dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शनिवार, 28 दिसंबर 2013

मिथिलाक चतुथ॔ नाम तिरहुतः कि॓एक..?

मिथिलाक चतुथ॔ नाम तिरहुतः कि॓एक..?

वि० पु०....  

 "गण्डकी तीर मारम्भ चम्पारण्यान्तकं शिवे । 
 विदेह भूः समाख्याता तिरभुक्त मिथः मनुः ।।"
 रामायणः...जेहि तिरहुति तेहि समय निहारी । 
 तेहि लघु लगे भुवन दश चारी ।
 जो सम्पदा निज गृह शोहा ।
सो विलोकि सुरनायक मोहा ।।


१, तीर भुक्त " ऋगवेद, सामवेद, यजुवे॔द" तीनू वेद सँ जतय ब़ाह्मण आहुति दैत होइथ से तीरभुक्त तिरहुत भेल ।


२. तृनाम "शाम्भवी, स्वण॔कानन, तपोवन" सँ भुक्तवान अछि जे प़देश से भेल तिरहुत ।


३. कौशकी, गंगा,तथा गंडक तीर तक भुक्तवान "शेष अछि सीमा जाहि देशक" तकरे तिरहुत कहल जाइत अछि ।


४. तीन गुण "सत्व, रज, तम" आर तीन देव "ब़ह्मा, विष्णु, महेश" सँ भाज्यमान जे देश से भेल तिरहुत ।


५. त्रिराम "वलराम, परशुराम, राम" भुगत भेल हो जाि देश में से भेल तिरहुत ।


६. तृसमिर "शितल, मन्द, सुगन्ध" जतय भोगल जाइत हो से भेल तिरहुत ।


• वाणी कुप सरित सर नाना ।
• सलिल सुधा सम मणि सोपाणा ।
• गुँजत माजु मात्र रस भृंगा ।
• कुजत कल वहु वरण विहंगा ।।


७. तृमत "द्वैत, अद्वैत, विशिष्टद्वैत" भुक्तवान अछि जाहि देश में ओहि देश के तृभुक्त अथा॔त तिरहुत कहल जाइत अछि 


८. चारि वस्तु " धम॔, अथ॔, काम, मोक्ष" में सँ तीन वस्तु "धम॔, अथ॔, मोक्ष" जतय भोगल जाईत हो ताहि देश के तृभुक्त कहल जाइत अछि आ से भेल तिरहुत ।

९. तृताप "दैहिक, दैविक, भौतिक" भुक्तवान अथा॔त समाप्त कएनिहार जे देश तकरा तिरहुत कहल जाइत अछि ।


१०. तृविधकम॔ "संचित, प़ारब्ध, क़ियामाण" मे निष्ठा राखि भोगैत छथि जे देश ताहि देश के तिरहुत कहल जाइत अछि ।

     


जीव कान्त मिश्र, 

अड़ेर,मधुवनी, मिथिला

महासचिव विद्यापति परिषद्,


 सिन्दरी,धनवाद,झारखण्ड

बुधवार, 25 दिसंबर 2013

आखिर मैथिल कियाक मिथिलासन दूर ?

 आखिर मैथिल  कियाक मिथिलासन दूर  ? 

     कखनो काल इ बात के बरा कचोट होइत अइछ जे आखिर मिथिलाक सेलेब्रिटी सब मैथिलि मिथिलाक नाम स दूर किया रहs चाहैत छैथ? आन आन भाषा भाषी जेना बंगाली, मराठी, पंजाबी, तेलगु, तमिल, आसामी, ओडिया एवं प्रकारे सब प्रान्त के सेलिब्रिटी सदेव अपन भाषा आ अपन संस्कृति के सम्मान लेल आगा रहैत छैथ. अतय तक कि भोजपुरी के लेल मनोज तिवारी तक के समर्पण आ योगदान अविश्मरणीय छैन. मुदा मैथिलि के? तकर कारण कि? शायद इ त नई कि मैथिल सेलेब्रिटी आई तक मैथिलि के कारण सेलिब्रिटी नई बनला. ताई ओ मैथिलि के स्नेह रखितो मैथिलि के महत्व नई दई छैथ. तखन त जिम्मेदार हम मैथिल छी.

किछु दिन पहिने इ बात सामने आयल जे मिथिला क्षेत्र के सिनेमा हॉल मैथिलि सिनेमा लगेबा तक स मना का दई छैथ. आ भोजपुरी लेल तुरंत तैयार. इ कारण त बहुत दुखद आ चिंता योग्य अइछ.

कि इ सत्य छई कि मैथिलि सिनेमा पर टैक्स और भोजपुरी टैक्स फ्री? अगर एहन बात छई त इ चिंतन बहुत गम्भीर.

मैथिलि सिनेमा के लेल पूंजी निवेश स पूंजीपति मैथिल किया कात होई छैथ?

कि मिथिला में मैथिल के मोन स मैथिलि के प्रति स्नेह कम भ रहल अइछ? आखिर किया? कारण की? अगर अई में सच्चाई छई त माँ मैथिलि के अस्तित्व के खतराक घंटी बुझी.

कतौ कतौ इहो सुनय में आयल जे मैथिल कलाकार सब के मैथिलि के नाम पर गुमराह कायल जाइत अइछ. हुनक सहयोग लय किछु व्यक्तिगत लोक अपन निजी स्वार्थ शिद्ध सेहो करैत छैथ..

जे किछु हो सायद इ अंतिम मोका के दौर गुजैर रहल जे सब मैथिल जागौथ, सब अपन अस्मिता के रक्षा लेल आगा आबौथ, ठगना सब के चिन्ह सार्थक काज में योगदान करैथ, कियाक की आब नई जागब त पहचान मिटा जायत.

मिथिला राज्य निर्माण सेना के १९ जनवरी २०१४ के कोंस्टीटूशन क्लब, देल्ही में मैथिलि मिथिलाक अस्मिताक पर चिंतन लेल महा सभा के आयोजन में माँ मैथिलि के प्रति हम सब अपन कर्त्तव्य निर्वाहन लेल जरुर पहुंची.....अपनेक उपस्थिति आ सहयोग निश्चित माँ मैथिलि के सम्मान के लेल एक टा सकारात्मक दिशा देत.

मुम्बई 

मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

गाम बदलि रहल अछि


गाम बदलि रहल अछि
समाँग बदलि रहल अछि
छ्नीक सुखक खातीर
लोक चाम बदलि रहल अछि।

गामक फूसक घर
पक्कामे बदलि रहल अछि
शहरक पक्का मकान
टावरमे बदलि रहल अछि।

टीभी रेडिओ
मोबाईलमे बदलि रहल अछि
ब्याहक पबित्र बंधन
लिव इन रिलेशनशिपमे बदलि रहल अछि।

अख़बार आबि गेल नेटपर
चूल्हा गेएशमे बदलि रहल अछि।

पाइ पाइकेँ फरिछोंतमे
भाइ भाइकेँ बदलि रहल अछि
रुपैया नहि आब चौब्बनी अठ्ठनीमे
सिनेह बदलि रहल अछि।

परिभाषा आब सम्बन्धकेँ
खर्चामे बदलि रहल अछि
पिता पुत्रक प्रेम सबहक सोंझा
सराधमे बदलि रहल अछि।

मुखिया बदलि रहल अछि
सरपन्च बदलि रहल अछि
नहि कोनो गामक
समस्या बदलि रहल अछि।

माए कनै छथि एखनो
आँचर तर मुँह नुका कए
अछैते बेटा पुतहु बिनु
नहि हुनक हाथ झरकेनाइ बदलि रहल अछि।

बापक आँखिक नोर
एखनो ताकि रहल अछि
आबि बनेए कियो लाठी
नहि हुनक सपना बदलि रहल अछि।  

@जगदानन्द झा ‘मनु’    

बधाई व अपील

बधाई व अपील


  दिन ब दिन बढैत समस्यासँ निजात पबैक निमित्ते एकजुटता बढा रहल छथि। एक तरफ जेना दिल्लीक हर कोणमे महाकवि विद्यापतिजीकेर स्मृति संग-संग मिथिलाक एक पर एक विभूति - दीना-भद्री, राजा सलहेश, लोरिक समान लोकदेवता सहितकेँ स्मृतिमे अनैत फेरसँ सुदृढ मिथिला निर्माण लेल संकल्प लऽ रहल छथि, तहिना दोसर दिशि राजनीतिक-सामाजिक-सांस्कृतिक लडाई लेल सेहो विभिन्न समूह अपन-अपन काज करबा दिशि ध्यान देबय लागल छथि।

यैह क्रममे दहेज मुक्त मिथिला अभियानक प्रसार सेहो मिथिला, दिल्ली, महाराष्ट्रसँ आब हैदराबाद (आँध्र प्रदेश) तक पसैर गेल। हालहि संपन्न विद्यापति समारोहक सुअवसरपर हैदराबाद प्रभारी श्री संतोष मिश्रा एहि अभियानक बैनर टाँगि आ एकर उद्देश्यसँ जनमानसकेँ परिचित करौलनि। तहिना मुंबईक नालसोपारामे आयोजित काल्हिक बैठकसँ एहि पवित्र मुहिमकेर प्रशंसा युग निर्माण योजना, मथुरा (गायत्री परिवार) द्वारा करैत समस्त देशमे जतय-जतय ई अभियान संचालित भऽ रहल अछि ताहि सब ठाम ओ सब एकरा पूर्ण सहयोग देता से वचन देलैन। जनजागरण लेल दुनू संस्था आपसी सहयोग करत ताहि लेल प्रतिबद्धता प्रकट केलैन। आब ई दायित्व हमरे लोकनिक बनैत अछि जे जतय कतहु मैथिल कनेकबो सक्रिय छी से भारग्रहण करैत एहि अभियानकेँ अपन शहर वा गाम वा जगहपर प्रसार करैत युग निर्माण योजना समान देशक प्रतिष्ठित अभियानसंग सेहो जुडी। एहि लेल इच्छूक सदस्य संपर्क करी: १. श्री मदन ठाकुर - ९३१२४६०१५०, २. श्री राम नरेश शर्मा - ९२२१०७४१४१, ३. संतोष चौधरी - ९९१०६०७७२० वा दहेज मुक्त मिथिला सँ जुडल कोनो अभियानी सँ। दहेज मुक्त मिथिलाक हरेक शाखा पूर्ण स्वायत्तता संग कार्य कय सकैत अछि। पूर्ण आर्थिक स्वतंत्रता सेहो हासिल कय सकैत अछि, सिवाये आवश्यक सदस्यता कोरम संस्थाक विधान अनुरूप पूरा करबाक काज छोडि केन्द्रीय समिति संग कोनो तरहक घीचातीरी नहि रहबाक स्वच्छ परंपराक पालन हम सब करैत छी। शाखा लेल अधिकार वा अन्य कोनो भी विन्दुपर अपन जिज्ञासा जँ हो तँ इमेल पठा सकैत छी: pravin112@hotmail.com पर। कतहु सामूहिक विवाह, दहेज मुक्त विवाह लेल परिचय सभा, दहेज कूप्रथा विरुद्ध जागरण कार्यक्रम, गरीब वा मजदूर वर्ग बेटी सब लेल पूर्ण मुफ्त शिक्षाक व्यवस्थापन - एहि सबहक संग मिथिलाक हर तरहक धरोहरक संरक्षण लेल ई संस्था अपने लोकनि संग हर स्तरपर सहयोग करबाक लेल तत्पर रहत।

मुंबई मैथिलकेर दहेज विरुद्ध एकजुटता


मुंबई मैथिलकेर दहेज विरुद्ध एकजुटता

   
         दहेज मुक्त मिथिला - महाराष्ट्रा द्वारा ,  22-12-2013  मुंबई केर नालसोपाडामे एक महत्त्वपूर्ण बैसार राखल गेल छल।  एहि संस्था द्वारा लैंगिक विभेद अन्त करबाक लेल, बेटीक शिक्षा अनिवार्यरूपे करबैत आत्मनिर्भर बनेबाक लेल आ माँगरूपी दहेज नहि लेबाक-देबाक लेल जोर-शोरसँ प्रचार-प्रसार कैल जाइत अछि। संगहि मिथिलाक विभिन्न धरोहर सबहक संरक्षण लेल वर्तमान सरकारी उदासीनता आ राजनैतिक उपेक्षाक चलतबे स्वस्फूर्त स्वयंसेवासँ लोकमानस द्वारा अपनहि कैल जायत तखनहि मिथिला फेर अपन समृद्धि ओ उत्कर्ष प्राप्त करत - एहेन कठोर प्रतिबद्धताक संग ठाम-ठाम जागृतिमूलक कार्यक्रम ओ समारोह द्वारा अलख जगेबाक काज करैत आबि रहल ई संस्था हालहि महाराष्ट्रमे गठित राज्य समितिक सक्रियतासँ मुँबईवासी मैथिल बीच अभियान तीव्र गतिसँ स्थान पाबि रहल अछि। लोक एहि अभियानकेँ हृदयसँ लगबैत आत्मगौरवक बोध करैत अपन वृत्ति स्वच्छ रखबाक संकल्प लऽ रहल छथि आ एहि संस्थाक अभियान संग अपनाकेँ जोडि रहल छथि। 
     "मात्र ४ महीनाक छोट अन्तरालमे २ महत्त्वपूर्ण शाखा खोलि चुकल दहेज मुक्त मिथिला अपन लक्ष्य हर बेटी लेल शिक्षा आ दहेज प्रथाक अन्त लेल विभिन्न योजना बनबैत आगू बढि रहल अछि।" कहैत छथि संस्थाक महाराष्ट्र अध्यक्ष संजय मिश्रा। ज्ञातब्य हो जे २८-०७-२०१३ केर पहिल बैसारसँ ई संस्थाक महाराष्ट्र ईकाइ गठन भेल छल। एहिमे फेसबुकसँ जुडल बहुते रास मिथिला-मैथिली चिन्तक अपन सुन्दर सूझ-बूझसँ धरातलपर अभियान संचालन करबाक संकल्प लेने छलाह। "मिथिलाक हेराइत गौरवकेँ फेर वापसी करबायब, एहि लेल दृढ संकल्पित छी। समाजक हरेक वर्गमे समानता, मैथिली भाषाक मधुर-मिठाससँ परिचय आ मिथिलाक विकास लेल मिथिला राज्य प्रति सदैव समर्पित रहब।" ई विचार रखैत छथि दहेज मुक्त मिथिला प्रवक्ता राम नरेश शर्मा जे अनेको मैथिली-मिथिला अभियानकेर संचालक-सहयोगी सेहो छथि। संस्था लेल समर्पित दीपक खाँ, लालबाबु शर्मा, रंजित झा, करुणेश निशेष, वी. एन. झा आ नमो नारायण मिश्र सहित सैकडों अभियानी हाल धरि जुडिकय अभियानकेँ व्यापकता प्रदान कय रहल छथि। "एहि अभियानक पवित्रता देखि - नारी प्रति समुचित सम्मानक बात सुनि समाजक हर वर्ग चाहे मैथिल वा मराठी, सब कियो हृदयसँ स्वागत कय रहल छथि। हम धर्म-कर्मसँ जुडल रहैत मानव समाज लेल एहि पवित्र उद्देश्य लेल निरन्तर काज करब आ निश्चितरूपेण मिथिलाक गौरव दहेज मुक्त समाज बनेलासँ हेतैक।" अपन विचार रखैत छथि संस्थाक संरक्षक पंडित धर्मानन्द गुरुजी। 



    दहेज मुक्त मिथिला जेकर स्थापना ३ मार्च, २०११ ई. मे फेसबुक पर उपस्थित मैथिल युवासमूह द्वारा कैल गेल छल - संस्थापक सदस्य व राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज झा स्वयं मुंबईमे रहैत छथि आ मिथिला लेल हर अभियानमे अपन तन, मन आ धन सँ योगदान देबाक हिनक विशिष्ट प्रतिभासँ मिथिला समाज, मराठी समाज सब आह्लादित अछि। "समूचा भारतमे ई अभियान पसरय ताहि लेल आह्वान करैत छी। हमर मिथिलाक पौराणिक कालसँ वर्तमान काल धरि एक अलग पूर्ण संस्कृति-सभ्यताक रूपमे रहल अछि। संसारमे के नहि जनैत अछि जे सीता मिथिलाक बेटीरूपमे पृथ्वीपर अवतार लेने छलीह। जनक समान विदेह कहौनिहार हमरा लोकनिक राजा होइत रहलाह अछि। मूर्त-अमूर्त आइयो हमरा सबहक राजा जनकहि छथि। भारतक संविधानसँ मैथिली एतेक देरी सँ मान्यता पौलक, नहि जानि राज्यरूपमे स्वशासन करबाक अधिकार संविधानसँ कहिया भेटत। लेकिन स्वयंसेवासँ विकास करबाक लेल हम सब सक्षम छी आ से करैत रहब।" उद्गार प्रकट करैत राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज समस्त भारतक मैथिलसँ एहेन प्रतिबद्धता निर्माण लेल आह्वान करैत छथि।
   काल्हि मैथिली अधिकार दिवसपर आयोजित नालसोपाराक बैसारमे ओहि ठामक नगर सेवक श्री भरत मकवाना केर प्रमुख आतिथ्य रहल छल। तहिना गायत्री परिवार केर अधिकारी सेहो अपन उपस्थिति रखलैन। हिनका लोकनि द्वारा हर तरहें संस्थाकेँ सहयोग करैत समाजसँ गन्दगी सफाई अभियान लेल निरंतर सहयोग देबाक घोषणा कैल गेल। तहिना मैथिल समाजक अनुपम उपस्थिति जाहिमे अनुप सत्यनारायण झा, धर्मेन्द्र झा, कृष्णकान्त झा अन्वेषक, इन्दिरा देवी, पुनीता शर्मा सहित दर्जनों लोककेर उपस्थिति रहल छल।