dahej mukt mithila

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सोमवार, 8 अगस्त 2022

कतेक जिबैए मैथिली -

 कतेक जिबैए मैथिली -

 *जय मां मैथिली* 

मैथिली भाषामे किछु एहन शब्द सब अछि  जे प्राय: आन कोनो भाषा मे  नहि भेटैछ। 

जेना :--

हकासल-पियासल, हुकरब, हॉक देब, हकार देब, रोमब, हहायल-फुफुआयल, अपसियाँत, कपड़ा खीचब, अधहन, हकमब, तितब, अपैत, ऐंठार, असगनी,

चिनबार, पनपथिया,  ओरिका, सजमैन,  गाँती , सरबा ,घैलसीरी,  पिठार, घाइट,  जाईठ, दौनी तौनी,  सरिपहुँ, कछमछ,  लिलोह, अगरजित्त, अरिपन, ओगरब, कोकनब, सिहकब, निहोरा, उफाँट, उचक्का, उकासी, उबेर, बपजेठ, लगही, अगरजीत, मुन्हाईर, अलक्ष , खापैर, लाडैन, लाड़ूबातू, अपसियाँत, हकासल, तीतल, बितपैन, पाकल परोड़, ओरिआओन, दुधकट्टू, मेजन, चीकस, चिकनै, अन्ठिया, अलगटेंट, उलौंच, गलमोचनी, अखियास, अधलाह, हिस्सक, बिसबिस्सी, बुझनुक, बेकछायब, बिधुआयल, अकान, आकाशकांकोड़़, घिनाओन, अगत्ती, खोंखी, सरियेनाय (संवारना), भुसकौल, छिलमिल्ली, तावड़ी, अंगैठीमोर, बदियल, अकच्छ, डालना (भोजक रसगर तरकारी), बटुक, अबंड, थापर, सटकन, पेना, ढ़ेलफोरा, लंक लऽ कऽ पड़ेनाइ, जुबताकऽ, मरौत काढ़नाई, पजेबा, चोपतनाई, बयस, दुइर, मैऽ, जाउत, जैधी, कनटीर, मुदा, बलौसँ, मुझौंसा, दबारनाइ, भोकासी, गाछ, नीक, लियौन, उठौना, बिदागरी, सराय, चटुआ, ऐँठ, अरिपन-पुरहर, नगहर, पातैर, खैक, तौनका, मौहक, हकार, अफ्स्याँत, बिढ़नी-पचहिया, लोहारि, घोरन, जोरन, चिल्हकौर, छागर, मरर, डम्हैल, बोनाएल, भिनसर, नोंकसी, पसाही, उपैत, धिप्पल, अनेरे, ओगरनाइ, अजबारल, भतबरी सगबरी, झरकल, अइहब, पवनौट, बेसाहनाइ, अलरलरैनी, अझक्के, बैलेनाइ, अनरनेबा, बिरार, पालो, गरदामी, लागैन, ठोकरा, परसन, पारस, समधौत, मठट, बिलैया, धरैन, कमठौनी, खौंझी, अनठेनाइ, नाइद, सोइरी, गुनामुना, बुकनी, नरेंटी, अधक्की, असगन्नी, ओरिका, अपसियांत, छाबा, रिबरिब, कबकब, असगनी, ओरियानी, ओरिका , डिबिया, दियठि , चिनबार , जाबी , अचौना कड़ाम  ,सनटिटही, खपटा-खुपटी , दबिया , खुर , चट्टी , समार, परिकट, चिनवार, जोनपिट्ठा, बरहन जटुआ, कइला, परचट्टा, मिसमिसैल, निरैठ, अछिंजल, निखनात, अधहन, दाउन, सिधहा, सीक-पटइ, हकार, नाैत, अरिपन, पिठार, मुज, गाेनैर, सेज, खाँच, माटिक चक्का, कुरहरि, काेदारि, खुरपी,  हाँसु, टेंगारी, हर, पगहा, जाैरी, रही, सुप, चालनि, छाैंकब, चाैकिठ, केबार, पटिया, झुल, झाेर, झाेरा, अंगा, असगनि, काठके बिलैया(झिटकिली), फटकी, बाध, टाेक, भुसनी, मिसिया, डिविया, गुराँभुस्सा, कुट्टी, लैह, लहठी, पटमासि, धाँसा, काेबर, सपरतिव, छुच्छे, कलौ, इछाइन, अढौनाय, सोहारी, बारहैन, अकान, बथान, धिया, अपैत, उसना, तिमन, तरूआ, जलखय, पारस, बिझोउ, नरेंटी, अधक्की, असगन्नी, ओरिका, अपसियांत, छाबा, रिबरिब, कबकब, हकार, नाैत, अरिपन, पिठार, मुज, गाेनैर, सेज, खाँच, माटिक चक्का, टेंगारी, हर, पगहा, जाैरी, रही, सुप, चालनि, छाैंकब, खरकट्टब, आ उकट्ठी, पैनसोखा, अहियबक फड़, कुलबोड़ना, जनपिट्टा, हेहर, 

तीमन,तीतल, चिनवार, कन्नैल,सोहारी,सिरूआ, माइनजन, ढेकी,उखड़ि समाठ, हरवाही, हड़सठा, हेंगा,जाइठ, सेर,अढैया,पसेरी,कनमा, छटांक, सवैया, पौना, ओठगन, बिरार, हिलोरा, मचकी, खुरचन, खरिहान, दलान, ओलती, दाऊन, जाबी, जोखब, कोड़ब, खरोड़, खर, नमहा, सग तोड़नी, अल्हुआ, सामा, कोदो, डोका, कांकोड़,पनिसोखा, खाट, हाट, बाट, टाट, इनार

रकटले जिनगी बितलौ रे सरधुआ  कोढ़ी futta ।   छिछियाइत रहू ।  हेहरा , लबरा कहीं के, खरकटल l

               हमरा बूझने उकट्ठी शब्द अद्भुत शब्द मैथिली भाषा छोड़ि कुनु भाषामे एहन शब्द नहि।

अपने सबसं सादर निहोरा जे अप्पन मातृभाषा मैथिली के समृद्धशाली शब्दकोश सं आओर शब्द जोड़िकय कृतार्थ करवाक अनुग्रह अवस्से करी।

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