dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2022

भारत को आखिर बॉलीवुड ने दिया क्या है?

 *निवेदन है कि थोड़ा सा वक्त निकालकर आखिरी तक पढ़े* 👇

*भारत को आखिर बॉलीवुड ने दिया क्या है?* 

1. बलात्कार गैंग रेप करने के तरीके।

2. विवाह किये बिना लड़का- लड़की का शारीरिक सम्बन्ध बनाना।

3. विवाह के दौरान लड़की को मंडप से भगाना

4. चोरी डकैती करने के तरीके।

5. भारतीय संस्कारों का उपहास उड़ाना।

6. लड़कियों को छोटे कपड़े पहने की सीख देना....जिसे फैशन का नाम देना।

7. दारू सिगरेट चरस गांजा कैसे पिया और लाया जाये।

8. गुंडागर्दी कर के हफ्ता वसूली करना।

9. भगवान का मजाक बनाना और अपमानित करना।

10. पूजा- पाठ ,यज्ञ करना पाखण्ड है व नमाज पढ़ना ईश्वर की सच्ची पूजा है।

11. भारतीयों को अंग्रेज बनाना।

12. भारतीय संस्कृति को मूर्खता पूर्ण बताना और पश्चिमी संस्कृति को श्रेष्ठ बताना।

13. माँ बाप को वृध्दाश्रम छोड़ के आना।

14. गाय पालन को मज़ाक बनाना और कुत्तों को उनसे श्रेष्ठ बताना और पालना सिखाना।

15. रोटी हरी सब्ज़ी खाना गलत बल्कि रेस्टोरेंट में पिज़्ज़ा बर्गर कोल्ड ड्रिंक और नॉन वेज खाना श्रेष्ठ है।

16. पंडितों को जोकर के रूप में दिखाना, चोटीरखना या यज्ञोपवीत पहनना मूर्खता है मगर बालों के अजीबो- गरीब स्टाइल (गजनी) रखना व क्रॉस पहनना श्रेष्ठ है उससे आप सभ्य लगते हैं।

17. शुद्ध हिन्दी या संस्कृत बोलना हास्य वाली बात है और उर्दू या अंग्रेजी बोलना सभ्य पढ़ा-लिखा और अमीरी वाली बात...

18. पुराने फिल्म्स मे कितने मधुर भजन हुआ करते थे, अब उसकी जगह अल्ला/मौला/इलाही जैसे गानो ने ली है, और हम हिंदू समाज भी हिXडो के जैसे उन गानो को लाखो की लाईक्स पकडा देते है, गुनगुनाते है; इससे ज्यादा और क्या विडंबना हो सकती है???

हमारे देश की युवा पीढ़ी बॉलीवुड को और उसके अभिनेता और अभिनेत्रियों का अपना आदर्श मानती है.....अगर यही बॉलीवुड देश की संस्कृति सभ्यता दिखाए ..तो सत्य मानिये हमारी युवा पीढ़ी अपने रास्ते से कभी नहीं भटकेगी...

ये पोस्ट उन हिन्दू छोकरों के लिए है जो फिल्म देखने के बाद गले में क्रॉस मुल्ले जैसी छोटी सी दाड़ी रख कर खुद को मॉडर्न समझते हैं हिन्दू नौंजवानों की रगो में धीमा जहर भरा जा रहा है। 

#फिल्म____जेहाद_____

सलीम - जावेद की जोड़ी की लिखी हुई फिल्मों को देखें, तो उसमें आपको अक्सर बहुत ही चालाकी से हिन्दू धर्म का मजाक तथा मुस्लिम / ईसाई  को महान दिखाया जाता मिलेगा. इनकी लगभग हर फिल्म में एक महान मुस्लिम चरित्र अवश्य होता है और हिन्दू मंदिर का मजाक तथा संत के रूप में पाखंडी ठग देखने को मिलते हैं। 

फिल्म "शोले" में धर्मेन्द्र भगवान् शिव की आड़ लेकर हेमा मालिनी" को प्रेमजाल में फंसाना चाहता है, जो यह साबित करता है कि - मंदिर में लोग लडकियां छेड़ने जाते हैं. इसी फिल्म में ए. के. हंगल इतना पक्का नमाजी है कि - बेटे की लाश को छोड़कर, यह कहकर नमाज पढने चल देता है.कि- उसे और बेटे क्यों नहीं दिए कुर्बान होने के लिए.

"दीवार" का अमिताभ बच्चन नास्तिक है और वो भगवान् का प्रसाद तक नहीं खाना चाहता है, लेकिन 786 लिखे हुए बिल्ले को हमेशा अपनी जेब में रखता है। और वो बिल्ला भी बार बार अमिताभ बच्चन की जान बचाता है. 

"जंजीर" में भी अमिताभ नास्तिक है और जया भगवान से नाराज होकर गाना गाती है लेकिन शेरखान एक सच्चा इंसान है.

फिल्म 'शान" में अमिताभ बच्चन और शशिकपूर साधू के वेश में जनता को ठगते हैं, लेकिन इसी फिल्म में "अब्दुल" जैसा सच्चा इंसान है जो सच्चाई के लिए जान दे देता है. 

फिल्म"क्रान्ति" में माता का भजन करने वाला राजा (प्रदीप कुमार) गद्दार है और करीमखान (शत्रुघ्न सिन्हा) एक महान देशभक्त, जो देश के लिए अपनी जान दे देता है.

अमर-अकबर-अन्थोनी में तीनों बच्चों का बाप किशनलाल एक खूनी स्मगलर है, लेकिन उनके बच्चों अकबर और एन्थॉनी को पालने वाले मुस्लिम और ईसाई महान इंसान हैं. 

 फिल्म "हाथ की सफाई" में चोरी - ठगी को महिमामंडित करने वाली प्रार्थना भी आपको याद ही होगी.

कुल मिलाकर आपको इनकी फिल्म में हिन्दू नास्तिक मिलेगा या धर्म का उपहास करता हुआ कोई कारनामा दिखेगा और इसके साथ साथ आपको शेरखान पठान, DSP डिसूजा, अब्दुल, पादरी, माइकल, डेबिड, आदि जैसे आदर्श चरित्र देखने को मिलेंगे। 

हो सकता है आपने पहले कभी इस पर ध्यान न दिया हो लेकिन अबकी बार ज़रा ध्यान से देखना। केवल सलीम / जावेद की ही नहीं बल्कि कादर खान, कैफ़ी आजमी, महेश भट्ट, आदि की फिल्मो का भी यही हाल है। 

फिल्म इंडस्ट्री पर दाउद जैसों का नियंत्रण रहा है. इसमें अक्सर अपराधियों का महिमामंडन किया जाता है और पंडित को धूर्त, ठाकुर को जालिम, बनिए को सूदखोर, सरदार को मूर्ख कामेडियन, आदि ही दिखाया जाता है.

"फरहान अख्तर" की फिल्म "भाग मिल्खा भाग" में "हवन करेंगे" का आखिर क्या मतलब था? 

pk में भगवान् का रोंग नंबर बताने वाले आमिर खान क्या कभी अल्ला के रोंग नंबर 786 पर भी कोई फिल्म बनायेंगे ? 

मेरा मानना है कि - यह सब महज इत्तेफाक नहीं है बल्कि सोची समझी साजिश के तहत है ,एक चाल है।

*दुख तो इस बात का है, के हम हिंदू ये पोस्ट पढकर करेंगे तो कुछ नही, लेकिन शेअर करने का भी कष्ट नही उठायेंगे!*..

......द्वारा 

प्रवीण चंद्रा वशिष्ट

सोमवार, 12 सितंबर 2022

दिल को छुने वाली कहानी

 *भंडारा में कुछ देने से पहले*

*एक बार अवश्य पढ़ें*

एक पाँच छ: साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर गुरुद्वारे के एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था ।

कपड़े में मैल लगा हुआ था मगर निहायत साफ, उसके नन्हे नन्हे से गाल आँसूओं से भीग चुके थे 

बहुत लोग उसकी तरफ आकर्षित थे और वह बिल्कुल अनजान अपने भगवान से बातों में लगा हुआ था ।

जैसे ही वह उठा एक अजनबी ने बढ़ के उसका नन्हा सा हाथ पकड़ा और पूछा : -

*क्या मांगा भगवान से*

       उसने कहा: -

*मेरे पापा मर गए हैं* *उनके लिए स्वर्ग मांगा*

मेरी माँ रोती रहती है उनके लिए सब्र मांगा, और

मेरी बहन माँ से कपडे सामान मांगती है उसके लिए पैसे मांगे".. 

"तुम स्कूल जाते हो"..?

अजनबी का सवाल स्वाभाविक सा सवाल था 

हां जाता हूं, उसने कहा ।

किस क्लास में पढ़ते हो ?

 *अजनबी ने पूछा*

नहीं अंकल पढ़ने नहीं जाता, मां चने बना देती है, वह स्कूल के बच्चों को बेचता हूँ ।

बहुत सारे बच्चे मुझसे चने खरीदते हैं, हमारा यही काम धंधा है ।बच्चे का एक एक शब्द मेरी रूह में उतर रहा था 

*तुम्हारा कोई रिश्तेदार*

न चाहते हुए भी अजनबी बच्चे से पूछ बैठा ।

पता नहीं, माँ कहती है गरीब का कोई रिश्तेदार नहीं होता,

*माँ झूठ नहीं बोलती पर अंकल*

मुझे लगता है मेरी माँ कभी कभी झूठ बोलती है,

जब हम खाना खाते हैं हमें देखती रहती है ।

जब कहता हूँ 

माँ तुम भी खाओ, तो कहती है ,

मैने खा लिया था, उस समय लगता है झूठ बोलती है ।

बेटा अगर तुम्हारे घर का खर्च मिल जाय तो पढाई करोगे ?

"बिल्कुलु नहीं"

"क्यों"

पढ़ाई करने वाले, गरीबों से नफरत करते हैं अंकल,

हमें किसी पढ़े हुए ने कभी नहीं पूछा - पास से गुजर जाते हैं ।

अजनबी हैरान भी था और शर्मिंदा भी ।

फिर उसने कहा

"हर दिन इसी इस गुरुद्वारे में आता हूँ,

कभी किसी ने नहीं पूछा - यहाँ सब आने वाले मेरे पिताजी को जानते थे - मगर हमें कोई नहीं जानता ।

"बच्चा जोर-जोर से रोने लगा"

 अंकल जब बाप मर जाता है तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं ?

मेरे पास इसका कोई जवाब नही था... 

ऐसे कितने मासूम होंगे जो हसरतों से घायल हैं ।

बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतीमों, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए .....

मन्दिर/गुरुद्वारे मे सीमेंट या अन्न की बोरी देने से पहले अपने आस - पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो ।

आपको पसंद आऐ तो सब काम छोडके ये मेसेज कम से कम एक या दो ग्रुप मे जरुर डाले ।

कहीं ग्रुप मे ऐसा देवता इंसान मिल जाऐ ।

कहीं एसे बच्चो को अपना भगवान मिल जाए ।

कुछ समय के लिए एक गरीब बेसहारा की आँख मे आँख डालकर देखे, आपको क्या महसूस होता है ।

फोटो या विडीयो भेजने कि जगह ये मेसेज कम से कम एक ग्रुप मे जरुर डाले ।

 स्वयं में व समाज में बदलाव लाने के प्रयास जारी रखें..!आप से अगर हो सके तो आप भी मदद करै जिससे भगवान जी भी आप का ख्याल रखे ऐसी हमारी मनोकामना पूर्ण करे आप का दोस्त भाई ______


सोमवार, 8 अगस्त 2022

कतेक जिबैए मैथिली -

 कतेक जिबैए मैथिली -

 *जय मां मैथिली* 

मैथिली भाषामे किछु एहन शब्द सब अछि  जे प्राय: आन कोनो भाषा मे  नहि भेटैछ। 

जेना :--

हकासल-पियासल, हुकरब, हॉक देब, हकार देब, रोमब, हहायल-फुफुआयल, अपसियाँत, कपड़ा खीचब, अधहन, हकमब, तितब, अपैत, ऐंठार, असगनी,

चिनबार, पनपथिया,  ओरिका, सजमैन,  गाँती , सरबा ,घैलसीरी,  पिठार, घाइट,  जाईठ, दौनी तौनी,  सरिपहुँ, कछमछ,  लिलोह, अगरजित्त, अरिपन, ओगरब, कोकनब, सिहकब, निहोरा, उफाँट, उचक्का, उकासी, उबेर, बपजेठ, लगही, अगरजीत, मुन्हाईर, अलक्ष , खापैर, लाडैन, लाड़ूबातू, अपसियाँत, हकासल, तीतल, बितपैन, पाकल परोड़, ओरिआओन, दुधकट्टू, मेजन, चीकस, चिकनै, अन्ठिया, अलगटेंट, उलौंच, गलमोचनी, अखियास, अधलाह, हिस्सक, बिसबिस्सी, बुझनुक, बेकछायब, बिधुआयल, अकान, आकाशकांकोड़़, घिनाओन, अगत्ती, खोंखी, सरियेनाय (संवारना), भुसकौल, छिलमिल्ली, तावड़ी, अंगैठीमोर, बदियल, अकच्छ, डालना (भोजक रसगर तरकारी), बटुक, अबंड, थापर, सटकन, पेना, ढ़ेलफोरा, लंक लऽ कऽ पड़ेनाइ, जुबताकऽ, मरौत काढ़नाई, पजेबा, चोपतनाई, बयस, दुइर, मैऽ, जाउत, जैधी, कनटीर, मुदा, बलौसँ, मुझौंसा, दबारनाइ, भोकासी, गाछ, नीक, लियौन, उठौना, बिदागरी, सराय, चटुआ, ऐँठ, अरिपन-पुरहर, नगहर, पातैर, खैक, तौनका, मौहक, हकार, अफ्स्याँत, बिढ़नी-पचहिया, लोहारि, घोरन, जोरन, चिल्हकौर, छागर, मरर, डम्हैल, बोनाएल, भिनसर, नोंकसी, पसाही, उपैत, धिप्पल, अनेरे, ओगरनाइ, अजबारल, भतबरी सगबरी, झरकल, अइहब, पवनौट, बेसाहनाइ, अलरलरैनी, अझक्के, बैलेनाइ, अनरनेबा, बिरार, पालो, गरदामी, लागैन, ठोकरा, परसन, पारस, समधौत, मठट, बिलैया, धरैन, कमठौनी, खौंझी, अनठेनाइ, नाइद, सोइरी, गुनामुना, बुकनी, नरेंटी, अधक्की, असगन्नी, ओरिका, अपसियांत, छाबा, रिबरिब, कबकब, असगनी, ओरियानी, ओरिका , डिबिया, दियठि , चिनबार , जाबी , अचौना कड़ाम  ,सनटिटही, खपटा-खुपटी , दबिया , खुर , चट्टी , समार, परिकट, चिनवार, जोनपिट्ठा, बरहन जटुआ, कइला, परचट्टा, मिसमिसैल, निरैठ, अछिंजल, निखनात, अधहन, दाउन, सिधहा, सीक-पटइ, हकार, नाैत, अरिपन, पिठार, मुज, गाेनैर, सेज, खाँच, माटिक चक्का, कुरहरि, काेदारि, खुरपी,  हाँसु, टेंगारी, हर, पगहा, जाैरी, रही, सुप, चालनि, छाैंकब, चाैकिठ, केबार, पटिया, झुल, झाेर, झाेरा, अंगा, असगनि, काठके बिलैया(झिटकिली), फटकी, बाध, टाेक, भुसनी, मिसिया, डिविया, गुराँभुस्सा, कुट्टी, लैह, लहठी, पटमासि, धाँसा, काेबर, सपरतिव, छुच्छे, कलौ, इछाइन, अढौनाय, सोहारी, बारहैन, अकान, बथान, धिया, अपैत, उसना, तिमन, तरूआ, जलखय, पारस, बिझोउ, नरेंटी, अधक्की, असगन्नी, ओरिका, अपसियांत, छाबा, रिबरिब, कबकब, हकार, नाैत, अरिपन, पिठार, मुज, गाेनैर, सेज, खाँच, माटिक चक्का, टेंगारी, हर, पगहा, जाैरी, रही, सुप, चालनि, छाैंकब, खरकट्टब, आ उकट्ठी, पैनसोखा, अहियबक फड़, कुलबोड़ना, जनपिट्टा, हेहर, 

तीमन,तीतल, चिनवार, कन्नैल,सोहारी,सिरूआ, माइनजन, ढेकी,उखड़ि समाठ, हरवाही, हड़सठा, हेंगा,जाइठ, सेर,अढैया,पसेरी,कनमा, छटांक, सवैया, पौना, ओठगन, बिरार, हिलोरा, मचकी, खुरचन, खरिहान, दलान, ओलती, दाऊन, जाबी, जोखब, कोड़ब, खरोड़, खर, नमहा, सग तोड़नी, अल्हुआ, सामा, कोदो, डोका, कांकोड़,पनिसोखा, खाट, हाट, बाट, टाट, इनार

रकटले जिनगी बितलौ रे सरधुआ  कोढ़ी futta ।   छिछियाइत रहू ।  हेहरा , लबरा कहीं के, खरकटल l

               हमरा बूझने उकट्ठी शब्द अद्भुत शब्द मैथिली भाषा छोड़ि कुनु भाषामे एहन शब्द नहि।

अपने सबसं सादर निहोरा जे अप्पन मातृभाषा मैथिली के समृद्धशाली शब्दकोश सं आओर शब्द जोड़िकय कृतार्थ करवाक अनुग्रह अवस्से करी।