्साहन कैल जाय। जेना सिया केर विवाह लेल शिवधनुष भंग करयवला दूलहा वरण करबाक कठोर संकल्प छल, किछु तहिना आजुक मैथिल ललना धिया सिया लेल सेहो 'बिन माँगरूपी दहेजक दूलहा' वरण करबाक संकल्प लेल जाय। शिक्षा व सुविधा बेटा तथा बेटी केँ एकसमान देल जाय। आपसी सहयोग बढबैत मिथिला समाज केँ परिष्कृत बनेबा मे दमुमि केर अभियान प्रति समर्पित सहयोग देल जाय।"
अध्यक्षीय भाषण मे पं. धर्मानन्द झा द्वारा अभियानक उत्कर्ष तथा एकर लाभ बारे निजी अनुभव केर बखानक संग सौराठ सभा स्थित माधवेश्वरनाथ महादेव मन्दिरक जीर्णोद्धार लेल सदिखन तैयार रहबाक बात कहल गेल। तदोपरान्त प्रवीण केर धिया-गान तथा पुन: पवन नारायण केर समदाउनि सँ कार्यक्रम केर समापन कैल गेल। 

        स्मारिकामे एहि बेर मूलत: आलेखमूलक संग्रहक संग ३ वर्ष यात्रा वृतान्त तथा भविष्य केर योजनाकेँ समेटल गेल अछि। बहुत कमहि समय मे प्रतिकूल परिस्थिति रहितो स्मारिका प्रकाशन केर कारण वैयाकरणिक अशुद्धि टाइपिंग-एरर सँ छूटि गेल अछि। बहुतो परिवारक विवरण अन्तिम समय मे समुचित फाइल मे प्राप्त नहि होयबाक कारणे एहि बेरुक स्मारिका मे स्थान देब छूटि गेल, ऐगला अंक मे वा एकर पुन:संस्करण मे सेहो समेटल जा सकैत अछि। मन, वचन आ कर्म सँ एकता रखैत संकल्पित अभियानी बनि दहेज मुक्त मिथिला द्वारा आइ धरिक समस्त आयोजन कैल गेल अछि। समस्त सहयोगी प्रति आभार प्रकट करैत हम प्रधान संपादक प्रवीण सबकेँ फेर सँ धन्यवाद ज्ञापन करैत छी। आशा करैत छी जे भविष्य मे एहि तरहक ऐतिहासिक कार्य आरो भव्यता संग कैल जायत।
जय मैथिल जय मिथिला , जय  जय दहेज़ मुक्त परिवार





























































































कैप्शन जोड़ें