dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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सोमवार, 3 अगस्त 2015

इतिहास

इतिहास

लिखब आब नबका खिस्सा यो। रचब आब
नबका इतिहास यो ।
गाम गाम में नगर नगर में। फेलाय्व नबका
इजोत यो।
रिधि सिध्दि भय गेल मिथिला से । भय
गेल कोश दूर यो ।
सांति के खा गेल।
मिल के सब कुर्र्र यो मिटायब भूख भय
संसय।
लोकक मोन से।
लिखब नया इतिहास यो।
महगाई डाईन मुहँ फारने। बिकराल यो।
धुरंधर महा रथी सब बजा रहल अछि मिल
के गाल यो।
माँ मिथिला के सब मिलके बना रहल
अछि ग्रास यो।
लिखब नया इतिहास यो।
घमासन मचल अछि चहुदिस
लुट खसोट के।
कियो खाईये घी मलीदा।
कियो मरुवा रोटी यो।
असली मालिक अछि जनता
बनल अछि दास यो
वडू आगू पवन  संग मिथिला वासी
लियय नया संकल्प यो।
घर घर में दहेज़ के आगि केने अछि लाचार
यो।
मस्ती में जी रहल अछि नेता सब चमचा सब
माला माल यो।
जे जतेक उपर वेशल अछि
ओ ओतेक प्यासल यो

रविवार, 2 अगस्त 2015

अपन ह्रदय के आकश बनाऊ
बंद करू,
एक दोसर के,
प्रताड़ित करव,
अपन अहँकार स,
एक दोसर के झरकैब,
याद राखु,
अंततः अहाँ ,
स्वयं के दुखी करैत छी,
कोणठा  में नुका-नुका कनै छी,
मरल मूस के कतवो झापव,
दुर्गध घेरवे टा करत,
ओही स्मृति पर नै इतराउ,
जे अहाँक खुशी के ग्रसने अई,
"बिसरू" अ खुद के सुखी करू,
एक टा बात पुछू ?
खिसियाब त नै ?
कहीं अहाँ भीतर स डेरैल त नै छी,
अपने बात में हेरैल त नै छी,
अपने अइन ओझरैल त नै छी,
कहीं अपने व्यवहार स अशांत त नै छी,
लोक पर त जादू चला लेब,
मुदा भीतर के शर्मिंदगी स केना बचव,
खाली करू स्वयं के भीतर स,
साफ करू स्वयं के भीतर स,
एक बेर चुप रहै के,
प्रयाश त करू भीतर स,
लोक के चुप करेनाई बड्ड आसान छै,
स्वयं के बड्ड कठिन,
एक बेर स्वयं के पुछियौ त सही,
की सचमुच अहाँ के निक लगैया,
जहन लोक अहाँ  स डेराइया,
कही अहाँ अई भ्रम में त नै छी,
जे अहाँक धौंस स,
अहाँक कायरता झपाइया,
खुद के बुरबकी स उबरु,
आ कनि ऊपर देखियौ,
खुला आसमान,
किछ फुसफुसा क,
अहाँक कान में कहैया,
हठ छोड़ू,
दुनू हाथ फैलाऊ,
अपन ह्रदय के आकश बनाऊ,
आ सब पर अपन अमृत बरसाउ,🚩🇮🇳

बेलगोबना

Message to Belagobanaa!!
बेलगोबना रे बेलगोबना…..
अगबे फोटो टा नहि देखे रे बेलगोबना
बेलगोबना रे बेलगोबना!!
समाचार सब पढे मिथिलाके
राखे ध्यान मे गाम सदा,
कतबू घरवाली लगे मे छौ
गाम मे मैथिली मर्यादा!!
एना जुनि बहको रे बेलगोबना!
बेलगोबना रे बेलगोबना!!
खुजलौ मैथिली जिन्दाबादक
वेबसाइट बस तोरहि लेल,
नहि चाही आरो किछु फूद्दू
जोड़ि राखि बस मिथिलालेल!
एना नहि बिसरो रे बेलगोबना!
बेलगोबना रे बेलगोबना!!
पठो खबैड़ कोनो मैथिल केर तूँ
चाहे गाम हो या परदेश,
जे देबाद छौक पठा सनेशा
बैठल-बैठल निज स्वदेश!
मैथिल रंग राँगे रे बेलगोबना!
बेलगोबना रे बेलगोबना!!
नोट: बेलगोबना माने जे अपन संस्कृति आ मैथिलत्वकेँ परित्याग कय बस आनक भाषा, भेष आ रंग केँ बेसी बढाबा दैत अछि – ओकरा लेल मैथिली जिन्दाबादक खास संदेश!!🚩🇮🇳

संगी

मैथली कबिता :-संगी

(संगी)
संगी वयाह होइय जे हरेक दुख,शुखमे संग दैय
अपने ब्यथा जका संगिक बेदना बुझैय संगी!
हमार जिबनक शासक आधा हिशायै संगी!
हरेक कुण्ठा आ पिराके हैश,खेलक बितादैया संगी!
बुइझ नै पवैछी जीवनक हरेक हिशाके,
बुझबाक प्रयत्न करैछी त् हमर जीवनक जान यै संगी!
संगी वयाह होइय जे हरेक दुख,शुखमे संग दैय
अपने ब्यथा जका संगिक बेदना बुझैय संगी!
भाब बिभोर भेनऊ संगिक संग देख,
जिन्दगीक हरेक डेग्पर संगदैय संगी!
अपन जिन्दगीक अन्तिम समयतक संग देबऊ तॊरा,
बिचलित नैहो,अनेको बातक भरोशा दैय संगी!
संगी वयाह होइय जे हरेक दुख,शुखमे संग दैय
अपने ब्यथा जका संगिक बेदना बुझैय संगी!
एक्छन जखन दुर होइछि,सोइच परैछी किछ बात,
कत भेटत् एहन संगी,जे संगदेत सैदखन संगी!
कोना जिबपयात लॊक्शब,सृशटीक एहन रचनामे,
जिन्दगीक हरेक संघर्ष नै झेल्पयात बिना संगी,बिना संगी!
संगी वयाह होइय जे हरेक दुख,शुखमे संग दैय
अपने ब्यथा जका संगिक बेदना बुझैय संगी!!!!!🚩🇮🇳

शनिवार, 1 अगस्त 2015

मैथिली साहित्य महासभा -दिनांक 02.08.2015

मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली केर तत्वावधान में प्रथम विद्यापति स्मृति 

     व्याख्यानमाला में अहाँ सब गोटे सादर आमंत्रित छी .... 

   दिनांक 02.08.2015 ........

  समय :- 3:30 बजे स साँझ के 6:30 धरि....

   स्पीकर हॉल, कांन्सटिट्यूशन क्लब , 

     नई दिल्ली ............. “

  जय मिथिला, जय मैथिली” सब गोटेक सहभागिता अपेक्षित अछि