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बुधवार, 21 नवंबर 2012
मंगलवार, 17 जनवरी 2012
की हमहूँ रहबै कुमार ?
यौ पाठक गण की कहू अपन मिथिला राज्य चौपट भ' गेल ( से कोना यौ ) एक त कमला कोशीक दहार आ दोसर दहेज़ प्रथाक व्यवहार ! कमला कोशी लेलक पेटक आहार त दहेज़ प्रथा केलक आर्थिक लाचार ! कन्यादान से कतेक पिता लोकनि सेहो भेला बीमार आ कतेको बर छथि ओही बाधा सँ सेहो कुमार आ बीमार ! ओही सभ बात के लs क' हम नब युबक संघक बाधा कs ल'क' पाठक गणक समक्ष अपन गाम अपन बात पर हाजिर छी.......
की हमहूँ रहबै कुमार ?
जय गणेश मंगल गणेश, सदिखन रटलो मंत्र उचार !
सभ बाधाक हरय बाला, कतेय गेलो अहाँ छोड़ि संसार !!
अपना लेल अगल - बगल मे, हमरा लेल किए दूर व्यवहार !
आब कहू यो गणपति महाराज, की हमहूँ रहबै कुमार...? !!
अपना लेल अगल - बगल मे, हमरा लेल किए दूर व्यवहार !
आब कहू यो गणपति महाराज, की हमहूँ रहबै कुमार...? !!
बरख बीत गेल देखते देखते, जन्म कुंडली मे थर्टी ! (३०)
दहेजक आस मे हम नै बैसब, हमरो उम्र भो जेत सिक्सटी !! (६०)
गाम - गाम मे जे के बाजब, बाबू हमर छथि दुराचार !
आब कहू यो बाबू - काका, की हमहूँ रहबै कुमार... ?!!
दहेजक आस मे हम नै बैसब, हमरो उम्र भो जेत सिक्सटी !! (६०)
गाम - गाम मे जे के बाजब, बाबू हमर छथि दुराचार !
आब कहू यो बाबू - काका, की हमहूँ रहबै कुमार... ?!!
ब्रह्म बाबा के सभ दिन गछ्लो, लगाबू अहि लगन मे बेरापार !
ओही खुशी मे अहाँ के देब, हम अपन गाय के दूधक धार !!
हे कुसेश्वर हे सिंघेश्वर, अहाँक महिमा अछि अपरम पार !
अहि लगन मे पार लगाबू, हम आनब दूध दही आ केराक भार !!
आब कहू यो भोले दानी, की हमहूँ रहबै कुमार ....?...
ओही खुशी मे अहाँ के देब, हम अपन गाय के दूधक धार !!
हे कुसेश्वर हे सिंघेश्वर, अहाँक महिमा अछि अपरम पार !
अहि लगन मे पार लगाबू, हम आनब दूध दही आ केराक भार !!
आब कहू यो भोले दानी, की हमहूँ रहबै कुमार ....?...
सौराठ सभा मे जे के बैसलों, सातों दिन आ सातो राति !
कियो नै पुछलक नाम आ गाम, की भेल अपनेक गोत्र मूल बिधान !!
घर मे आबी के खाट पकरलो, नै भेल आब हमर कुनू जोगार !
आब कहू यो बाबा - नाना, की हमहूँ रहबै कुमार --?!!
कियो नै पुछलक नाम आ गाम, की भेल अपनेक गोत्र मूल बिधान !!
घर मे आबी के खाट पकरलो, नै भेल आब हमर कुनू जोगार !
आब कहू यो बाबा - नाना, की हमहूँ रहबै कुमार --?!!
दौर - दौर जे पंडित पुर्हित, सभ दिन पूछी राय बिचार !
पंडित जी के मुहँ से फुटलैन ई बकार ..........
जेठ अषाढ़ त बितैते अछि, अघन से परैत अछि अतिचार !!
आब कहू यो पंडित पुर्हित, की हमहूँ रहबै कुमार ....?.
पंडित जी के मुहँ से फुटलैन ई बकार ..........
जेठ अषाढ़ त बितैते अछि, अघन से परैत अछि अतिचार !!
आब कहू यो पंडित पुर्हित, की हमहूँ रहबै कुमार ....?.
नै पढ़लो हम आइये - बीए, छी हमहूँ यो मिडिल पास !
डॉक्टर भइया - मास्टर भइया, ओहो काटलैथ एक दिन घास !!
ओही खान्दानक छी यो हमहूँ, जून करू आब हमर धिकार !
आब कहू यो बाबू - भैया, की हमहूँ रहबै कुमार ?!!
गोर - कारी सभ के सब दिन रखबै, लुल्ही - लंगरी से घर के सजेबई !
बौकी पगली के दरभंगा में देखेबाई, कन्ही कोतरी से करब जिन्दगी साकार !!
आब कहू यो संगी - साथी, की हमहूँ रहबै कुमार ..?........
डॉक्टर भइया - मास्टर भइया, ओहो काटलैथ एक दिन घास !!
ओही खान्दानक छी यो हमहूँ, जून करू आब हमर धिकार !
आब कहू यो बाबू - भैया, की हमहूँ रहबै कुमार ?!!
गोर - कारी सभ के सब दिन रखबै, लुल्ही - लंगरी से घर के सजेबई !
बौकी पगली के दरभंगा में देखेबाई, कन्ही कोतरी से करब जिन्दगी साकार !!
आब कहू यो संगी - साथी, की हमहूँ रहबै कुमार ..?........
अघन के लगन देख हम झूमी उठलो, जेना करैत अछि नाग फुफकार !
लगन बीत गेल माघ फागुन के, गुजैर रहल अछि जेठ अषाढ़ !!
अंतिम लगन ओहिना बितत, नैया डूबत हमरो बिच धार !
आब कहू यो मैथिल आर मिथिलाक पाठक गन,
की हमहू रहबै कुमार --?-!!
नब युवक के बातक रखलो मान, शादी.कॉम में लिखेलो अपन नाम !
नै कुनू भेटल कतो से मेल, लागैत अछि जे ईहो भेल फैल !!
कतेक दिन करब मेलक इंतजार........
आब कहू यो कम्पूटर महाराज, की हमहूँ रहबै कुमार --?!!
भोरे उठी गेलो खेत खलिहान, उम्हरे से केना एलो कमला स्नान
देखलो दुई चैर आदमी के, बात करैत छल कन्यादान !
पीड़ी छुई हम भगवती के, पहुँच गेलो हम अपन दालान !!
हाथ जोरी हम सबके, विनती केलो बारम् बार !
आब कहूँ यो घटक महाराज, की हमहूँ रहबै कुमार --?
मदन कुमार ठाकुर,
पट्टीटोल, कोठिया (भैरव स्थान )
झंझारपुर (मधुबनी)बिहार - ८४७४०४।
मो-९३१२४६०१५०
शनिवार, 15 अक्टूबर 2011
चलू देखैत छी मिथिला पेंटिंग के बारे में
चलू देखैत छी मिथिला पेंटिंग के बारे में जकरा आई सब मधुबनी पेंटिंग कहैत अछि ,----
मंगलवार, 5 अप्रैल 2011
श्रीराम भजन अमृतवाणी
श्री राम भजन अमृतवाणी
१. श्री हनुमान चालीसा
२. कों नहीं जानत है जग में
कपी संकट मोचन नाम तिहारो
३. श्री संकट मोचन
४. मंगल भवन अमंगल हरी
5. श्री राम चन्द्र कृपाल भाजुमन हरण भय ---
६. मुझे अपनी सरन में लेलो राम लेलो राम
७. ओ पालन हरे निर्गुण ओ नियरे
८. कभी राम बनके कभी स्याम बनके चली आना -
मंगलवार, 1 मार्च 2011
प्रेम से बोले , बाबा भोले नाथ की -----
आजू नाथ एक वरत महा सुख लागत है -
हे भोला नाथ कखन हरव दुःख मोर --
जिसका नाथ भोले नाथ वो अनाथ कैसे ----
( प्रेम से बोले बाबा भोले नाथ की -----)
ऐ गणेश के मम्मी ------
( प्रेम से बोले बाबा भोले नाथ की -----)
ऐ गणेश बबुवा
हरी ॐ नमह शिवाय
( प्रेम से बोले बाबा भोले नाथ की -----)
मैथिलि भक्ति विडिओ सोंग भोला बाबा के नचारी
पूजा के हेतु शंकर आयल छी हम पुजारी
( प्रेम से बोले बाबा भोले नाथ की -----)
MAITHILI BHAKTI VIDIO SONG BHOLA BABA KE NACHARI
बाबा यो डमरू के बोल अनमोल लगैया
( प्रेम से बोले बाबा भोले नाथ की -----)
MAITHILI BHAKTI VIDIO SONG BHOLA BABA KE NACHARI
बसहा पर चट्हल छैथि बमभोला -----
( प्रेम से बोले बाबा भोले नाथ की ----२ -)
शनिवार, 15 जनवरी 2011
तानी मनोरंजन केयलो हो
पटना में पटीयालक छैला दिल्ली में दिल लागैलक गे मुंबई ले जाके
ताला खोल दहो ---३
छम - छम बजौ
मंगलवार, 30 नवंबर 2010
Mithila ke dharohar Bhairab Baba
एक समय के बात अछि , विश्वामित्र जी राम - लक्ष्मण संग जखन मिथिला भ्रमण के लेल जायत छलैथ , विस्वामित्र जी दू दिन अपन बोहिन कोशी के ओहिठाम रुकल छलैथ , ओही समय में महादेव के छः महा कल रूप में से एगो भैरव महादेव के स्थापना केलैन , ओही दिन से भैरव बाबा के नाम पूरा मिथिला में प्रशिध्ह भगेलैन ,
ई क्षेत्र हिमालय पाहार के नजदिक रही के कारन , बढ़ी के नगरी कहल जायत अछि , लोग सब के माननाय अछि जे , बेर - बेर बढ़ी ऐला सं भैरव बाबा के लिंग मईटिक तर में समा गेला ,
भैरव बाबा के जागृत होय के कहानी ---
(शिवरात्रि में पूजा करैत भक्त लोकेन )
( मनोकामना पूर्ण भेला के बाद बाबा के दर्शन करैत भक्त लोकैन )
कई बरस बीत गेल , लिंग के नामो निसान मिटा गेल, मुद्दा शिव भोले संकर के भक्ति से नील गाय माँ के सहारे फेर से भैरव पुनः जागृत भेला , सब दिन संझ आ भोर गो माता , भैरव बाबा के लिंग के ऊपर आबि के अपन स्तन के दुध्ह समर्पित करैत छली , ई दृश्य अपन आईखी से गमक एक दुटा लोक देखलक , एक कान से दोसर कान सुनते पूरा इलाका में शोर भगेल ,
एतबा में गनबायर के रजा के सेहो पता चली गेलेन ,ओ अपन सेना दल के संग आबी के, ओही घनघोर जंगल में से बाबा भैरब के लिंग के खोदअ लागला ,. जे अहि लिंग के लके हम अपना ओहिठाम स्थापना करव , खोद्त- खोदत साँझ परी गेल , लिंग ओ ही थम से निक लय के नाम नही लेत छल , छोरीक सब आदमी वापस चली गेला ई कहिके जे हम सब फेर कालिह आबैत छि ,
अगिला दिन जखन ओ राजा एलायथ त् ई बता ओही गामक एगो ब्रिधि बय्क्ति ओही राजा के बता देलखिन , ओही दिन से ओही राजा के दुवारे भैरब बाबा के मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ भगेल , ओही दिन से ई क्षेत्र बाबा भैरव के नगरी कहाबाई लागल , जाकरा सब भैरव स्थान के नाम से जानैत अछि ,
ओही दिन से बाबा भैरव के प्रागण में १००० के संखया में दर्शन यात्री आबैत छैथि और अपन मनो कामना क पूर्ण करैत छैथि ,जिनका दिन में समय नही मिलैत छैन ओ ब्यक्ति संध्या समय आरती के आबिके के अपन मनोरथ पूरा करैत छैथ,
सावन में और फागुन के शिवरात्रि के दिन दूर -दूर से जल लके बाबा भैरब के समर्पित करैत छैथ ,और अपन जीवन के सार्थक बनाबैत छैथ ,---
बाबा भैरव के दुवार --
( भैरब बाबा के संध्या आरती में लीं भक्त लोकइन )
मधुबनी और झांझरपुर पथ के अर्न्तगत में स्थापित अछि , बाबा भैरव के मंदिर विदेस्वर स्थान से ५ किलो मीटर उत्तर और भगवती पुर से १० किलोमीटर दक्षिण -पुरव , लोहट चीनी मिल से १२ किलो मीटर पुरव , और कमला नदी से ३ किलो मीटर पछिम में स्थित छैथ ,
(बजरंगवली मंदिर निर्माण कल में )
बाबा भैरव के नजदीक बसल गाम -घर
मेहथ , समया , महिनाथ पुर
पट्टीटोल , कोठिया , हेठी ,वाली , नरवार
भराम, नबटोल,नारायण पुर रूपाली , जमथैर, लोहाना
प्रेम से--- बाजु भैरव बाबा की जय
(अपनेक सब पाठक गन से विनम्र निबेदन जे एक बेर जरुर आबी अहि तीर्थ स्थल पर )
गुरुवार, 11 नवंबर 2010
छैठ परमेस्वरिक गीत
छैठ परमेस्वरिक गीत - १.
मैया हे छैठ मैया ---
छैठ परमेस्वरिक गीत - २.
सूप लेने ठाड़ -----
छैठ परमेस्वरिक गीत , पवन सिंह के संग ---
छैठ परमेस्वरिक गीत , शारदा shinhan
मैया हे छैठ मैया ---
छैठ परमेस्वरिक गीत - २.
सूप लेने ठाड़ -----
छैठ परमेस्वरिक गीत , पवन सिंह के संग ---
शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2010
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में , भाग 2
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में ,
फुल पान डाला लेने --- ५.
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में ,
चलु - चलु बहिना ---
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में ,
गीत नंबर - ७
कांच ही बांस के ---
जय - जय छटी मैया
फुल पान डाला लेने --- ५.
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में ,
चलु - चलु बहिना ---
६.
गीत नंबर - ७
जय - जय छटी मैया
गुरुवार, 21 अक्टूबर 2010
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में
१.
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में -
२ .
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में -
३ .
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में -
४ .
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में -
५ .
छैठ परमेस्वरिक गीत चलचित्र में -
६.
भोजपुरी छटी मैया गीत
छटी माई के गीत , शारदा शिन्ह्ना के संग ---
छटी माई के गीत , शारदा शिन्ह्ना के संग ---
सोमवार, 18 अक्टूबर 2010
मिथिला नगर सन ने दोसर नगरिया
घूमी आओ दिल्ली मुंबई , कोनो नगरिया
मिथिला नगर सन ने दोसर नगरिया --
स्वर्ग सं सुन्दर मिथिला धाम ,
मंडन आयाची राजा जनक क गाम ,
जनकपुर सन सुन्दर नगरी नै भेटत ---
शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2010
बुधवार, 15 सितंबर 2010
मंगलवार, 14 सितंबर 2010
शुक्रवार, 20 अगस्त 2010
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