dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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मंगलवार, 10 जनवरी 2017

दहेज मुक्त मिथिलाक अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक संग साक्षात्कारः सृष्टि दैनिक




दहेज मुक्त मिथिला - नेपाल तथा भारत मे संयुक्त रूप सँ कार्यरत मिथिला समाज मे दहेज प्रथाक विरोध मे अभियानरूप मे चलयवला संस्थाक अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी संग साक्षात्कारः

१. अपने सभक संस्था समाज सँ दहेज उन्मूलनक लेल कोन ढंग सँ काज कय रहल अछि?
उ. दहेज मुक्त मिथिला मूल रूप सँ सोसल मीडिया सँ आरम्भ भेल एकटा क्रान्ति थीक। एकर लक्ष्य छैक जे वर्तमान शिक्षित युवा पीढी केँ एहि प्रथाक दोष पर बेसी सँ बेसी चर्चा करबाक लेल उकसायल जाय - आर एकर नकारात्मक स्वरूप सँ दूरी बनेबाक लेल प्रेरित कैल जाय। हलांकि आब ई अभियान सोसल मीडिया सँ यथार्थ धरातलपर सेहो उतैर चुकल अछि ठाम-ठामपर। भारतक मुम्बई, दिल्ली, गुआहाटी, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, पटना, जमशेदपुर, बनारस, कानपूर, राँची सहित अनेको ठाम तथा नेपाल मे विराटनगर, राजविराज, लहान, जनकपुर, बीरगंज, काठमांडु, इनरुवा, भारदह आदि स्थान मे एहि अभियान सँ जुड़ल लोकसब जमीनपर सेहो एकरा उतारलैन अछि। मुख्य रूप सँ "माँगरूपी दहेज केर प्रतिकार" हेतु 'आत्मसंकल्प' लेब एहि अभियानक कार्यरूप होएछ। समाजक हरेक उमेर केर लोक सँ माँगरूपी दहेज नहि लेब नहि देब, न अपन धिया-पुता मे लेब या देब आ नहिये एहेन माँगिकय लेल गेल दहेज केर विवाहोत्सव मे सहभागी बनब - ई संकल्प लियाओल जाएछ। तहिना जे कियो बिना मांगरूपी दहेज केर विवाह करैथ हुनकर यशगान करब, समाज मे हुनकर इज्जत-प्रतिष्ठा बढेबाक लेल समारोहपूर्वक सम्मान देबाक काज सेहो दहेज मुक्त मिथिला द्वारा कैल जाएछ। एकर अतिरिक्त मैथिली भाषा व मिथिलाक धरोहर संरक्षणार्थ आम जागृति करैत अप्रत्यक्ष रूप सँ सेहो दहेज प्रथाक कूरीतिपर प्रकाश दैत पुनः आत्मसंकल्प लेबाक प्रेरणा देल जेबाक काज एहि संस्था-अभियान द्वारा कैल जाएछ।
२. दहेज केँ कोन ढंग सँ परिभाषित करैत अछि?
उ. दहेजक परिभाषा विवाह पूर्व माँग करब, शर्त राखब, जबरदस्ती करब, बेटीवलाक आर्थिक क्षमता सँ बाहर जाय कोनो तरहक विध-व्यवहार पूरा करबाक धौंस देब, आदि केँ मानैत छी। ई सब बात एक्के टा 'माँग' जे वरपक्ष कन्यापक्षपर बलजोरी थोपैत अछि, तेकरे दहेज कहल जाएत छैक। संवैधानिक भाषा मे सेहो दहेजक परिभाषा यैह छैक। बाकी स्वेच्छा सँ कन्यापक्ष अपन कन्याक विवाह लेल केहेन घर-वर करत आर ताहि लेल कतेक खर्च करत, भले नगदे अपन जमाय-बेटी केँ कियैक नहि गानत, कतबो साँठ आ भार - उपहार आदि कियैक नहि साँठत, ई सब दहेज केर रूप मे हम सब नहि गानैत छी। तैँ, कियो टकाक बलपर बेमेल विवाह कराबय, ओतय बेटीवलाक सेहो दोख देखैत छी। लेकिन नीति सँ बान्हल जतय-कतहु स्वेच्छा सँ कोनो तरहक लेन-देन भेल अछि तेकरा हम सब दहेज एकदम नहि मानैत छी आर समाजक नीति-नियतिपर छोड़ि मात्र माँगरूपी दहेजक प्रतिकार लेल जनजागरण हमरा सभक अभियान अछि।
३. एहि संस्थाक सांगठनिक स्वरूप कि छैक?
उ. ओना तऽ आर संस्था जेकाँ ईहो भारत व नेपाल जतय-जतय मैथिल (मिथिलावासी) समाज रहैत अछि ओहि सब ठाम काज करबाक लेल दिल्ली आ राजविराज दुइ ठाम पंजीकृत रहैत कार्यकारिणी समितिक संग कार्यरत अछि, लेकिन सोसल मीडिया सँ जन्म भेल एहि संस्थाक संगठन सँ बेसी 'अभियान'रूप मे स्थापित होयबाक बात बेसी महत्वपूर्ण छैक। अहाँ कतहु रहू, दहेज मुक्त मिथिलाक अभियान संग जुड़िकय एकर नारा केँ अपनेबाक लेल समाजक हरेक वर्ग, जाति, धर्म, समुदायक लोक केँ प्रेरित कय सकैत छी। एहि वास्ते अहाँ स्वायत्तशासी संगठन अपन क्षेत्र लेल स्वयं गठन कय सकैत छी। सदस्यता बाँटि सकैत छी। समाज मे भऽ रहल दहेज मुक्त विवाह केँ सम्मान देबाक अछि। दहेजक माँग भेल शिकायत भेटलापर माँग कएनिहार पक्ष सँ वार्ता करैत आपस मे बुझारत करा सकैत छी। जरुरत पड़ल तऽ पीड़ित पक्ष लेल न्यायिक प्रक्रिया सेहो चला सकैत छी। लेकिन मुख्य रूप सँ माँगरूपी दहेज विरुद्ध आत्मसंकल्प लियेबाक काज करैत अपन समाजक लोक केँ एहि कूप्रथा सँ दूर करू, दहेज मुक्त मिथिलाक यैह टा आह्वान अछि। फिलहाल, पहिने कहल हरेक स्थान पर एकटा संयोजक, राष्ट्रीय स्तर पर एकटा कार्यकारिणी द्वारा संस्थाक समस्त सरोकार रेख-देख कैल जाएछ।
४. जाहि तरहें समाज मे दहेज कोढी समान खतरनाक चर्मरोग जेकाँ पसैर गेल छैक, तेहेन स्थिति मे एकर अन्तिम निदान संभव बुझा रहल अछि? जँ हँ त कोना?
उ. संसार मे कोनो प्रथा पहिने समाज केँ सही दिशा मे बढेबाक लेल आरम्भ होएत छैक। दहेज प्रथा सेहो बेटीधन प्रति पैतृक संपत्ति सँ प्राकृतिक हक देबाक जेकाँ विधान सँ व्यवहृत होएत देखाएत अछि। माय-बापक अर्जित संपत्ति सँ बेटीक हक केँ मूर्त-सम्पत्तिक रूप मे नहि दय ओकरा दहेजरूपी अमूर्त सम्पत्ति मे देबाक सोच पूर्व मे प्रारंभ कैल गेल जेना हम मानैत छी। शास्त्र सेहो स्त्रीधन केर चर्चा करैत अछि, हलाँकि ओ एतेक न्युन आर गुप्त होएत अछि जे आँटाक लोइया मे नुकाकय देल जेबाक विधान कहल गेल अछि आर एहि पर मात्र कन्याक अधिकार होयबाक बात सेहो उल्लेख अछि। लेकिन कालान्तर मे भौतिकतावादक बढैत असैर सँ आइ ई कोढी समान रोग जेकाँ पसैर गेल अछि। जे दहेज आशीर्वादक रूप मे केकरो बेटा केँ ओकर सासूर सँ भेटैत छलय, जेकरा लोक-समाज केँ हकारिकय देखेबाक चलन-चलती छलय, से आइ एहेन कुरूप अवस्था मे चलि गेल अछि जे कतेको बेटीक बाप केँ साकिम बना देलक, कतेको बेटी स्वयं दहेजक बेदीपर बलि चढा देल गेल, कतेको बेटीक जन्म सँ पहिनहि ओकर भ्रूणहत्या कय दैत अछि, जाहि नारीक नारित्व सँ मानव समाजक सृष्टि चलैत अछि तेकरे आइ एहि दुर्दशा मे राखल जा रहल अछि से हम सब देखि रहल छी। तखन एकर निदान सेहो क्रमशः संभव होएत हम देखि रहल छी। स्वेच्छाचारिताक विकास सँ मात्र ई कूप्रथाक अन्त हम देखि रहल छी। एहेन परिवार मे कथमपि कुटमैती नहि कैल जाय जतय माँगरूपी दहेजक व्यवहार लेल कन्यापक्षपर दबाव देल जाय। कन्यापक्ष केँ सेहो यदि अपन सम्पत्तिक दंभ सँ कोनो वर केँ पैसे-दहेजे बले बियैह देबाक मनसा देखी तऽ ओहेन कन्याक संग कदापि अपन बेटाक कुटमैती तय नहि करी। स्वयं शुद्ध रही, मात्र शुद्ध लोक संग कुटमैती तय करबाक मनोबल संग दुइ आत्मा केँ परिणय सूत्र मे बन्हबाक कठोर संकल्प लेब आवश्यक अछि। दहेज लोभी केँ वा दहेज दंभी केँ दरबज्जा पर प्रवेश तक निषेध करब आवश्यक अछि। स्वेच्छा सँ न्युनतम खर्च मे बिना कोनो बाह्याडंबर विवाह करबाक प्रचलन केँ प्रवर्धन सँ एहि कूप्रथाक अन्त होयत। समाज मे दहेज लेनिहारक प्रशंसा त कोनो हाल मे नहि हो, ओकरा जतेक दूसल-फटकारल जाय ओतेक कम हो, तखनहि लोक केँ एहि कूप्रथा सँ मोहभंग होयत।
दहेज मुक्त मिथिला हरेक समाज सँ अपील करैत अछि जे बेसी किछु नहि, मात्र एकटा निगरानी समिति बनाबी आर अपन समाज मे भऽ रहल कुटमैतीक तथ्यांक राखी। दहेज मुक्त विवाह कएनिहार केँ सार्वजनिक सभा द्वारा यशगान करी, सम्मान प्रदान करी। एकर सकारात्मक प्रभाव दूरगामी अछि आर कूप्रथा सँ निजात दियाबयवला अछि।
५. नवतुरिया मे दहेजक लेन-देन प्रति केहेन मानसिकता देखैत छियैक?
उ. नवतुरिया मे दहेज प्रतिष्ठाक विषय नहि बनि एकटा कूप्रथाक रूप मे प्रचलित भऽ रहल अछि, ई उत्साहवर्धक अछि। दहेज मुक्त मिथिालक लक्ष्य मे सेहो मात्र नवतुरिया सँ बेसी चर्चा चलेबाक आर संकल्प लियेबाक मूल बात निहित अछि। आइ बेटा आ बेटी केँ लोक समान रूप सँ शिक्षा दय रहलैक अछि। तथापि किछु एहेन वर्ग-समुदाय एखनहु छैक जे बेटी केँ मात्र घरायसी काजक वस्तु बुझि ओकरा शिक्षा सँ वंचित रखैत छैक। ओहि ठाम समस्या एखनहु विकराल छैक।
६. दहेज कूप्रथा उन्मुलन हेतु समाजक अगुआ सब केँ कोन ढंग सँ आगाँ एबाक आवश्यकता छैक?
उ. समाज सब सँ पहिने दहेजक प्रदर्शन देखब बन्द करय। दहेज मे आयल साँठ आ उपहार सब नितान्त व्यक्तिगत थिकैक से बुझि ओहि मे अपना लेल आनन्द आ भोज-भातक लोभ सँ दूर करय। बरियातीक आमंत्रण भेटलोपर कन्यापक्षक बाध्यता आ सीमितता केँ कदर करय। खस्सी केँ जान जाय आ खबैया केँ स्वादे नहि - ई कहबी अनुरूप अपन मानवता केँ बेइज्जती अपने सँ नहि करय।
समाजक अगुआ केँ टोल-समिति आ गाम-समिति केर तर्ज पर वैवाहिक सम्बन्ध कायम होयबाक निगरानी समिति बनेनाय अत्यन्त आवश्यक अछि। समाज जँ चाहत तऽ ओ अपना केँ दहेज मुक्त कय सकैत अछि। पहिने सेहो जे समाजक बात केर अवहेलना करय ओकरा समाज बारि दैत छलय। समाजक दंड विधान सब तरहक मानवीय अपराध केँ अन्त करबाक सर्वसुलभ उपाय होएछ। ई बात समाजक अगुआ बुझय। आइ ई कूप्रथा मात्र आ मात्र समाज केर उल्टा दिशा मे नियम चलेबाक दुष्परिणाम थीक, आर एहि गलती केँ सुधार करय लेल समाजहि केँ आगू आबय पड़त।
७. संस्थाक उद्देश्य प्राप्ति तथा आरो व्यापक बनेबाक लेल आगामी कार्ययोजना कि सब अछि?
उ. युग अनुरूप अपन व्यक्तिगत आवश्यकताक पूर्ति करबाक प्राथमिकता केँ ध्यान दैत बचल समय मात्र हम सब समाज लेल खर्च करैत छी। तथापि, समाज लेल चिन्तन करब हमरा लोकनिक फर्ज थीक आर ताहि सँ ई अभियान संभव भऽ सकल अछि। आगामी समय मे - सामूहिक विवाह करायब, वैवाहिक परिचय सम्मेलन करायब, संगठन केँ मूर्तरूप मे आरो विस्तार देब, गाम-गाम मे निगरानी समिति बनबायब मुख्य रूप सँ ऊपर अछि। बाकी साल भैर मे पैघ-पैघ समारोह, गोष्ठी, सेमिनार, आदि मे जेना दहेज मुक्त मिथिला निर्माणार्थ चर्चा होएत अछि से यथावत् रहत।
अन्त मे एकटा अनुरोध करब, जतेक लोक हमर ई विचार पढलनि अछि ओ तऽ संकल्पित निश्चिते टा होएथ - संगहि जतेक दूर धरि संभव होएन, कृपया एहि अभियान केँ स्वेच्छाचारिताक धर्म अनुरूप प्रसार करैथ। कन्यादान बड पैघ यज्ञ थीक, एहि मे जतेक बेसी संभव होएन ततेक परोपकार करैत अपन जीवनक सार्थकता केँ बढबैथ। आभारी छी अहाँक जे ई अवसर देलहुँ। धन्यवाद।

प्रवीण नारायण चौधरी

शुक्रवार, 16 दिसंबर 2016

अनुचित केहन करै छी यौ


 ( भास - नचारी  )
अनुचित  केहन  करै  छी  यौ    ।
सोन सनक बेटा  जनमा  कउ
मूल्य   धरै   छी   यौ ----
अनुचित केहन -- सोन सनक - मूल्य ---

रावण एक  कनोलक  सीता
तकर दण्ड  वो  पौलक  ।
तिलक - वाण सँ  लाखो  बेटीक
प्राण    हरै    छी    यौ  ----
अनुचित केहन -- सोन सनक - मूल्य ---

लाख करोड़  टाका  गनबौलहुँ
जेवर   लेलौं     धराय   ।
मोटर साइकिल  चरपहिया लय  -
नित   झगड़ै    छी   यौ-----
अनुचित केहन -- सोन सनक - मूल्य ---

बेटीक  जन्म  हमर  मिथिला  में
भेल   अछि   अभिशाप  ।
निर्धन कन्यागत  केर जीवन -
ज्योति   हरै   छी   यौ  ॥
अनुचित केहन -- सोन सनक - मूल्य ---

"रमण"  सब सँ  हाथ  जोरि कय
कहलक    आई    पुकारि
अप्पन माहुर अपनहि खा कय
सब   मरै   छी   यौ ----
अनुचित केहन -- सोन सनक - मूल्य ---

रचैता -
 रेवती रमण झा " रमण" 
 मो -9997313751 

    समस्त पाठक गन सन  आग्रह  एक बेर ई विडियो लिंक जरूर देखि  ----
जय मैथिल - जय ----

मंगलवार, 6 दिसंबर 2016

मिथिलाक गीत

मिथिलाक गीत

पग - पग  पर  हो  मिथिलाक गीत  ।
रमण    मनोरथ     प्रवल    पुनीत ॥
मनक    बात      ब्रहाणी     जानू    ।
आँगक  गति  - बिधि  शुभे बखानू  ॥
दर  - दर   ठोकर   खूबे   खयलहूँ    ।
रहलहुँ  रगड़ति  , बयस  बितयलहुँ ॥
नीके    लागल ,  कलम   धेने   छी   ।
यतन  गढ़ी - गढ़ी  कवित  केने  छी  ॥
मति - गति  नियति , लेल सब हेरि  ।
  दल -  दल   जीवन ,  देल   अवडेरि   ॥
नगर   -  डगर   नपिते    दिन  गेल  ।
हामहि  सब  किछु , किछु नञि भेल  ॥
कुमतिक   काल  - चक्र    बौरायल   ।
 रहितहूँ  सजग , सुदिन नञि आयल ॥
जीवन  जीलहुँ  , भेल नञि  सुकारथ ।
बैह   कार्य ,   जे  अछि    परमारथ    ॥
______________

रचैता  - रेवती रमण  झा "रमण "

मंगलवार, 22 नवंबर 2016

मैथिल मंच द्वारा मिथिला चौक कनाट प्लेस पर बैसार


Mani Bhushan Raju
नमस्कार मैथिलजन,
दिनांक 20 नवंबर 2016 के नई दिल्ली के कनाट प्लेस के मिथिला चौक पर युवा मैथिल विजय झा, बैजू ठाकुर आ मोहनराज झाजी के प्रयास सँ श्री रामबाबू सिंहजी के अध्यक्षता में दिल्ली -NCR के युवा मैथिल के बैसार सम्पन्न भेल। बैसार में दिल्ली- NCR के 15 टा मैथिल संस्था सँ 35 युवा मैथिल उपस्थित भेलाह आ एकस्वर में मिथिला आँदोलन लेल अपन प्रतिबद्धता लेल प्रण कयलनि।
उपस्थित मैथिलजन के सूची अछि :-
श्री रामबाबू सिंह , श्री मोहन राज झा , श्री बैजू ठाकुर , श्री विजय कुमार झा, श्री रंजीत लाल दास , श्री बीरबल यादव, ABMP
श्री आनंद झा, ABMP ,श्री मुरारी मैथिल, ABMP , श्री रोहित यादव, ABMP , श्री निशांत कुमार झा, श्री दीपक कुमार चौधरी , रेवती  रमण झा, श्री मदन कुमार ठाकुर   D M M ,  श्री अमलेश मंडल,  मोहम्मद अफजल रजा,  श्री शरत झा, राष्ट्रीय संयोजक मिरानिसे, श्री नीरज पाठक, श्री पंकज प्रसून,श्री गोविंद झा ,  श्री शंकर झा, श्री अरविंद झा, श्री यदुवीर यादव ,श्री संतकुमार यादव , श्री विजय यादव,  श्री विजय यादव , श्री ललित कुमार , श्री अजीत यादव, श्री पंकज झा, ,श्री पप्पू कुमार, श्री अमित कुमार ,श्री सोनू कुमार , श्री विद्या कुमार,श्री आलोक कुमार , श्री राजेश झा ,श्री मणिभूषण झा 'राजू' , 
आयोजन के सबसँ पैघ चमक छल श्री रेवती रमण झाजी के उपस्थिति जहि सँ कार्यक्रम में विशेष आकर्षण बनल । सबगोटे अपन-अपन विचार रखला आ किछु विंदु पर सबकियो सहमति देलनि। मिथिला एकीकरण के जे एखन निजी प्रयास सब विभिन्न स्रोत वा संस्था सँ चलि रहल अछि ओहि के सामूहिक रुप सँ करबाक लेल प्रस्ताव पर विचार भेल, सर्व-वर्ण आ सर्व-धर्म के लोकक संग लय क । मोहनराज झा, रोहित यादव, बीरबल यादव, आनंद झा, गोविंद झा, नीरज झा, नीरज पाठकजी, पंकज प्रसूनजी संग सब लोक अपन-अपन विचार रखलनि आ अंत में श्री शरत झाजी अपन संक्षिप्त वक्तव्य में एहि प्रयास के प्रोत्साहना कयलनि आ अपन मार्गदर्शन संगहि अपन सतत सहयोग के आश्वाशन देलनि ।



   मिथिला एकीकरण लेल घर-घर तक पहुँचकय लोक के जोड़य के आ जे मैथिल जहि तरहे सहयोग कय सकैथ हुनका संग लय चलय के निर्णय भेल।

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      कार्यक्रम के अंत में "मैथिल मंच" द्वारा विचार देल गेल जे एकटा "युवा मैथिल सम्मेलन" के आयोजन कय आजुक एहि प्रयास के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कयल जाए । सर्वसम्मति सँ निर्णय भेल जे 22 जनवरी 2017 के एकटा "युवा मैथिल सम्मेलन" के आयोजन कयल जायत "मैथिल मंच" के संयोजन में, आयोजन स्थल के सूचना जल्दिए करब ।
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जय मिथिला
जय जय मैथिल
www.maithilmanch.com

बुधवार, 9 नवंबर 2016

500-1000 के नोट बंद: जानिए - आपके मन में उठ रहे इन सवालों के जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात देश को संबोधित करते हुए कालाधन पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े
ऐलान किए।
नई दिल्ली, (जेएनएन)। नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बड़ा एलान किया। पांच सौ और हजार रुपए के नोट मंगलवार आधी रात से बंद कर दिए गए हैं। इन नोटों को 31 दिसंबर तक बदला जा सकेगा। बुधवार को बैंक बंद रहेंगे। 10 नवंबर तक देशभर के दो लाख से ज्यादा एटीएम काम नहीं करेंगे।
मंगलवार रात राष्ट्र के नाम संदेश में मोदी ने कहा - हमने काले धन के चोरों के लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं। देश अब शुचिता की दिवाली मनाए। दीपावली के बाद ईमानदारी के इस उत्सव में आप बढ़चढ़कर भाग लें।
- 
 प्रश्न और उत्तर के जरिए जानें क्या है ये फैसला और कैसे बदल सकेंगे नोट.
प्रश्न 1 - क्या फैसला हुआ?
उत्तर- 500-1000 के नोट बंद किए गए।
प्रश्न 2- कब से बंद हो रहे हैं ये नोट?
उत्तर- 08 नवंबर रात 12:00 बजे से।
प्रश्न 3- ऐसा क्यों किया गया?
उत्तर- भ्रष्टाचार, हवाला कारोबार, आतंकवाद की फंडिंग और जाली नोट रोकने के लिए और बेईमानों का कालाधन सामने लाने के लिए।
प्रश्न 4- अब क्या होगा?
उत्तर- 500-1000 के पुराने नोट आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में आईडेंटिटी कार्ड जैसे आधार कार्ड, मतदाता पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड दिखाकर बदल सकेंगे। आरबीआई ने 500 और 2000 रुपए के नए नोट निकाले हैं। ये 10 नवंबर से जारी होंगे।
प्रश्न 5- पुराने नोट बदलने की क्या इसकी कोई आखिरी तारीख तय है?
उत्तर- 30 दिसंबर तक ये नोट बैंक में जमा कराए जा सकेंगे।
प्रश्न- 6 क्या इसके बाद भी नोट बदले जा सकते हैं?
उत्तर- हां, ये नोट 31 मार्च 2017 तक घोषणा पत्र (डिक्लरेशन फॉर्म) के साथ सीधे आरबीआई में जमा कराए जा सकेंगे।
प्रश्न 7- एक बार में 500-1000 के कितने नोट जमा किए जा सकेंगे?
उत्तर-10 से 24 नवंबर तक एक दिन में 4000 रुपए मूल्य के नोट ही जमा कर सकेंगे।
प्रश्न 8 - क्या बैंक में 9 नवंबर से ही 500-1000 के नोट जमा होंगे?
उत्तर- नहीं। नई व्यवस्था लागू करने के लिए बैंक 9 नवंबर को बैंक बंद रहेंगे। 10 नवंबर से खुलेंगे।
प्रश्न 9- एटीएम से अगर 500-1000 के नोट निकले तो क्या करें?
उत्तर- एटीएम से 500-1000 के नोट हटाने के लिए इन्हें बुधवार-गुरुवार को बंद रखा जाएगा।
प्रश्न10- 10 नवंबर के बाद क्या एटीएम से रकम निकाल सकते हैँ?
उत्तर- 10 नवंबर के बाद एटीएम से एक दिन में सिर्फ 2000 रुपए निकालने की लिमिट तय की गई है।
प्रश्न11- क्या कार्ड और चेक से लेनदेन पर कोई असर होगा?
उत्तर- नहीं। कार्ड और चेक से लेनदेन पहले की तरह होता रहेगा।
प्रश्न12- क्या सरकार ने कोई और रियायत दी है?
उत्तर- हॉस्पिटल, एयरपोर्ट, बस स्टेशन, पेट्रोल पंप पर 11 नवंबर रात 12 बजे तक 500-1000 के नोट लिए जाएंगे।
प्रश्न13- क्या नए नोट निकालेगी सरकार?
उत्तर- हां, सरकार 500 और 2000 के नए नोट निकालेगी।
प्रश्न 14- इन नोटों में क्या होगा?
उत्तर- 500 के नोट पर लाल किला और 2000 के नोट पर मंगलयान के चित्र होंगे।
प्रश्न- 15- आप क्या करें और क्या ना करें?
उत्तर- कोई 500 या 1000 के नोट देकर इन्हें बदलने के लिए कहे तो बैंक न जाएं। सिर्फ अपने नोट बदलें। क्योंकि नोट बदलने के लिए आईडेंटिटी कार्ड जरूरी होगा। इनका पुख्ता रिकॉर्ड रखा जाएगा। वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। हालांकि, आप अगर अपने नोट बदलने जा रहे हैं और ये काला धन नहीं है तो चिंता करने की कोई बात नहीं। आप आराम से नोट बदल सकेंगे।
प्रश्न16- इस फैसले का कहां होगा असर और कौन होगा ज्यादा प्रभावित?
उत्तर- पेट्रोल पंप, मे़डिकल स्टोर, छोटी किराना दुकानें, हॉस्पिटल, टोल प्लाजा, स्ट्रीट फूड, पर्यटन स्थल जैसी जगहों पर कैश का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। यहां शुरुआती कुछ दिनों में लोगों को परेशानी हो सकती है।
कैसे दिखेंगे नए नोट
  • 500 रुपए का नया नोट
  • 500 रुपए के पुराने नोट के बदले सरकार ग्रीन कलर का 500 रुपए का नोट जारी करेगी।
  • 500 रुपए के नए नोट महात्मा गांधी न्यू सीरीज ऑफ नोट्स कहलाएंगे। साइज में पहले से छोटा होगा। पीछे की तरफ लाल किले की तस्वीर होगी।
2000 रुपए का नया नोट
  • 2000 रुपए का नया नोट पिंक यानी गुलाबी कलर का होगा।
  • पीछे की तरफ मंगलयान की तस्वीर होगी। यह देश के साइंटिफिक अचीवमेंट को बयां करेगी।
  • इसका साइज भी छोटा होगा। स्वच्छ भारत अभियान का संदेश होगा।
क्या कहा आरबीआई ने?
  • आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा, “जल्दी ही नए नोट मार्केट में लाने के लिए प्रोडक्शन बढ़ाएंगे।”
  • “आरबीआई और डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स में कंट्रोल रूम बना रहे हैं।”
  • फाइनेंस सेक्रेटरी शशिकांत दास ने बताया- सरकार एक बड़ा फैसला है। नए नोट 10 नवंबर के बाद मिलने शुरू हो जाएंगे।”
सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद क्यों किए?
  • सरकार करप्शन और ब्लैकमनी पर अंकुश लगाना चाहती है। क्योंकि इसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए किया जा रहा था।
  • जाली नोट की खपत को रोका जा सकेगा।
कहां बदल सकते हैं नोट?
500 और 1000 के नोट आप बैंक और पोस्ट ऑफिस में बदल सकते हैं।
कब तक बदल सकते हैं?
10 नंवबर से 30 दिसंबर तक। लेकिन साथ में पहचान पत्र लाना होगा।
इसके बाद भी क्या बदले जा सकते हैं?
घोषणा पत्र के साथ ये नोट 31 मार्च 2017 तक जमा आरबीआई में जमा करा सकते हैं।
एक बार में 500-1000 के कितने नोट जमा किए जा सकेंगे?
10 से 24 नवंबर तक एक दिन में 4000 रुपए मूल्य के नोट ही जमा कर सकेंगे।
बैंंक कब बंद रहेंगे? एटीएम कब बंद रहेंगे?
9 नवंबर को बैंक तथा 9 और 10 नवंबर को एटीएम बंद रहेंगे।
नवंबर के बाद क्या एटीएम से रकम निकाल सकते हैँ?
10 नवंबर के बाद एटीएम से एक दिन में सिर्फ 2000 रुपए निकालने की लिमिट तय की गई है।
क्या कार्ड और चेक से लेनदेन पर कोई असर होगा?
नहीं। कार्ड और चेक से लेनदेन पहले की तरह होता रहेगा।
क्या सरकार ने कोई और रियायत दी है?
हॉस्पिटल, एयरपोर्ट, बस स्टेशन, पैट्रोल पंप पर 11 नवंबर रात 12 बजे तक 500-1000 के नोट लिए जाएंगे।

http://www.jagran.com/news/national-how-governments-courency-move-will-help-the-common-man-15003268.html