dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

हे प्रियतम जुनी तजी ।। रचना - कविता झा


          (गीत)

हे प्रियतम जुनी तजी,
जाहू विदेश-2
होई तहि सांझ निशा,
पुनि आयत,
रहब कोना निश्चिंत।
हे......
पिया बिनु दुर्दिन,
सद ती जे लगाए-2
धरके हिया मन,
रहि-रहि भागे,
सोचीतहि होई अछि पीर
हे........
कारी मेघ घटा घन गरजे-2
बरसे बदरा बिजली छिटके,
लगाए सब विपरीत।
हे.................
                      कविता झा


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