dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

दहेजक आगि


        Kunal Jha
दहेजक आगि ............................
खाली घरक कोन कोन मे , मकड़ी जाल तैयार छै .

माई बिना छै आगना सुन, बाबा बिन दालान छै.
चिट्ठी अयले आई दैया कई, आफद मे पारल जान छै.

... रोज़ रोज़ तगेदा भेज़ई जे दैया के ससूरलाल छै.
भैया आहा छी परदेश मे बैसल, आब हमर के सुधि लैत छै.

ठक्कन बाबू के ख़ाता मे, लगाल गिरबी खेत छै.
कुर्की जब्ती सहो होयत, आबे बाला तेसर साल छै.

घरही मे सेबाटा पानी चुबै, कारी रातिक बरसात मे
शायद एही बेर टिक ना पाबत, साबन भादो के बरसात मे.
दादा दादी कई एक्टा निशानी, केकरा कहबाई ई हाल छै,
तैयो एक्टा दीप जरै छै सांझा मैया के नाम पर,

सदिखन बाट तकै छै दैया भैया कहिया एबैई गाम पर,
सादिखान मन रहै छै हमर, दैया कई ससुराल पर,

कोना के हमर दैया बाचत, एही दहेज रूपी असुर के बाप स
ग़रीबक धीया आब न बचाती दहेजक पसरल आगी छै .
केकरा कहबाई के सुनते,आनहार बहिर समाज़ छै
माई बिना छै आगन सुन, बाबा बिन दालान छै .......................

मिथिला मे समस्या

   Kunal Jha
मिथिला मे एकटा सब स पैघ समस्या छै , ओ अछी दहेजक समस्या .और ई समस्या घर घर मे अछि .
तकर उपरांतो किछु लोग मज़ाक करैयत छथी .एकर बिरोध करइवाला के मनोबल तोरी रहलः अछि.
कहु हमरा सब ई केख़नो चाहब,जे ग़लती हम कैलोह और जही कष्टक संग अपनजिबन बिता रह...ल छी
ओ ग़लती और कष्टक सामना हमर धीया पुता और आबैई वाला पीढ़ी के होंईन . ताही लेल हे मिथिला के कर्णधार जागू , उठु, और आगू बढ़ी और अपनअपन हाथ बढ़ाबी और एक जुट भै एकर बिरोध करी.
एकर सामना करी, और एही दिशा मे अपन अपन साराहनिए योगदान द एही समस्या स निजात दिलाबी.
जहा तक मिथिलाक़ बाढ़ि क समस्या अछि, ओकर समाधान ता धरी नही होयत .जा धरी नेपाल सरकार स बात नही होयत. ता धरी मिथिला ग़रीबी, और बाढ़ि क तबाही स नही बचत. अगर एही बिषेय पर गंभीर रूपस स सोचल जायत और नेपाल सरकार स बात कई एकर समाधान खोजल जायत त ओही सा हज़ारो मेगावाट बिज़ली उत्पन भै सकैत अछि , और ओही बिजली स दुनु देशक कल्याण भ जायत . कतेको समस्या क निराकरण भ जायत.मिथिला बासी गामो मे रही अपन अपन काम क सकैत छथि . जेना भूटान नदी स जतेक बिज़ली उत्पन होयत अछि .ओकर 3 चोथाई बिजली भारत के निर्यात होयत छै. भारतक जाहि जाहि राज्य मे भूटान क चुका प्रॉजेक्ट्स’’ क बिज़ली अबैअत छै ओकरा सभक बिज़लिक स्थिति निक छै .यदि भूटान क संग समझोता भ सकैत अछि त कोनो कारण नही छैक जे नेपाल स समझोता नही भ सकैत अछि . समस्त मिथिलांचल मे कोनो निक अस्पताल नही छैक जतैय ग़रीब मरिजक निक जेका इलाज भ सकत और जे अछि ओकर दयनीए हालत अछि . आई पटना मे एम्स क कामप्रगती पर अछि ..जेखन की एही अस्पतालक निर्माण मिथिलांचल आ नेपालक तराईक बीच हेबाक चाही, प्रन्तु एही लेल मिथिलाक़ राजनेता सब चुप बैसल छेलाह .
जेखन की हिनका सब के अथक प्रयास कारबाक चाही..
आई जेखन हम 21 म शताब्दिक द्वार पर खड़ा छी ई सुनी कई अचंभा आ शर्म होयत अछि जे हमरा देश मे एहनो इलाक़ा छै जताई उचित इलाज़ और सड़कक अभाब मे लोक सब गामही मे दम तोरी दईत अछि .
समस्त देश मे निरक्षर क प्रतिसत बहुत अच्छी .मुदा ओही मे मिथिलांचल्क संख्या बहुत अछि .एहीठाम महिला मे करीब 75 % निरक्षरता छै ई लोकनि बुझियो नही पबैत छथी जे घरक बाहरो एकटा दुनिया छैक .ओही मे कतेक पढल लिखल लोक अछि .अपन आज़ादीक संग जिबन बिता रहल अछि .एना एही कारने छैक जे एख़नो पुरुष बर्ग महिला सब कई माल-जाल जेका घर मे खूटेसने छथी ..
एख़नो मिथिलांचल्क 50 % घर मे शोचालयक ब्यबस्था नही छैक .जेखन ई महिला लोकनी संध्या मे सड़कक दुनु कात शौच करै बैसत छथी त लाजे माथा झुकी जायत छैक.
एही ठामक राजनेता सब बस अपन अपन जेबी भरबाक और जात पातक नाम पर लडेबाक प्रयास मे रहलाह अछि .
कि लिखी कोना लिखी, कतेक लिखी , कारण मिथिलांचल्क समस्या सब अनंत छैक. ज़रूरत अछि मिथिलबासी के जागरूक हेबाक , और नबयुबक सबमिली आगा बढ़ी , आ अपन मायमिथिला के दुख स नीज़ात दिलाबि .अन्यथा केओ नहीओकर दुख बुझत , और मिथिला एहीना हरदम अपन पुत्रक आश् मे कानैत रहत .ताही लेल हे मिथिलबासी सब मिली आउ आ अपन पुत्रधर्मक निर्बाह करू.
जय मिथिला , जय मैथिल

मिथिलाक़ दुख:




मिथिलाक़ बारे मे लोक सब सदिखन खुब सुनैत छथी और सुनाबैत छथी और जनीतो छथी .मुदा ओकर असली अनुभूति ओहीठाम गेला पर होयत छैक .एकटा समय छल जे मिथिलाक़ माटी मे अनजक भंडार छल.मुदा आब की हालत अछि ओ बतेबाक कोनो प्रयोजन नही , जे निरंतर ए...ही मे गिरावट आबी रहाल अछि .
हर जगह ग़रीबी, भुखमरी , और दरिद्रताक सागर बनी गेल अछि .मिथिलांचल्क धीया-पुता, सब अपन रोज़ी-रोटिक खोज मे देशक कोना कोना मे जा रहाल छथी ,जताई देखु , जताई खोजू मिथिला भाषा- भाषी लोकक
भरमार अच्छी, मुदा एकजुटता नही अछि . पहीने जेखन मिथिला भाषा- भाषी लोक सब झुंडक - झुंड
अपना गली मुहल्ला सा निकली कार्य- रोज़गार पर जायत छैलाह त हुनकर सभक अपन भाषा मे गॅप सुनी
अपार हर्षक अनुभूति होयत छल , मिथिला स एतेको दूर दूर एलाक उपरांतो अपन मातृभाषा स प्रेम करैयत छेलाह . मुदा एहीमे आब निरंतर अभाब भै रहल अछि , नही जानी ई कियाक भ रहल अछि ,तेकर की कारण ?
जेखन की दुनियाक सब स मधुर भाषा मैथिली अछि , दोसर स्थान पर बांग्ला अच्छी .आब जेखन की मैथिली भाषा के अष्टम सूची मे स्थान भेट गेल. .एही मे कतेको मिथिला पुत्र और मैथिल प्रेमी कई अपार योगदान रहल अछि . हुनका सब कई सादिखन मिथिला भाषा भाषी लोक सब आदरक संग याद करताःह .
हम सहो हुनका सब कई अपन माता टेकि नमन करैयत छी,
आई करीबन 5 करोर मैथिली भाषा भाषी छथी .तेख़नो एकर स्थिति दयनीए अछि .
मिथिलाक़ सब स् पैघ समस्या अछि बाढ़, प्राकृतिक आपदा, और एही पर स दहेजक दानबक
एही दारून दृश्य कई त. कतेको निक निक चैनेल पर देखाओल जायत अछि . और सब केओ देखैत छैथ , और इ देखी सभक आत्मा कई झकझोरी दैयत अछी ,परंतु ओकर समाधान, निराकरण दिशि किनको ध्यान नही जायत अछि.जेखन की जगत जननी माय मिथिला अपन कोख स अनेको कर्मठ सुयोग्य पढल लिखल होनहार पुत्र कई जन्म देलिह जे अपन देशे नही बिदेशो मे नाम रौशन केलाह और क रहल छथी .तकर उपरांतो माय मिथिला अपन दुख देखी कानी रहाल छैथ कतेको संस्था संगठनक निर्माण भेल. कतेको चली रहल अछि , कतेको दम तोरी चुकल अछि , कतेको दम तोरै बाला अछि , कारण किनको समुचित समर्थन त किनको धनक ब्यबस्था नही छल .
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