dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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रविवार, 31 जुलाई 2011

हैंस दिय कनियाँ@प्रभात राय भट्ट

हैंस दिय हैंस दिय कने  हैंस दिय कनियाँ
देखू लौनेछी कनियाँ अहांलेल पैरक पैजनिया
महफा में बैठ चलू कनिया आई हमरा अंगना 
अहांके अईन्देव सजनी हम जयपुर के कंगना

कान दुनु सोन हम अहांके देव रे झुलनियाँ
नाकमें देव रे सजनी सानिया कट नथुनिया
छम छम बाजैय गोरी अहांक पैरक पैजनिया
लाखोमें एक अहां छि हमर सुनरी दुल्हनिया

खन खन खन्कैय अहांक  हाथक चुरी  कंगना
चलू चलू  चलू  कनियाँ  यए आई हमरा अंगना
मोती जडल लहँगा पैर लाले लाल चुनरिया
लागैछी अहां धनि पूर्णिमाके चाँद सन दुतिया

हैंस दिय हैंस दिय कने  हैंस दिय कनियाँ
देखू लौनेछी कनियाँ अहांलेल पैरक पैजनिया
अहाँ लेल मोन हमर कटैय दिन राईत अहुरिया
माईनजाऊ बात गोरी कहैय प्रभात जनकपुरिया

रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट

शुक्रवार, 29 जुलाई 2011

दहेज मुक्त मिथिला के तरफ सँ विभिन्न नगरके -- कार्यकर्ता ( बहुत गोटे स्वयं जिम्मेवारी लेने छी )


 
दहेज मुक्त मिथिला के तरफ सँ विभिन्न नगरके जे चार्ज बहुतो जुड़ल सदस्य सभ लेने रही से अपन-अपन नेतृत्वमें किछु-किछु कार्यक्रम घोषणा करै जाइ। एहि सँ सभके संस्थाके वर्तमान प्रगति, सौराठके सफल आयोजन, पंजियन लेल बाकी काज, वर्तमान उद्देश्य आ आगामी दिल्ली कार्यक्रम एहि प्रमुख विन्दुपर सभके जानकारी सेहो दऽ देबैन आ संगहि सभके नैतिक जागरण करैत एहि... मूहिममें जुड़य लेल आग्रह करबनि। हम स्मरण कराबय लेल चाहब:

१. सोनु मिश्रा, पटना (आइ के दिनमें अहाँके कृष्णानन्दजी सेहो सहयोग करताह।)
२. राजु ठाकुर, मद्रास
३. अमित झा, बंगलौर
४. विकास झा, जमशेदपुर
५. अरविन्द झा, कलकत्ता (राघवेन्द्रजी सेहो सहयोग करताह।)
६. अभिषेक आनन्द, दिल्ली (राघवेन्द्रजी, संतोषजी, विभिन्न मित्र सभ सेहो सहयोग करताह।)
७. मदन ठाकुर, नोएडा
८. पंकज भाइ, मुंबई (जितमोहनजी आ संदीपजी सेहो सहयोग करताह - ओनाहू अहाँ पहिले सऽ निर्णय केनहिये छी जे कार्यक्रम करबैक।)
९. राकेश रौशन, वाराणसी (सहयोग के आकांक्षा रहलापर आरो कार्यकर्ता देल जा सकैत अछि।)
१०. चन्दन झा, रायपुर
११. प्रकाश भाइ, मधुबनी
१२. प्रवीण चौधरी, बिराटनगर (एवं अन्य - यथासंभव)
१३. पवन झा, जनकपुर
१४. देवेन्द्र मिश्र, राजबिराज
१५. धीरेन्द्र भाइजी, काठमाण्डु संग अन्यत्र
१६. अजित भाइजी, लेखक बीच एवं अन्यत्र
१७. कुञ्जबिहारी मिश्रजी, अपन प्रत्येक कार्यक्रम में
१८. सियाराम झा सरस, अपन कार्यक्रम में
१९. डा. देवेन्द्र झा, अपन कार्यक्रम में
२०. सत्यानन्द पाठक, गुवाहाटी
२१. संजय घोष, सिलिगुड़ी एवं भूटान

एतेक सदस्य एवं गणमान्य लोकनि जाहिमें बहुत गोटे स्वयं जिम्मेवारी लेने छी से हमरा स्मरण अछि - यदि किनको कोनो प्रकारके असुविधा होय तऽ जानकारी दी जाहि सँ वैकल्पिक व्यवस्था देखल जाय। किछु सदस्यके नाम हम बिसैर गेल होइ तऽ अपनहि जानकारी देब। संगहि बहुतो महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व सभ संग एखन सम्पर्कके सिलसिला चलिये रहल अछि। समय-समय पर जानकारी दैत रहब। सभ गोटे मिलिके यथार्थके धरातलपर दहेज मुक्त मिथिलाके अभियानके जोर-शोर सऽ चलाबी से आग्रह।

योजनानुसार मिथिलाके हर गाम में हमरा लोकनिक प्रवेश आ संगठन निर्माण सेहो छल जे पंजियन में देरी के कारण लटकल अछि। पंडित विश्वमोहन चन्द्र मिश्रजीके अध्यक्षतामें एक पंजिकार भ्रमण टोलीके गठन के बात सेहो छल जाहि लेल दिल्लीके कार्यक्रम उपरान्त आवश्यक पहल होइक से जानकारी देबय चाहब।

अपने लोकनि सँ आग्रहजे अपन विचार सेहो निरंतर दैत रहियौक।

जय मैथिली! जय मिथिला!!

हरिः हरः!! 

गुरुवार, 28 जुलाई 2011

चन्द्रमुखी@प्रभात राय भट्ट

चन्द्रमुखी  यए  मृगनयनी चानिपिटल  देह  पिक्वैनी 
अहां घोघ  नए  गिराऊ सजनी  हमरा  देखदिय
रूप अहांक चम् चम् चम्कैय जेना चमके सितारा
देख अहांक रूप सजनी मोन भेलै हमर आवारा
अहां घोघ तर सँ मुस्की मरैय छि चौवनी
मोहिलेली मोन सजनी अहां हमर सोरहनी


चन्द्रमुखी  यए  मृगनयनीचानिपिटल  देह  पिक्वैनी 
अहां घोघ  नए  गिराऊ सजनी  हमरा  देखदिय
भेलू हम घायल अहांक नजरियाकें वाण सँ
जुनी तडपपाऊ सजनी मैर ज्याब हम प्राण सँ
सोलहो श्रींगार साजल अंग अंग अहां  के
करैय ईशारा हमरा मदमातल उमग अहां के
 
 
चन्द्रमुखी  यए  मृगनयनीचानिपिटल  देह  पिक्वैनी 
अहां घोघ  नए  गिराऊ सजनी  हमरा  देखदिय
रंगविरंगक  फुल सँ साजल अछि आजुक सेज
रसपान कराऊ सजनी प्यास लागल अछि तेज
सोनपरी सन काया देखि मोनमे उठल हिलोर
यी सोहनगर राईत फेर नै भेटत भेल जैइय भोर

 रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट

बुधवार, 27 जुलाई 2011

फेसबुकिया चौक

बनि रहल छै मिथिलाक विकासक प्रोजेक्ट

जुरि रहल छै गाम-शहर आ देश विदेश

फेसबुकिया चौक पर भय रहल सब तय

बुझियौ मिथिला विकसित भय गेल्।



फेसबुकिया चौक पार हमहू रही गेल,

गप्पी महन्थ सब स भेंट भेल,

कतेको आचार्य, कतेको प्राचार्य,

कतेको शंकराचार्य स परिचय भेल

गौरब संग चित्त प्रफुल्लित भेल्,

बुझियौ मिथिला विकसित भय गेल्।



फेसबुकिया चौक पर, किछु कर्ता,

बहुते वक्ता आ अनेको उचित वक्ता,

किछु अघोरी कहैथि, मानू, नहि त थुकी देब,

किछु के बीच राँरी-बेटखौकी,

किछु के बीच हथा-पही, सिना-जोरी,

एहि चौक पर कतेको खो्चाहल बाँस गारि देल,

बुझियौ मिथिला विकसित भय गेल्।

बुझियौ मिथिला विकसित भय गेल्।----2




कृपानन्द झा, सर

मंगलवार, 26 जुलाई 2011

कियो भेल अछि अवाद@प्रभात राय भट्ट



कियो भेल अछि अवाद@प्रभात राय भट्ट

कि कहू यौ बाबु भैया  कोना हम जिबैछी,
आईखक नोर  घुईट घुई ट हम पिबैछी,
बेईमान सँ बैच क रहू दैतछि हम यी सम्वाद,
कियो भेल अछि अवाद करी कें हमरा बर्वाद,
फुल गुल सँ भरल बगीचा भगेल विराना 
पतझर जीवन देख आब मरैय सब ताना 
बात बात पैर नाक फुला देय सब उलहना 
चोट पैर चोट मरैय देखू निठुर जमाना  
कियोभेलअछिआबाद करीकें हमरा बर्वाद 
कोना चिन्हु चेहरापैर सब लगौने अछि नकाब
कोना करू दोहरी चरित्र क मनुखक हिसाब,
आदमी की चिन्हैयमें धोखा खा जाईत छि
सभकिछु गामा क मोने मोन पचताईछि
गिरगिट जिका बहुरुपिया रंग फेरैत जाईय
पग पग हमर भरोषाके खून करैत जाईय
कियो भेल अछि अवाद करिकें हमरा बर्वाद  

   रचनाकार:-प्रभात राय भट्ट