dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शुक्रवार, 30 सितंबर 2011

अंदाज ए मेरा: बुआ जी की विदाई

अंदाज ए मेरा: बुआ जी की विदाई: साहित्‍य वाचस्‍पति श्री पदुमलाल पुन्‍नालाल बख्‍शी की द्वितीय कन्‍या श्रीमती सरस्‍वती देवी श्रीवास्‍तव का पिछले दिनों निधन हो गया। सरस्‍वत...

गुरुवार, 29 सितंबर 2011

अभय कान्त झा दीपराज के मैथिली गीत -



बड़भागी हम मिथिलावासी.......


बड़भागी हम मिथिलावासी. एहि धरती सन माय कतय |
जेहि आँगन जगदम्बा बेटी, पाहुन राम जमाय जतय ||

पग - पग पोखरि, पान - मखानक और धानक भण्डार भरल |
गंगा - गंडक, कमला - कोसी, अमृत सन जलधार भरल ||
बुद्धि - विवेक, ज्ञान और बल के, परचम नित फहराय जतय |
जेहि आँगन जगदम्बा बेटी, पाहुन राम जमाय जतय ||१||

कालीदास, मदन, विद्यापति, मंडन और अयाचिक धाम | 
एहि आँगन में उगना भोला, एहि आँगन चाणक्य ललाम || 
गौतम-कपिल-जनक के तप बल, छाया बनिकय छाय जतय |
बड़भागी हम मिथिलावासी. एहि धरती सन माय कतय ||२|| 

सादा - सरल - सरस - शुचि भोजन, चूड़ा-दही, साग और भात |
मज्जन-पूजन, संध्या वंदन, नैतिक-चिंतन, सबहक बात ||
पावन और पवित्र मानवता, नित-प्रतिदिन अधिकाय जतय | 
जेहि आँगन जगदम्बा बेटी, पाहुन राम जमाय जतय ||३||

धर्मक - धुरी धरा मिथिला के, सभ्य समाजक ई सिरमौर |
करब प्रयास सदा हम सब ई- एहि के गौरव बढ़य और ||
धर्म नैं कहियो जाय एतय सँ, पाप नष्ट भय जाय जतय | 
बड़भागी हम मिथिलावासी. एहि धरती सन माय कतय ||४||

बड़भागी हम मिथिलावासी. एहि धरती सन माय कतय |
जेहि आँगन जगदम्बा बेटी, पाहुन राम जमाय जतय ||


               रचनाकार - अभय दीपराज

बुधवार, 28 सितंबर 2011

अंदाज ए मेरा: बमलई देवी.....

अंदाज ए मेरा: बमलई देवी.....: .छत्‍तीसगढ राज्‍य की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान मां बम्‍लेश्‍वरी की धरा पर आज से पूरे आठ दिनों तक आस्‍था का सैलाब उमडेगा। साल भर मां के दर...

सोमवार, 26 सितंबर 2011

शोराथ सहभा के चल-चित्र

चलु देखैत छि शौरथ सहभा के सम्मलेन कोना की भेल और होइत अछि , जे अपन मिथिला के धरोहर अछि ,एकर मान सम्मान कोना की भा रहल पार्ट ?

पार्ट - 1




पार्ट - २




part -3


रविवार, 25 सितंबर 2011

अंदाज ए मेरा: जब जानवर कोई इंसान को मारे.... वहशी उसे कहते हैं स...

अंदाज ए मेरा: जब जानवर कोई इंसान को मारे.... वहशी उसे कहते हैं स...: 1706। ये अधिकृत आंकडा था आज दोपहर करीब सवा दो बजे से पहले। जी हा ! भारत में बाघ यानि राष्‍ट्रीय पशु की मौजूदगी का आंकडा। सवा दो बजे के बा...