
गुरुवार, 10 जुलाई 2025
शुक्रवार, 4 जुलाई 2025
हम केवल निमित्त मात्र है इससे ज्यादा और कुछ नही..बहुत ही ज्ञानवर्धक कथा जरूर पढे..!!
कोई भी छोटा-बड़ा काम करो तो तुम ये कभी मत समझना की ये मैं कर रहा हुं या उसे अपने नाम से कभी मत रखना!
एक धार्मिक स्थान पर एक सेठ जी भंडारा करते थे एक बार एक संत श्री वहाँ प्रसाद ग्रहण करने आये तो उन्होने देखा की सेठजी के मन मे अहंकार का उदय हो रहा है तो उन्होने कहा सेठजी बिना उसकी कृपा के हम कुछ भी नही कर सकते, उसकी कृपा न हो तो खिलाना तो बहुत दूर की बात सामने परोसी हुई थाली अरे थाली क्या हाथ मे लिया ग्रास भी हाथ मे रह जाता है।
सेठजी आप यही सोचना की दाने- दाने पर लिखा होता है खाने वाले का नाम अरे ये तो उसकी महानता है जो कर तो वो रहा है और नाम हमें दे रहा है! सेठजी जो काम रामजी को करना है वो तो वो करेंगे आप तो ये समझना की उन्होने इस धर्म-कर्म के लिये मुझे चुना है यही मेरा परम सौभाग्य है!
सन्त श्री तो कहकर चले गये पर सेठजी को ये हज़म नही हुआ कि दाने दाने पर भी भला खाने वाले का नाम लिखा होता है क्या? सेठजी को भूख लग रही थी वो भण्डार कक्ष मे गये एक थाली मे भोजन लिया और मन मे सोचने लगे कि इस भोजन पर मेरा नाम लिखा है देखता हूँ कि मुझे कौन रोकता है....?
सेठजी ने जैसै ही पहला ग्रास हाथ मे लिया तो दुसरे हाथ मे जो फोन था उसपे घंटी बजी फोन उठाया तो उन्हे सूचना मिली की बेटे का एक्सीडेंट हो गया और वो हॉस्पिटल मे भर्ती है सेठजी तत्काल रवाना हुये।
हॉस्पिटल मे सेठजी की पत्नी ने कहा की बेटा अब ठीक है बेटे को कुशल मंगल देखकर वही बैठे पत्नी के हाथ में चावल का एक दोना था तो सेठजी भूख से व्याकुल थे उन्होंने दोना लिया और चावल खाने लगे खाने के बाद सेठजी ने पूछा अरे तुमने खाया या नही तो पत्नी ने कहा की लेकर तो मैं अपने लिये ही लाई थी पर शायद इस प्रसाद पर रामजी ने आपका नाम लिखा था!
अब सेठजी को सन्त श्री की वो सारी बाते याद आई और फिर जीवन मे कभी उन्होने अपने नाम से कुछ भी न चलाया सब रामजी के नाम से चलाया!
जिन्दगी मे ये सदा याद रखना कि यदि कोई अच्छा कार्य, विशेष कार्य अथवा कोई शुभ-कर्म सम्पन्न हो जाये तो ये कभी न सोचना - मैं कर रहा हूँ! बस यही सोचना की मेरे राम मुझसे करवा रहे है और जिसने भी ये समझने की भुल की कि मैं कर रहा हूँ, तो वह रामजी से दूर हो गया यदि रामजी का सामीप्य चाहते हो तो हमेशा यही समझना कि मैं नही कर रहा हूँ। मैं नही हूँ, जो कुछ भी है वो सियाराम है और वही मुझसे करवा रहे है। वो मुझे निमित्त बना रहे है और मैं सिर्फ एक निमित्तमात्र हूँ इससे ज्यादा और कुछ भी नही कुछ भी नहीं!
निज चरणन की भक्ति हॆ नाथ मुझे दे दो!
वाणी मे भी शक्ति हॆ नाथ मुझे दे दो!
तेरी सेवा मिलती रहे इतनी सी कृपा कर दो..!!
बुधवार, 2 जुलाई 2025
भगवान से तीसरी रोटी क्यों माँगता हूँ?
रोटी /भूख
एक मित्र ने पत्नी के स्वर्ग वास हो जाने के बाद अपने दोस्तों के साथ सुबह शाम पार्क में टहलना और गप्पें मारना, पास के मंदिर में दर्शन करने को अपनी दिनचर्या बना लिया था।
हालांकि घर में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी। सभी उनका बहुत ध्यान रखते थे, लेकिन आज सभी दोस्त चुपचाप बैठे थे।
एक दोस्त को वृद्धाश्रम भेजने की बात से सभी दु:खी थे" आप सब हमेशा मुझसे पूछते थे कि मैं भगवान से तीसरी रोटी क्यों माँगता हूँ? आज बतला देता हूँ। "
कमल ने पूछा "क्या बहू तुम्हें सिर्फ तीन रोटी ही देती है ?"
बड़ी उत्सुकता से एक दोस्त ने पूछा? "नहीं यार! ऐसी कोई बात नहीं है, बहू बहुत अच्छी है।
असल में "रोटी, चार प्रकार की होती है।"
पहली "सबसे स्वादिष्ट" रोटी "माँ की "ममता" और "वात्सल्य" से भरी हुई। जिससे पेट तो भर जाता है, पर मन कभी नहीं भरता।
एक दोस्त ने कहा, सोलह आने सच, पर शादी के बाद माँ की रोटी कम ही मिलती है।" उन्होंने आगे कहा "हाँ, वही तो बात है।
दूसरी रोटी पत्नी की होती है जिसमें अपनापन और "समर्पण" भाव होता है जिससे "पेट" और "मन" दोनों भर जाते हैं।", क्या बात कही है यार ?" ऐसा तो हमने कभी सोचा ही नहीं।
फिर तीसरी रोटी किस की होती है?" एक दोस्त ने सवाल किया।
"तीसरी रोटी बहू की होती है जिसमें सिर्फ "कर्तव्य" का भाव होता है जो कुछ कुछ स्वाद भी देती है और पेट भी भर देती है और वृद्धाश्रम की परेशानियों से भी बचाती है", थोड़ी देर के लिए वहाँ चुप्पी छा गई।
"लेकिन ये चौथी रोटी कौन सी होती है ?" मौन तोड़ते हुए एक दोस्त ने पूछा-
"चौथी रोटी नौकरानी की होती है। जिससे ना तो इन्सान का "पेट" भरता है न ही "मन" तृप्त होता है और "स्वाद" की तो कोई गारँटी ही नहीं है", तो फिर हमें क्या करना चाहिये यार?
माँ की हमेशा पूजा करो, पत्नी को सबसे अच्छा दोस्त बना कर जीवन जिओ, बहू को अपनी बेटी समझो और छोटी मोटी ग़लतियाँ नज़रन्दाज़ कर दो, बहु भी खुश रहेगी तो बेटा भी ध्यान रखेगा।
यदि हालात चौथी रोटी तक ले आये तो भगवान का आभार जताओ कि उसने जीवित रखा हुआ है और अब स्वाद पर ध्यान मत दो केवल जीने के लिए थोड़ा कम खाओ ताकि आराम से बुढ़ापा कट जाए। बड़ी खामोशी से दोस्त सोच रहे थे वाकई हम कितने खुशकिस्मत हैं ।
बुधवार, 25 जून 2025
SC/ST/OBC को केसे बरबाद कर दीया
मींयोने SC/ST/OBC को केसे बरबाद कर दीया ?
21 राज्यों में जावेद हबीब के 300 शानदार एयरकंडीशन सैलून खुल गये।
और हिंदु नाई दलित OBC बन के नौकरी खोज रहा।
26 राज्यो सहित 30 देशों में चमड़े के जूते और चप्पलों का कारोबार करने वाली 600 करोड़ की कंपनी मेट्रो शुज के मालिक फराह मलिक अरबपति बन गए
देश विदेश में चमड़ों और जूते चप्पलों का कारोबार करके मिर्जा ट्रेनर्स में मालिक मिर्जा बन्धु अरबपति हो गए ..
और साजिश के तरह कभी दलितों का एकाधिकार वाले चमड़े, जूते चप्पलें बार्बर शॉप आदि वामपंथीयो मुस्लिमो और फर्जी अम्बेडकरवादियों के साजिश से कब दलितों के हाथ से निकलकर मुस्लिमो के हाथ मे चली गयी पता भी नहीं चला..... एक समय खादिम शूज वाले बर्मन परिवार ने इनको अच्छी टक्कर दी थी लेकिन आफताब अंसारी ने उनका अपहरण कर लिया करोड़ो की फिरौती वसूली गयी फिर उन्होंने दशकों तक विस्तार नही किया अब कर रहे है जब इस मार्केट में एकाधिकार हो चुका है....
बैंकर माफिया और उसके पैसों से पैदा किए हुए नमाजवादियों व दलितवादी नेताओं ने हिन्दू नाई से कहा ब्राह्मण जनसंख्या में इतने कम हैं पर सबसे अधिक सत्ता के मजे यही ले रहे हैं।
तुमको सदियों सदियों तक नाई बनाकर रखना चाहते हैं मत करो ये काम।
बच्चों को तो पढ़ाओ लिखाओ सरकारी नौकरी दिलवाओ और सुनो जाति प्रमाण पत्र बनवा लो
कांग्रेस तुमको OBC में जोड़ देगी आरक्षण दे देगी
मौज करो इन ब्राह्मणों पंडितों के चक्कर में मत फंसो।
हिन्दू नाई ने आरक्षण मिलेगा सरकारी नौकरी मिलेगी इसलिए दुकान बंद कर दी शहर चला गया
अपना बड़ा सा घर छोड़ा किराए पर एक कमरे में गुजारा किया बच्चों को गली के अंग्रेजी स्कूल में डाला
जब बच्चे जॉनी जॉनी यस पापा गाते थे हिन्दू नाई सोचता था बच्चे कम से कम IAS तो कर ही जाएँगे, उसने एक फैक्ट्री में 7000 में गार्ड की नौकरी कर ली
जब जब खान्ग्रेसियों और नमाज़वादी नेताओं ने बुलाया धरने प्रदर्शन आंदोलन में गया भी सरकारी नौकरी कितने नाईयों लुहारों बढ़इयों धोबियों को मिल सकेगी
बेटे बेरोजगार घूमने लगे तो घर में झगड़ा बढ़ने लगा।
जो भी हो 20 साल बीत गए बच्चे अब भी बेरोजगार थे।
हिन्दू नाई से रात को सेक्यूरिटी गार्ड की नौकरी होती नहीं थी नींद लग जाती थी नौकरी छूट गयी।
हिन्दू नाई वापस गाँव लौट आया उसने फिर से अपनी बाल काटने की दुकान खोलनी चाही पास के कस्बे में जाकर देखा 20 साल पहले 2 सैलून थे वो भी हिन्दू नाईयों के अब उसी कस्बे में 50 सैलून खुल चुके थे और सारे के सारे सैलून मियों के थे
हिन्दू नाई ने रोजगार छोड़ा
मियों ने कब्ज़ा कर लिया
हिन्दू बढ़ई ने अपना काम छोड़ा
मिएँ ने बाजार पर कब्जा कर लिया।
हिन्दू लुहार ने अपना काम छोड़ा
मियों ने वेल्डिंग की दुकानें खोल कर पूरा बाजार कब्ज़ा लिया
हिन्दू धोबी ने सरकारी नौकरी के चक्कर में कपड़े धोने छोड़े
गाँव के घर घर से परिचय टूटा नाते टूटे
मिएँ ड्राई क्लीन और जीन्स की रंगाई में छा गए।
हिन्दू SC ने जूते बनाने छोड़ दिए
आज अरबों रुपए का चमड़े मांस चर्बी हड्डी और सारा का सारा जूता बाजार मियों के कब्जे में है
मिएँ OBC और SC/ST के पेट पर लात मार रहे हैं
पंडितों का काम पूजा पाठ है पुरोहिताई है
ये काम मिएँ कभी नहीं करेंगे लिख लो।
आरक्षण और सरकारी नौकरी के लालच में कितने लोगों को रोजगार मिला
करोड़ों युवा मैकाले सिस्टम में फंसकर एक डिग्री लेकर सड़क पर घूम रहे हैं
हम हिन्दुओं के पारंपरिक रोजगार इतने बुरे थे क्यो..... ?????
पूरी प्लानिंग से दलित - सवर्ण में फूट डलवाकर उनको बेरोज़गार बना दिया....
वामपंथी का कमाल.. जरा सोचिये....
सोमवार, 23 जून 2025
अति सुंदर अवश्य पढ़ें
*स्वर्ग* में सब कुछ हैं लेकिन *मौत* नहीं है,
*गीता* में सब कुछ हैं लेकिन *झूठ* नहीं है,
*दुनिया* में सब कुछ हैं लेकिन किसी को *सुकून* नहीं है,
और आज के *इंसान* में सब कुछ हैं लेकिन *सब्र* नहीं है।
*राजा भोज* ने *कवि कालीदास* से *दस सर्वश्रेष्ठ* सवाल किए..
1- दुनिया में भगवान की *सर्वश्रेष्ठ रचना* क्या है ?
उत्तर - *''मां''*
2 - सर्वश्रेष्ठ *फूल* कौन सा है ?
उत्तर - *"कपास का फूल"*
3 - सर्वश्र॓ष्ठ *सुगंध* कौनसी है ?
उत्तर - *वर्षा से भीगी मिट्टी की सुगंध*
4 - सर्वश्र॓ष्ठ *मिठास* कौनसी ?
उत्तर - *"वाणी की"*
5 - सर्वश्रेष्ठ *दूध* ?
उत्तर - *"मां का"*
6 - सबसे से *काला* क्या है ?
उत्तर - *"कलंक"*
7 - सबसे भारी क्या है?
उत्तर - *"पाप"*
8 - सबसे *सस्ता* क्या है ?
उत्तर - *"सलाह"*
9 - सबसे *महंगा* क्या है ?
उत्तर - *"सहयोग"*
10 - सबसे *कडवा* क्या है?
ऊत्तर - *"सत्य"*
अगर मेरे पास एक रुपया है एवं आपके पास भी एक रुपया है और हम एक दूसरे से बदल ले तो दोनों के पास एक एक रुपया ही रहेगा । किंतु अगर मेरे पास एक अच्छा विचार है एवं आपके पास एक अच्छा विचार है और दोनों आपस में बदल ले तो दोनों के पास दो दो विचार होंगे ! है न ……!!_
तो अच्छे विचारों का आदान प्रदान जारी रखिये.. और अपनी मानसिक पूंजी बढ़ाते रहिये ।
मंजिल वही, सोच नई
ऊपर जाने पर एक सवाल ये भी पूँछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ ।
जवाब:-
अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :-
(1)जल
(2) पथ्वी
(3)आकाश
(4)वायू
(5) अग्नि
ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी ।
5 जगह हँसना करोड़ो पाप के बराबर है
1. श्मशान में
2. अर्थी के पीछे
3. शोक में
4. मन्दिर में
5. कथा में
सिर्फ 1 बार भेजो बहुत लोग इन पापो से बचेंगे ।।
अकेले हो?
परमात्मा को याद करो ।
परेशान हो?
ग्रँथ पढ़ो ।
उदास हो?
कथाए पढो ।
टेन्शन मे हो?
भगवत गीता पढो ।
फ्री हो?
अच्छी चीजे फोरवार्ड करो
हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियो पर कृपा करो..
सूचना - क्या आप जानते हैं ?
हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है।
आरती----के दौरान ताली बजाने से
दिल मजबूत होता है ।
ये मेसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नही होने दे और मेसेज सब नम्बरो को भेजे ।
श्रीमद भगवत गीता पुराण और रामायण ।
💕एक दिन रुक्मणी ने भोजन के बाद,
श्री कृष्ण को दूध पीने को दिया।💕
💕दूध ज्यदा गरम होने के कारण
श्री कृष्ण के हृदय में लगा💕
और
उनके श्रीमुख से निकला-
" हे राधे ! "💕
💕सुनते ही रुक्मणी बोली-
प्रभु !
ऐसा क्या है राधा जी में,
जो आपकी हर साँस पर उनका ही नाम होता है ?💕
💕मैं भी तो आपसे अपार प्रेम करती हूँ...
फिर भी,
आप हमें नहीं पुकारते !!💕
💕श्री कृष्ण ने कहा -देवी !
आप कभी राधा से मिली हैं ?
और मंद मंद मुस्काने लगे...💕
💕अगले दिन रुक्मणी राधाजी से मिलने उनके महल में पहुंची ।
💕राधाजी के कक्ष के बाहर अत्यंत खूबसूरत स्त्री को देखा...
और,
उनके मुख पर तेज होने कारण उसने सोचा कि-
💕ये ही राधाजी है और उनके चरण छुने लगी !💕
💕तभी वो बोली -आप कौन हैं ?💕
💕 रुक्मणी ने अपना परिचय दिया और आने का कारण बताया...💕
💕तब वो बोली-
मैं तो राधा जी की दासी हूँ।💕
💕राधाजी तो सात द्वार के बाद आपको मिलेंगी !!💕
💕रुक्मणी ने सातो द्वार पार किये...
और,💕
💕हर द्वार पर एक से एक सुन्दर और तेजवान दासी को देख सोच रही थी क़ि-💕
💕अगर उनकी दासियाँ इतनी रूपवान हैं...💕
तो,
राधारानी स्वयं कैसी होंगी ?💕
💕सोचते हुए राधाजी के कक्ष में पहुंची...💕
कक्ष में राधा जी को देखा-
अत्यंत रूपवान तेजस्वी जिसका मुख सूर्य से भी तेज चमक रहा था।💕
रुक्मणी सहसा ही उनके चरणों में गिर पड़ी...
पर,
💕ये क्या राधा जी के पुरे शरीर पर तो छाले पड़े हुए है !
💕रुक्मणी ने पूछा-
देवी आपके शरीर पे ये छाले कैसे ?
तब राधा जी ने कहा-
देवी !💕
कल आपने कृष्णजी को जो दूध दिया...💕
वो ज्यदा गरम था !
💕जिससे उनके ह्रदय पर छाले पड गए...
और,
उनके ह्रदय में तो सदैव मेरा ही वास होता है..!!👩
💕इसलिए कहा जाता है-
💕बसना हो तो...
'ह्रदय' में बसो किसी के..!👩
'💕दिमाग' में तो..
लोग खुद ही बसा लेते है..!!👩
║प्रेम से कहिये जय श्री राधे ║
💕ये sms अपने जीवन के अच्छे दोस्तों को भेजो, मुझे भी करना अगर मैं हूँ तो? अगर 6 sms आपको वापिस आये तो 💕
आप यह समझियेगा की आप बहुत भाग्यवान हैं😊जय श्री राधे कृष्णा 🙏



































