dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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सोमवार, 18 अप्रैल 2011

नजैर

नजैर

नजैर
बचा क नजैर सँ देखइ छि ,
देखि ने आहाँ डेरा क देखइ छि !

जखनो देखइ छि मुदा नबे लगइ छि,
तैं नित नजैर सँ नुका क देखइ छि !

सोझा मैं अबितौं बाटे तकैई छि ,
नजैर में अहींक छाहीं देखइ छि !

नजरे सौं सबटा खेरहा करैईत छि,
चप्पे मुदा हम सबटा देखइ छि !

आहाँ रूपक किताबो पढ़ई छि,
जुनी सोंचू गलत नजर सौं देखइ छि!

सनेहक आपेक्षि

विकाश झा

शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

गाम आबी जाऊ

बसंतक आगमन भेल अछी,
धानक सीस जेना आमक मज्जर ,
फगुआ सेहो लकचियागेल ,
हम त कहब !!!
अहि बेर छुट्टी मैं गाम आबी जाऊ ,
दालान पर कोटपिस आ २८ खेलब ,
आ संगे मालदह आ किसुन्भोग क स्वाद ,
सहर मैं त कारबिदेक गंद सुन संतोस कर परत ,
आ बिसेस इ जे !!!!!!
कनिया काकी बाट तकैत तकैत नोरा गेली ,
तैं गाम आबी जाऊ !!!!!!!

***स स्नेह .....विकाश झा ***