dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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मंगलवार, 9 मई 2017

|| दहेज़ आगिलगुआ ||


हेज़ आगिलगुआ  , कहू  जायत कहिया 
जे     नै     कराबय    दहेजक     रुपैया   | 
हमर  घरे  बिलटिगेल  , दैया  गए   दैया  ||
दहेज़ आगिलगुआ -------- हमर  घरे  ---   
बेटा       खरीदने      छी ,  दैया    उल्हना  | 
देखबैया    या    गाड़ी ,  देखबैया   गहना ||  
नाच     नचौने    अइ  ,  यौ   बाबू   भैया   | 
हमर    घरे   बिलटिगेल  , दैया  गए दैया  ||
दहेज़  आगिलगुआ -------- हमर घरे  ---    
तिल  भरि  के लूरि  नञि,अछी अप ढंगही | 
हम्मर त  हम्मर , नञि सइंयो  के सगही  || 
कयने    कलमुँहीं  , कमाल   छै  गे   मैया  | 
हमर   घरे   बिलटिगेल  , दैया   गए  दैया  ||
  दहेज़     आगिलगुआ -------- हमर  घरे  ---
 देलैन    नञि   कान   बात , बेचनाक   बाबू |
"रमण "    दुख    अते , कते   हम     सुनाबू
चारु   कात   ताकी  , नञि   एको  सहैया  |
हमर   घरे   बिलटिगेल  , दैया   गए  दैया  ||
 दहेज़     आगिलगुआ -------- हमर  घरे  ---
रचित 
रेवती रमण झा " रमण "
ग्राम - पोस्ट - जोगियारा पतोर
आनन्दपुर , दरभंगा  ,मिथिला
मो 09997313751

मंगलवार, 10 जनवरी 2017

दहेज मुक्त मिथिलाक अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक संग साक्षात्कारः सृष्टि दैनिक




हेज मुक्त मिथिला - नेपाल तथा भारत मे संयुक्त रूप सँ कार्यरत मिथिला समाज मे दहेज प्रथाक विरोध मे अभियानरूप मे चलयवला संस्थाक अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी संग साक्षात्कारः

१. अपने सभक संस्था समाज सँ दहेज उन्मूलनक लेल कोन ढंग सँ काज कय रहल अछि?
उ. दहेज मुक्त मिथिला मूल रूप सँ सोसल मीडिया सँ आरम्भ भेल एकटा क्रान्ति थीक। एकर लक्ष्य छैक जे वर्तमान शिक्षित युवा पीढी केँ एहि प्रथाक दोष पर बेसी सँ बेसी चर्चा करबाक लेल उकसायल जाय - आर एकर नकारात्मक स्वरूप सँ दूरी बनेबाक लेल प्रेरित कैल जाय। हलांकि आब ई अभियान सोसल मीडिया सँ यथार्थ धरातलपर सेहो उतैर चुकल अछि ठाम-ठामपर। भारतक मुम्बई, दिल्ली, गुआहाटी, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, पटना, जमशेदपुर, बनारस, कानपूर, राँची सहित अनेको ठाम तथा नेपाल मे विराटनगर, राजविराज, लहान, जनकपुर, बीरगंज, काठमांडु, इनरुवा, भारदह आदि स्थान मे एहि अभियान सँ जुड़ल लोकसब जमीनपर सेहो एकरा उतारलैन अछि। मुख्य रूप सँ "माँगरूपी दहेज केर प्रतिकार" हेतु 'आत्मसंकल्प' लेब एहि अभियानक कार्यरूप होएछ। समाजक हरेक उमेर केर लोक सँ माँगरूपी दहेज नहि लेब नहि देब, न अपन धिया-पुता मे लेब या देब आ नहिये एहेन माँगिकय लेल गेल दहेज केर विवाहोत्सव मे सहभागी बनब - ई संकल्प लियाओल जाएछ। तहिना जे कियो बिना मांगरूपी दहेज केर विवाह करैथ हुनकर यशगान करब, समाज मे हुनकर इज्जत-प्रतिष्ठा बढेबाक लेल समारोहपूर्वक सम्मान देबाक काज सेहो दहेज मुक्त मिथिला द्वारा कैल जाएछ। एकर अतिरिक्त मैथिली भाषा व मिथिलाक धरोहर संरक्षणार्थ आम जागृति करैत अप्रत्यक्ष रूप सँ सेहो दहेज प्रथाक कूरीतिपर प्रकाश दैत पुनः आत्मसंकल्प लेबाक प्रेरणा देल जेबाक काज एहि संस्था-अभियान द्वारा कैल जाएछ।
२. दहेज केँ कोन ढंग सँ परिभाषित करैत अछि?
उ. दहेजक परिभाषा विवाह पूर्व माँग करब, शर्त राखब, जबरदस्ती करब, बेटीवलाक आर्थिक क्षमता सँ बाहर जाय कोनो तरहक विध-व्यवहार पूरा करबाक धौंस देब, आदि केँ मानैत छी। ई सब बात एक्के टा 'माँग' जे वरपक्ष कन्यापक्षपर बलजोरी थोपैत अछि, तेकरे दहेज कहल जाएत छैक। संवैधानिक भाषा मे सेहो दहेजक परिभाषा यैह छैक। बाकी स्वेच्छा सँ कन्यापक्ष अपन कन्याक विवाह लेल केहेन घर-वर करत आर ताहि लेल कतेक खर्च करत, भले नगदे अपन जमाय-बेटी केँ कियैक नहि गानत, कतबो साँठ आ भार - उपहार आदि कियैक नहि साँठत, ई सब दहेज केर रूप मे हम सब नहि गानैत छी। तैँ, कियो टकाक बलपर बेमेल विवाह कराबय, ओतय बेटीवलाक सेहो दोख देखैत छी। लेकिन नीति सँ बान्हल जतय-कतहु स्वेच्छा सँ कोनो तरहक लेन-देन भेल अछि तेकरा हम सब दहेज एकदम नहि मानैत छी आर समाजक नीति-नियतिपर छोड़ि मात्र माँगरूपी दहेजक प्रतिकार लेल जनजागरण हमरा सभक अभियान अछि।
३. एहि संस्थाक सांगठनिक स्वरूप कि छैक?
उ. ओना तऽ आर संस्था जेकाँ ईहो भारत व नेपाल जतय-जतय मैथिल (मिथिलावासी) समाज रहैत अछि ओहि सब ठाम काज करबाक लेल दिल्ली आ राजविराज दुइ ठाम पंजीकृत रहैत कार्यकारिणी समितिक संग कार्यरत अछि, लेकिन सोसल मीडिया सँ जन्म भेल एहि संस्थाक संगठन सँ बेसी 'अभियान'रूप मे स्थापित होयबाक बात बेसी महत्वपूर्ण छैक। अहाँ कतहु रहू, दहेज मुक्त मिथिलाक अभियान संग जुड़िकय एकर नारा केँ अपनेबाक लेल समाजक हरेक वर्ग, जाति, धर्म, समुदायक लोक केँ प्रेरित कय सकैत छी। एहि वास्ते अहाँ स्वायत्तशासी संगठन अपन क्षेत्र लेल स्वयं गठन कय सकैत छी। सदस्यता बाँटि सकैत छी। समाज मे भऽ रहल दहेज मुक्त विवाह केँ सम्मान देबाक अछि। दहेजक माँग भेल शिकायत भेटलापर माँग कएनिहार पक्ष सँ वार्ता करैत आपस मे बुझारत करा सकैत छी। जरुरत पड़ल तऽ पीड़ित पक्ष लेल न्यायिक प्रक्रिया सेहो चला सकैत छी। लेकिन मुख्य रूप सँ माँगरूपी दहेज विरुद्ध आत्मसंकल्प लियेबाक काज करैत अपन समाजक लोक केँ एहि कूप्रथा सँ दूर करू, दहेज मुक्त मिथिलाक यैह टा आह्वान अछि। फिलहाल, पहिने कहल हरेक स्थान पर एकटा संयोजक, राष्ट्रीय स्तर पर एकटा कार्यकारिणी द्वारा संस्थाक समस्त सरोकार रेख-देख कैल जाएछ।
४. जाहि तरहें समाज मे दहेज कोढी समान खतरनाक चर्मरोग जेकाँ पसैर गेल छैक, तेहेन स्थिति मे एकर अन्तिम निदान संभव बुझा रहल अछि? जँ हँ त कोना?
उ. संसार मे कोनो प्रथा पहिने समाज केँ सही दिशा मे बढेबाक लेल आरम्भ होएत छैक। दहेज प्रथा सेहो बेटीधन प्रति पैतृक संपत्ति सँ प्राकृतिक हक देबाक जेकाँ विधान सँ व्यवहृत होएत देखाएत अछि। माय-बापक अर्जित संपत्ति सँ बेटीक हक केँ मूर्त-सम्पत्तिक रूप मे नहि दय ओकरा दहेजरूपी अमूर्त सम्पत्ति मे देबाक सोच पूर्व मे प्रारंभ कैल गेल जेना हम मानैत छी। शास्त्र सेहो स्त्रीधन केर चर्चा करैत अछि, हलाँकि ओ एतेक न्युन आर गुप्त होएत अछि जे आँटाक लोइया मे नुकाकय देल जेबाक विधान कहल गेल अछि आर एहि पर मात्र कन्याक अधिकार होयबाक बात सेहो उल्लेख अछि। लेकिन कालान्तर मे भौतिकतावादक बढैत असैर सँ आइ ई कोढी समान रोग जेकाँ पसैर गेल अछि। जे दहेज आशीर्वादक रूप मे केकरो बेटा केँ ओकर सासूर सँ भेटैत छलय, जेकरा लोक-समाज केँ हकारिकय देखेबाक चलन-चलती छलय, से आइ एहेन कुरूप अवस्था मे चलि गेल अछि जे कतेको बेटीक बाप केँ साकिम बना देलक, कतेको बेटी स्वयं दहेजक बेदीपर बलि चढा देल गेल, कतेको बेटीक जन्म सँ पहिनहि ओकर भ्रूणहत्या कय दैत अछि, जाहि नारीक नारित्व सँ मानव समाजक सृष्टि चलैत अछि तेकरे आइ एहि दुर्दशा मे राखल जा रहल अछि से हम सब देखि रहल छी। तखन एकर निदान सेहो क्रमशः संभव होएत हम देखि रहल छी। स्वेच्छाचारिताक विकास सँ मात्र ई कूप्रथाक अन्त हम देखि रहल छी। एहेन परिवार मे कथमपि कुटमैती नहि कैल जाय जतय माँगरूपी दहेजक व्यवहार लेल कन्यापक्षपर दबाव देल जाय। कन्यापक्ष केँ सेहो यदि अपन सम्पत्तिक दंभ सँ कोनो वर केँ पैसे-दहेजे बले बियैह देबाक मनसा देखी तऽ ओहेन कन्याक संग कदापि अपन बेटाक कुटमैती तय नहि करी। स्वयं शुद्ध रही, मात्र शुद्ध लोक संग कुटमैती तय करबाक मनोबल संग दुइ आत्मा केँ परिणय सूत्र मे बन्हबाक कठोर संकल्प लेब आवश्यक अछि। दहेज लोभी केँ वा दहेज दंभी केँ दरबज्जा पर प्रवेश तक निषेध करब आवश्यक अछि। स्वेच्छा सँ न्युनतम खर्च मे बिना कोनो बाह्याडंबर विवाह करबाक प्रचलन केँ प्रवर्धन सँ एहि कूप्रथाक अन्त होयत। समाज मे दहेज लेनिहारक प्रशंसा त कोनो हाल मे नहि हो, ओकरा जतेक दूसल-फटकारल जाय ओतेक कम हो, तखनहि लोक केँ एहि कूप्रथा सँ मोहभंग होयत।
दहेज मुक्त मिथिला हरेक समाज सँ अपील करैत अछि जे बेसी किछु नहि, मात्र एकटा निगरानी समिति बनाबी आर अपन समाज मे भऽ रहल कुटमैतीक तथ्यांक राखी। दहेज मुक्त विवाह कएनिहार केँ सार्वजनिक सभा द्वारा यशगान करी, सम्मान प्रदान करी। एकर सकारात्मक प्रभाव दूरगामी अछि आर कूप्रथा सँ निजात दियाबयवला अछि।
५. नवतुरिया मे दहेजक लेन-देन प्रति केहेन मानसिकता देखैत छियैक?
उ. नवतुरिया मे दहेज प्रतिष्ठाक विषय नहि बनि एकटा कूप्रथाक रूप मे प्रचलित भऽ रहल अछि, ई उत्साहवर्धक अछि। दहेज मुक्त मिथिालक लक्ष्य मे सेहो मात्र नवतुरिया सँ बेसी चर्चा चलेबाक आर संकल्प लियेबाक मूल बात निहित अछि। आइ बेटा आ बेटी केँ लोक समान रूप सँ शिक्षा दय रहलैक अछि। तथापि किछु एहेन वर्ग-समुदाय एखनहु छैक जे बेटी केँ मात्र घरायसी काजक वस्तु बुझि ओकरा शिक्षा सँ वंचित रखैत छैक। ओहि ठाम समस्या एखनहु विकराल छैक।
६. दहेज कूप्रथा उन्मुलन हेतु समाजक अगुआ सब केँ कोन ढंग सँ आगाँ एबाक आवश्यकता छैक?
उ. समाज सब सँ पहिने दहेजक प्रदर्शन देखब बन्द करय। दहेज मे आयल साँठ आ उपहार सब नितान्त व्यक्तिगत थिकैक से बुझि ओहि मे अपना लेल आनन्द आ भोज-भातक लोभ सँ दूर करय। बरियातीक आमंत्रण भेटलोपर कन्यापक्षक बाध्यता आ सीमितता केँ कदर करय। खस्सी केँ जान जाय आ खबैया केँ स्वादे नहि - ई कहबी अनुरूप अपन मानवता केँ बेइज्जती अपने सँ नहि करय।
समाजक अगुआ केँ टोल-समिति आ गाम-समिति केर तर्ज पर वैवाहिक सम्बन्ध कायम होयबाक निगरानी समिति बनेनाय अत्यन्त आवश्यक अछि। समाज जँ चाहत तऽ ओ अपना केँ दहेज मुक्त कय सकैत अछि। पहिने सेहो जे समाजक बात केर अवहेलना करय ओकरा समाज बारि दैत छलय। समाजक दंड विधान सब तरहक मानवीय अपराध केँ अन्त करबाक सर्वसुलभ उपाय होएछ। ई बात समाजक अगुआ बुझय। आइ ई कूप्रथा मात्र आ मात्र समाज केर उल्टा दिशा मे नियम चलेबाक दुष्परिणाम थीक, आर एहि गलती केँ सुधार करय लेल समाजहि केँ आगू आबय पड़त।
७. संस्थाक उद्देश्य प्राप्ति तथा आरो व्यापक बनेबाक लेल आगामी कार्ययोजना कि सब अछि?
उ. युग अनुरूप अपन व्यक्तिगत आवश्यकताक पूर्ति करबाक प्राथमिकता केँ ध्यान दैत बचल समय मात्र हम सब समाज लेल खर्च करैत छी। तथापि, समाज लेल चिन्तन करब हमरा लोकनिक फर्ज थीक आर ताहि सँ ई अभियान संभव भऽ सकल अछि। आगामी समय मे - सामूहिक विवाह करायब, वैवाहिक परिचय सम्मेलन करायब, संगठन केँ मूर्तरूप मे आरो विस्तार देब, गाम-गाम मे निगरानी समिति बनबायब मुख्य रूप सँ ऊपर अछि। बाकी साल भैर मे पैघ-पैघ समारोह, गोष्ठी, सेमिनार, आदि मे जेना दहेज मुक्त मिथिला निर्माणार्थ चर्चा होएत अछि से यथावत् रहत।
अन्त मे एकटा अनुरोध करब, जतेक लोक हमर ई विचार पढलनि अछि ओ तऽ संकल्पित निश्चिते टा होएथ - संगहि जतेक दूर धरि संभव होएन, कृपया एहि अभियान केँ स्वेच्छाचारिताक धर्म अनुरूप प्रसार करैथ। कन्यादान बड पैघ यज्ञ थीक, एहि मे जतेक बेसी संभव होएन ततेक परोपकार करैत अपन जीवनक सार्थकता केँ बढबैथ। आभारी छी अहाँक जे ई अवसर देलहुँ। धन्यवाद।

प्रवीण नारायण चौधरी

सोमवार, 4 जुलाई 2016

दहेज मुक्त मिथिलाक मासिक बैसार - महाराष्ट्र

 दिनांक 03, रविवार, 
हेज मुक्त मिथिलाक महाराष्ट्र इकाई केर मासिक बैसार सम्माननीय अध्यक्ष श्री विजय मिश्रा जीक विरार स्थित जी एवेन्यू, ग्लोबल सिटी आवास पर सम्पन्न भेल जाहि में दमुमि केर वेबसाईट, कोष व्यवस्थापन, आगामी जनसंपर्क अभियान केर गति कोना देल जाय ताहि ऊपर सघन चिंतन कएल गेल। 
  दहेज मुक्त मिथिलाक वेबसाईट जे निष्क्रिय छल ओ आय सँ पुनः शुरू भए गेल जाहि केर ऑनलाइन लिंक www.dahejmuktmithila.org अछि। एखन इ वेबसाईट पूर्णतया तैयार नहि भेल अछि। बैसार में वेबसाईट कंटेंट तैयार करबाक लेल दमुमि केर अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रवीण नारायण चौधरी जी, राष्ट्रीय संरक्षक श्री पंडित धर्मानंद झा ( गुरु जी) महाराष्ट्र संरक्षक श्री कुणाल ठाकुर जी, महाराष्ट्र प्रवक्ता श्री प्रकाश कमती केर भार देल गेलनि। दमुमि महाराष्ट्र केर पुर्वायोजित योजना मासिक न्यूनतम 100 टका आ अधिकतम स्वेच्छानुसार अनुदान देबाक कार्य केर श्री गणेश सेहो भए गेल।  
        दमुमि महाराष्ट्र आब हरेक मास केर दोसर सप्ताह केर रविदिन बैसार केर आयोजन करत संगहि समय समय पर अपन कएल कार्यक समीक्षा सेहो करत। बैसार में श्री धर्मानंद झा गुरूजी, श्री कुणाल ठाकुर जी (संरक्षक), श्री सुबोध मिश्रा जी (उपाध्यक्ष, महाराष्ट्र इकाई), श्री विजय मिश्रा जी (अध्यक्ष), श्री रामनरेश शर्मा जी (उपाध्यक्ष), श्री धनञ्जय झा जी (महाराष्ट्र मैथिल समाज), सचिव श्री रोशन मिश्रा, सहसचिव श्री सगुण मिश्रा जी, सहसचिव श्री आशुतोष ठाकुर जी, प्रवक्ता श्री प्रकाश कमती जी, श्री देवेन्द्र झा जी उपस्थित छलाह।
निवेदक
दहेज मुक्त मिथिला
महाराष्ट्र इकाई

बुधवार, 23 सितंबर 2015

दहेज़ मुक्त मिथिला के राष्ट्रीय कार्य करणी गठन

दहेज़ मुक्त मिथिला के राष्ट्रीय  कार्य करणी गठन 
    सोशियल नेटवर्क सँ यथार्थ धरातल पर कार्यरूप मे परिणत एकमात्र दहेज विरोधी संस्थाक राष्ट्रीय कार्यकारिणीक चुनाव पिछला किछु मास सँ प्रस्तावित रहितो विभिन्न कारण सँ संपन्न नहि भऽ सकल छल से आई २३/०९/२०१५ के । राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज झा  जी के अध्यक्षता  में  सम्पन्य भेल । 
२०१५ मे नव कार्यकारिणीक गठन हेतु निर्णय कैल गेल । एहि बेर कार्यकारिणी मे कुल २१ सदस्य केर चुनाव सम्पन्य भेल , जाहि मे राष्ट्रीय अध्यक्ष १, उपाध्यक्ष ३, महासचिव – १, सचिव (राज्य अनुसार) – ५, कोषाध्यक्ष – १, सह-कोषाध्यक्ष – १, सल्लाहकार – ३, अकेक्षक – १ तथा संरक्षक – ५ जन  क चुनाव कइल गेल  अछि।  
जे  निम्न लिखित  रूप में  अच्छी - 
  अध्यक्ष  -  
पंकज झ (Pankaj Jha) , मुंबई 
 उपाध्क्ष - 
 १. विमल जी मिश्र (Vimal Ji Mishra) देल्ही  २. राजेश राय (Rajesh Rai)  मुंबई  ३. स्याम झा  (Shyam Jha)मिथिला 
महासचिव - 
संजय मिश्र  मुजफ्फरपुर (संजय मैथिल)  , मिथिला 
सचिव (राज्य अनुसार)-  
१.  मदन कुमार ठाकुर , (Madan Kumar Thakur)   देल्ही नॉएडा ) २. संजय कस्याप  मिथिला  ३. गणेश झा मैथिल  
 (Ganesh Maithil) , गौहाटी  ४. संतोष  कुमार मिश्र (Santosh Kumar Mishra)  , हैदराबाद ,५.  रौशन मिश्रा , मुंबई 
कोषाध्यक्ष -
१. धर्मेन्दर कुमार  झा  मुंबई   (Dharmendra Kumar Jha)
सह-कोषाध्यक्ष -
 १. राजनारायण झा  (Rajnarayan Jha ) , देल्ही 
सल्लाहकार - 
१. अमरनाथ झा (Amar Nath Jha ) डेल्ही , २. बिन्देसर ठाकुर  ,दोहा  ३.  आरती झा  मलेसिया (वीरगंज नेपाल )
 अकेक्षक -
बी एन  झा  (Vn Jha), मुंबई  
 संरक्षक-
 १. कृपानन्द झा , देल्ही - २. पंडित - धर्मानन्द झा मुंबई , ३. रविनाथ  मिश्र , कानपूर , ४.  प्रो ०  विद्यानंद  मिश्र  सहरसा ५.  श्रीमती रंजू ठाकुर (दिल्ली) केर मनोनयन करबाक निर्णय लेल गेल।

     पुनर्निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष उपरोक्त समस्त नव-निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य केँ पदभार ग्रहण हेतु जिम्मेवारी सहितक पत्राचार यथाशीघ्र  करबाक जानकारी करौलनि। तहिना नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणीक नेतृत्व मे नव कार्यक्रम घोषणा करबाक कार्य सेहो शीघ्रे कैल जायत सेहो अस्वसन देला 

बुधवार, 26 अगस्त 2015

सन्दर्भ ए दहेज-मुक्त-मिथिला

सन्दर्भ ए दहेज-मुक्त-मिथिला


आइ व्हाट्सअप पर किछु उत्साही युवा एहि अभियान पर प्रश्न उठेलनि जे सक्रियता महाराष्ट्र मे भेला सँ अथवा कोनो शहर आ फेसबुक टा पर रहला सँ आम जनमानस धरि कोनो लाभ नहि पहुँचि रहल अछि। ई कोनो पहिल बेर नहि जे एहि तरहक प्रश्न उपरोक्त दहेज मुक्त समाजक निर्माण लेल चलायल अभियान पर उठल अछि, एहि सँ पूर्वहु कतेको बेर बिल्कुल एहने प्रश्न सब सँ दुइ-चारि होमय पड़ल अछि सक्रिय योगदानकर्ता सब केँ। व्हाट्सअप पर हमरा मोबाइल मे टाइप करैत लिखबा मे बहुत समय लागि जाइत अछि, ताहि कारण हम अनुरोध केलियैन जे आउ, एहि बहस केँ आम चर्चा बनबैत दहेज मुक्त मिथिलाक फेसबुक ग्रुप पर आनी। तथापि, किनको व्हाट्सअप बेसी नीक लगैत छन्हि, बेसी हाथ ओत्तहि उसरैत छन्हि, अत: ओ बहस हुनका लोकनिक बीच वैह स्थल पर चलि रहल अछि। मुदा ई विषय आम जनमानस सँ जुड़ल रहबाक कारण हम एकरा सार्वजनिक स्थल पर आनबाक लेल एतय लिखि रहल छी।

अभियानक सक्रियता मिथिलाक माटि पर नहि भेल - पहिल प्रश्न!
मिथिलाक माटि पर रहनिहार बीच परदेशी मैथिल पुतक कमाई सँ कतेको बेर जेबाक प्रयास भेल, लेकिन लोकप्रियता न्युजपेपर केर माध्यम सँ मात्र संस्था केँ भेटल, आम लोक मे नारा पहुँचल, धरि कय टा विवाह मे दहेजक व्यवहार कम भेल आ कि नहि भेल से तथ्यांक हमरा लोकनिक पास नहि अछि। हम सब ओतेक सामर्थ्यवान नहि भऽ सकलहुँ जाहि सँ विचार रहलो पर ओहेन तथ्यांक संकलन कए सकितहुँ। 

असफलताक मूल कारण:


गाम-गाम मे अभियानक प्रसार करैत एकटा सूचना केन्द्र केर स्थापना, जुड़ल सदस्य द्वारा अपनहि गाम केर जिम्मेवारी ग्रहण करैत एहि लेल एकटा व्यक्ति आ हुनकर नंबर दैत संस्थाक पोस्टर द्वारा सोशियल मिडिया पर प्रचार करबाक काज मे किछु सदस्य छोड़ि बाकी कियो रुचि नहि देखेलनि। एकटा 'निगरानी समिति' जे ५ सदस्यीय बनेबाक छल, जे सब समुदायक लोक केँ आपस मे जोडिकय बनेबाक छल, ताहू लेल कतहु सँ कोनो तरहक अगुआई करबाक लेल पहल नहि भेल। 

सफलताक किछु अकाट्य उपलब्धि:


साल २०११ मे ऐतिहासिक सौराठ सभा सँ ई काज बहुत बढियां जेकाँ शुरु भेल छल। २०१२ मे सेहो जमीन पर गाम-गाम मे बैनर-पोस्टर लगायल गेल छल। साल २०१३ मे मिथिला राज्य निर्माण सेनाक संग सहकार्य मार्फत गाम-गाम जे प्रचार अभियान गेल ताहि मे ई आह्वान केँ समाहित कैल गेल छल। २०१४ मे अभियानी लोकनि गामक वास्ते कोनो खास कार्यक्रम किछु विशेष परिस्थिति मे नहि बना सकलाह। तैयो, २०१४ मे स्मारिकाक विमोचन खास मिथिलाक मैदान मे कैल गेल आ जनमानस संग जुड़ल रहबाक प्रयास कायम रहल। साल २०१५ मे अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन कैल गेल अछि एखन धरि आ जनजुड़ाव अपना हिसाबे बनले अछि। 

एकर अतिरिक्त दहेज मुक्त मिथिलाक उपस्थिति मुम्बई, दिल्ली सहित मैथिली महायात्राक क्रम मे कोलकाता, कानपुर, सहरसा, जमशेदपुर, राजविराज, आदि मे सेहो पहुँचल। संगहि सोशियल मिडिया द्वारा निरंतर फोकस मे रहल विषय संबोधन सँ सामाजिक संजाल पर सक्रिय जनमानस मार्फत लगभग संपूर्ण मैथिल मे ई अभियान बहुत बेहतरीन ढंग सँ अपन स्थान बनेने रहल। आइ 'दहेज मुक्त मिथिला' कतेको मुक्ति आन्दोलनक जनक बनि गेल अछि। 'नशा मुक्त मिथिला', 'बेरोजगारी मुक्त मिथिला', 'अशिक्षा मुक्त मिथिला' आ आबयवला समय मे 'रोग मुक्त मिथिला', 'भ्रष्टाचार मुक्त मिथिला', 'जातीय मतान्तर मुक्त मिथिला', 'धार्मिक विभेद मुक्त मिथिला' आ समाजक हित मे जे किछु आर संभव होयत ताहि केर पहल मे पर्यन्त योगक्षेम दैत नव मिथिलाक निर्माण मे ई सहायक होयत।

कोषकेर कमीक मूल कारण:

मैथिल जनमानस मे स्वयंसेवा आ स्वसंरक्षण केर मूल आधार रहल अछि जाहि सँ सनातनजीवी संस्कृति मे मिथिला आइ युगों-युगों सँ भूगोलविहीन अवस्थो मे जीबित अछि। मुदा वर्तमान युग मे अधिकांश लोक 'स्वार्थपरक' भौतिकवादी बेसी बनि रहला अछि। तथापि विदेहक संतान मे स्वस्फूर्त योगदान कएनिहार सैकड़ा मे दुइ-चारि गोटा रहिते छथि। 

मैथिल लोक चन्दा-चिट्ठा मे बेसी विश्वास नहि करैत अछि। सब कियो अति स्वाभिमानी होइत अछि। रुख-सुख भोजन कय लेत, मुदा ऋणं कृत्वा घृतं पिबेत् केर चर्वाक् समान नास्तिकवादी विद्वानक कथन केँ कहियो नहि अपनायत। यैह कारण छैक जे व्यक्तिवादी विकास मे भले मैथिल अपन मूल केँ बिसैर गेल हो, मुदा सामुदायिक हित लेल स्वैच्छिक योगदानक घड़ी ओ बजेला पर कहियो पाछू नहि हँटत। 

स्वैच्छिक योगदान लेल विषय सार्वजनिक हितक राखय पड़ैत छैक। सबहक हित लेल कार्यक्रम निर्माण करय पड़ैत छैक। ताहि गुणे किछु अत्यन्त पारदर्शी आ समाजिक हित मे सदा समर्पित अगुआ केँ संग लैत धरातल पर काज करबाक लेल आयोजन करय पड़ैत छैक। एहि तरहें लाखों-लाखों खर्च सँ संपन्न होइत छैक अनेकानेक अभियान। गाम मे सार्वजनिक पूजा समारोह, धार्मिक यज्ञ आयोजनादि आ संपूर्ण ग्रामीण सहयोग सँ कोनो असहाय ग्रामीणक कल्याणादि अनेकानेक कार्य आइयो होइते छैक। 

तखन दहेज विषय केर व्याख्या आइयो बौद्धिक मैथिल लेल एकटा अनरिजोल्भ्ड मिस्ट्री - समाधानविहीन रहस्य केर रूप मे स्थापित छैक। वैवाहिक सम्बन्ध हरेक परिवारक नितान्त व्यक्तिगत निर्णय होयबाक कारण समाजक भूमिका नगण्य होइत छैक। मुदा दहेजक कूरूपता सँ परिचित समाज धीरे-धीरे आब एहि बात लेल तैयार भऽ रहलैक अछि जे एकरा सँ लड़बाक लेल सबकेँ एकजुट होमय पड़त। तखनहु, मिथिला मे आइ धरि कोनो सामूहिक विवाह आ कि दहेज मुक्त विवाह केर आयोजन केर यशगान वा वैवाहिक परिचय सभा वा कोनो सार्वजनिक आयोजन हाल धरि नहि भऽ सकलैक अछि जाहि सँ 'दहेज मुक्त मिथिला' केर सपना पूरा हेतैक। 

फेर, युवा समाज जे आइ परदेश मे अछि, जे मैथिल वाहेक आन-आन समाज मे एहि कूरीति सँ निदान पेबाक विभिन्न उपक्रम सँ परिचय पाबि रहल अछि वैह टा मिथिला केँ सेहो एहि कैन्सर सँ निजात दियेबाक लेल कने-मने सोचैत अछि। ओकरे मे कनेक दानशीलता सेहो छैक जे एहि तरहक आयोजन करी। व्यवसायिकता सँ एहि आयोजन लेल कोनो फंड कतहु सँ प्राप्त करी, ताहि तरहक धारणा आइ धरि हम मैथिल मे अछिये नहि। आ नहिये ई अछि जे केकरो सँ जबरदस्ती चन्दा उठाबी। तखन, अपन-अपन समर्पण सँ अपन-अपन गाम टा लेल यदि हम सब जिम्मा उठा ली, किछुए लोक केँ मिथिलाक्षेत्र सँ जोड़बा मे सफल होइ तखनहि टा एहि अभियानक सफलता यथार्थ धरातल पर तय हेतैक। एहि लेल हम सब प्रयास करी।

आरोप अछि जे पाग-दोपटा आ मंचीय सम्मान केर भूखक चलते ई अभियान नामक लेल बेसी, काजक लेल कम अछि:

ई आरोप तखन आरो बेसी गहिंर भऽ जाइत छैक जखन विषय पोषण लेल चिन्तन कम आ अगबे मान-सम्मान आ नाम लेल कूदा-कूदी बेसी भऽ जाइत छैक। हलाँकि जतेक चर्चा मे अबैत छैक, ततेक लाभ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष होइते टा छैक, जेना फेयर-एण्ड-लवली क्रीम कतेको श्यामल वर्णक लोक गोर हेबाक लेल टीवी विज्ञापन देखिकय लगैबते अछि। मुदा यथार्थ ई छैक जे संस्था, एकर अभियान आ विभिन्न आयोजन केर व्यवस्थापन लेल एकटा कार्यकारिणी समितिक आवश्यकता होइत छैक। ताहि लेल पद आ जिम्मेवारीक बँटवारा कार्य विभाजनक दृष्टि सँ कैल जाइत छैक। एहि मे पित्त-तित्त बात उगलब, अपन जिम्मेवारी सँ कोनो बहन्ना बनाय भागब, फूसिये मे तरह-तरह केर आरोप-प्रत्यारोप करब, तेहेन समय मिथिला लेल नहि आयल छैक। 

अछैते सरकारक घर सँ करोड़ों रुपयाक परियोजना उपलब्ध रहैतो हमरा लोकनिक पंजीकृत संस्था एखन धरि ढंग सँ मैटो नहि पकैड़ सकल अछि। केन्द्रीय कार्यालय दिल्ली मे रहनिहार एतेक व्यस्त छथि जिनका अपन काज छोड़ि कनेक संस्थाक हित पोषण कय दियौक ताहि लेल कहलो पर कोनो परिणाममूलक उपलब्धि नहि भेटैत छैक। मजबूरियो छैक... सबहक परिस्थिति ओकरा अपनहि सम्हारय पड़ैत छैक। समाजसेवा पहिने अपन अनिवार्य स्वार्थ पूरा भेला बादे कियो करैत छैक वा करतैक। तखन दोषी केकरा मानल जाय? आपसी कहा-सुनी छोड़ि जिनका सँ जे पार लगैत अछि ओतेक योगदान दैत यथासंभव सेवा करू, मानवसेवा केँ माधवसेवा बुझू। जीत तय अछि। 

बुधवार, 1 जुलाई 2015

हे मिथिला वाशी




































 हे मिथिला माँ व्याकुल छी जे दर्शन पावी,
जखन जखन करि याद आहाँ हम दौरल आबी,
गौरव अईछ संतान आहाँ के छी हे मईया,
दिय वरदान कि जागैथ हमर मैथिल भईया.
बनि थेथर हम सुतल छी जेना होई सरापे,
देखि दशा माँ छी लज्जित हम अपना आपे,
मोनक व्यथा सुनाबी की हम सुनत के मईया,
जकरा केलौ भरोष सेह सब भेल कसईया.
सोची रहल छी हमहूँ माँ बनि जाई जोगारी,
जौं कियो नहला मारई त हम दहला मारी,
करी परपंच सेहो त आहाँ नई सिखेलौ,
आजुक युग में ताई हम बउधा कहाबेलौ.
टूटी रहल अईछ आब हे माँ सहबा के शक्ति,
सब सपुत में जगा दियौ मिथिला के भक्ति,
नई जागब आब अखनो त नई बचत चिन्हाशी,
पंकज करई नेहोरा सुनु हे मिथिला वाशी.
 Pankaj Jha · 

मंगलवार, 3 मार्च 2015

दहेज मुक्त मिथिलाक चारि वर्ष पूरा: ३ मार्च - २०१५

दहेज मुक्त मिथिलाक चारि वर्ष पूरा: ३ मार्च - २०१५

   फेसबुक सँ शुरु कैल अभियान, धरातल पर उतरि बढेलक मिथिलाक शान, कहियो हिन्दुस्तानक फ्रंट पेज पर लिखेलक अपन नाम आ देलक एकटा नवज्योतिक किरणक आभान - आइ पूरा केलक यात्राक चारिम वर्ष आ लऽ रहल अछि पुन: नव संकल्प। 
चारिम वर्ष मे पूरा कैल गेल:
*स्मारिका केर प्रकाशन
*मैथिली महायात्रा केर प्रारंभ
*मुंबई मिथिला महोत्सव
सौराठ मे विमोचित 'दहेज मुक्त मिथिला' केर स्मारिका राजविराज, सहरसा, कोलकाता, कानपुर, दिल्ली, जमशेदपुर - सब ठाम अलग-अलग विमोचन आ आवश्यक अभियान-प्रचार-प्रसार आ आम अपील जे 'माँगरूपी दहेज नहिये ली - नहिये दी, बरु समान रूप सँ शिक्षा दियबैत बेटा आ बेटी सबकेँ आत्मनिर्भर बनाबी। मैथिल लेल एकमात्र आसरा विद्याधनं-सर्वधनंप्रधानम् केर सूत्र अपनाबी।' कहैत अभियान भारत व नेपालक चहुँदिशि अपन आवाज बुलंद कयलक।
    मैथिली महायात्राक शुभारंभ साईंधाम, दिल्ली सँ कैल गेल जेकर मूल उद्देश्य मिथिलाक बिखरल मोती (विभिन्न गणनीय व्यक्तित्व) केर परिचय समेटैत डायरेक्ट्रीक प्रकाशन करब अछि। अही मार्च केर आखिर तक प्रथम भाग डायरेक्ट्रीक प्रकाशन कैल जयबाक अछि। एखन धरि यात्रा दिल्ली, कोलकाता, राजविराज, सहरसा, कानपुर आ जमशेदपुर मे कैल गेल अछि। एकर अतिरिक्त जानकारी आरो-आरो ठाम सँ इमेल द्वारा प्राप्त भऽ रहल अछि। उपलब्ध तथ्यांक मुताबिक प्रथम भाग डायरेक्ट्री बहुत जल्दिये सबहक सोझाँ रहत।
  मुंबई - दहेज मुक्त मिथिला द्वारा भव्य 'मिथिला महोत्सव' - केर आयोजन कैल गेल। विभिन्न दहेज मुक्त विवाह कयनिहार केँ सम्मानित कैल गेल। दहेजक प्रकोप सँ जरि रहल समाजक विभिन्न रूप पर मिथिलाक अनेको प्रसिद्ध गायक एवं कलाकार द्वारा स्वैच्छिक प्रस्तुति देल गेल छल। संगहि विभिन्न गणमान्य नेतृत्वकर्ता आ विद्वान् तथा साहित्यकार लोकनि द्वारा एहि दिशा मे चिन्तन कैल गेल छल जे कोना हमरा लोकनि मिथिलाक बिगड़ैत स्वरूप केँ पुन: गरिमामय बना सकब।
      विदित हो जे 'दहेज मुक्त मिथिला' अपन प्रतिनिधित्व लगभग समस्त महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम मे करैत आबि रहल अछि आ स्वैच्छिक-स्वयंसेवा सँ मिथिलाक सेवा मे लागल एहि संस्थाक सदस्य सब धन्यवादक पात्र छथि।
      पाँचम वर्ष लेल 'शिकायत केन्द्र' केर स्थापनाक लक्ष्य लेल जा रहल अछि। जेकर लक्ष्य अछि: कोनो पीड़ित पक्ष बिना कोनो प्रकारक पूर्वाग्रह रखने - बिना कोनो सेल्फ-फेब्रिकेटेड स्टोरी (मनगढंत कहानी) बनेने विवाह पूर्व 'माँगल गेल दहेज'क आ कथा-वार्ता कोना शुरुआत केलहुँ, कोन स्तरक वरक इच्छा/माँग अहाँक छल, के मध्यस्थकर्ता छलाह, कथा-वार्ता मिलेबाक लेल कि सब शर्त राखल गेल, पैसा-कौड़ी या गर-गहना आ वर-वरियातीक स्वागतार्थ तथा बियाह-विदाई लेल खर्च करबाक लेल माँग कि सब कैल गेल, अहाँक स्वेच्छापूर्ण खर्च सँ बेसी कि सब जबरदस्ती लादबाक कूचेष्टा भेल, आदि समस्त व्योरा उपलब्ध कराउ, दहेज मुक्त मिथिला समुचित मध्यस्थकर्ताक भूमिका निर्वाह कय सकैत अछि।
एहि संस्थाक सदस्यता लेल सब कियो स्वतंत्र छी। अपन-अपन इलाका मे एहि अभियान केर प्रचार-प्रसार एकमात्र कार्यक्रमक क्रियान्वयन अछि।
एहि संस्थाक आधिकारिक फेसबुक ग्रुप-पेज एहि लिंक पर अछि, कृपया सदस्यता ग्रहण करी एहि ठाम ज्वाइन करैत:

संपर्क लेल: इमेल पठाबी - dmmithila@yahoo.com
सधन्यवाद,
प्रवीण नारायण चौधरी
अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक
दहेज मुक्त मिथिला।

सोमवार, 29 दिसंबर 2014

मिथिला महोत्सव मुंबई

28 दिसम्बर -२०१४    दहेज मुक्त मिथिला मुंबई-
द्वारा आयोजित 'मिथिला महोत्सव' २८ दिसम्बर भारतक आर्थिक राजधानी मुंबई मे भव्यतापूर्वक समापन भेल। एहि कार्यक्रमक विधिवत् उद्घाटन पंडित राजेन्द्र झा तथा कृष्ण कुमार झा 'अन्वेषक' केर वेदपाठ आ स्वस्तिवाचन सँ प्रारंभ कैल गेल। तदोपरान्त रश्मि प्रिया द्वारा विद्यापतिरचित गोसाउनि गीत 'जय जय भैरवि' केर गान सँ प्रारंभ कार्यक्रम मे एक सँ बढि कय एक प्रस्तुति परसल गेल। माधव राय, मनुवा ठाकुर, ज्ञानेश्वर दुबे, सुरेशानन्द, रश्मि प्रिया, प्रीति सुमन, पूजा झा - हिनका लोकनि द्वारा एक सँ बढिकय एक दहेज पर आधारित लोकगीत, विद्यापति गीत आ मिथिला महिमागान कैल गेल। भाइ माधव राय द्वारा उगना रे मोर कतय गेलाह आ ज्ञानेश्वर दुबे केर आजु नाथ एक व्रत महासुख लागत हे आ फेर सुरेशानन्द केर हे हर हमर करहु प्रतिपाला सहित अनेकानेक शिव ओ शक्ति केर आराधना जे मिथिलाक खास विशेषता अछि तेकर प्रस्तुति सँ हर मैथिली कार्यक्रम मे स्वयं महादेव आ गौरीक संग मिथिलाक पाहुन राम आ धिया सिया सब कियो आह्लादित भेलाह। उपस्थित जनमानस केर बाते कि कैल जाय जखन स्वयं आराध्यदेव आह्लादित होइथ। कार्यक्रमक भव्यता पर विमल जी मिश्र बस एतबी कहैत छथि "जे एकर वर्णन शब्द मे संभव नहि अछि'। पंकज झा, संयोजक व दहेज मुक्त मिथिलाक राष्ट्रीय अध्यक्ष कहैत छथि "समयक पाबंदी सजा बुझाइत छल - कार्यक्रमक भव्यताक शिखर-शोभा कि कहू"। राजेश राय केर शब्द अछि "बस भाइजी, अहीं टा के कमी छल, बाकी कार्यक्रम तऽ लाजबाब भेल।
   एहि अवसर पर दहेज मुक्त मिथिला अभियान लेल खास रूप सँ नवीन मिश्रा द्वारा तैयार कैल गेल एक डक्युमेन्ट्री फिल्म केर प्रदर्शन सेहो कैल गेल। दहेज समाजक केहेन कूरीति अछि, एहि कूरीतिकेँ लोक जानि-बुझि कोना प्रश्रय दय रहल अछि, एकरा सँ समाजकेँ निजात दियेबा लेल अभियानक दिशा ओ दशा केहेन अछि, एहि मे आमजनक सहभागिता कोन तरहें कैल जाय.. इत्यादि विषय पर समेटल बात राखैत एहि डक्युमेन्ट्री सँ उपस्थित सब कियो एतेक प्रभावित भेला जेकर परिणामस्वरूप उपस्थित हजारों लोकक भीड़ सँ युवाक आवाज आबय लागल जे हम सब संकल्पित छी दहेज मुक्त मिथिला लेल, माँगरूपी दहेजक प्रतिकार करबा मे हम सब एहि अभियानक संग छी। मिथिला तखनहि स्वच्छ आ सुन्दर बनत जखन स्वेच्छाचारिताक बढाबा देल जाय। एहेन सांगीतिक समागम जाहि मे वैचारिक क्रान्ति हो, यैह तऽ मूल उद्देश्य रहैक एहि भव्य कार्यक्रमक। आ अभियानक सफलता लेल जतय मुंबई केर समस्त मैथिल सितारा लोकनि उपस्थित भऽ जाइथ तऽ फेर कल्पना कैल जा सकैत छैक जे समागम कतेक महान ओ गंभीर छल। उल्लेखनीय अछि जे सब सितारा 'राजीव सिंह (गजरा), राहुल सिन्हा, फूल सिंह, मनोज झा, नविन मिश्र, डा. अभय झा, संजीव पूनम मिश्र, गौरव झा, ज्ञानेश्वर दुबे' स्वस्फूर्त दहेज मुक्त मिथिला अभियानक सफलता लेल आगाँ आबि एहि कार्यक्रम मे भाग लेलनि आ संदेश देलनि जे घर-घर एहि अभियानक संदेश केँ पहुँचाबय मे ओ सब सदिखन संग छथि। ओना तऽ एहि कार्यक्रम मे उपस्थिति बहुतो लोकक होइत मुदा उत्तर भारत मे कड़क ढंढक चलते बाहरी उपस्थिति कम भऽ सकल, धरि दिल्ली सँ विमल जी मिश्र अपन वचन केँ निर्वाह करैत एहि कार्यक्रम मे महत्त्वपूर्ण सहभागिता प्रदान केलैन, आयोजक समिति आभार सहित धन्यवाद प्रकट कयलनि एहि लेल।
              कलाकार, फिल्मी सितारा, गायक, विद्वान्, समाजिक नेतृत्वकर्ता अभियानी आ खास कय आयोजक संस्थाक समस्त समर्पित युवा-शक्ति - सबहक समर्पण सँ सुव्यवस्थित एहि ऐतिहासिक विश्वस्तरीय कार्यक्रम आयोजन मे संचालक किसलय कृष्ण अपन प्रखर ओ ओजपूर्ण संचालन सँ मंच केँ एहि तरहें बान्हिकय प्रस्तुति सब करैत रहलाह जाहि मे प्रमुख अतिथि डा. बुद्धिनाथ मिश्र केँ सीधे मंच पर सम्मान कार्यक्रम मे आमंत्रित करबाक अवसर भेटल आ हुनक मुखारविन्द सँ संबोधन भेल जे 'दहेज सँ समाज प्रभावित अछि, निवारण आवश्यक'। तहिना अतिथि लोकनिक सम्मानक क्रम निरंतरता मे रखैत मंच पर सांसद गोपाल सेठी द्वारा कहल गेल जे 'दहेज सब समाजकेँ प्रभावित कय रहल अछि, तैँ एकरा समाप्त करू आ बेटा-बेटी केर समानरूप सँ शिक्षित करू'। एहि कार्यक्रमक विशिष्ट आमंत्रित अतिथि दिल्ली सँ आयल अखिल भारतीय मिथिला संघ केर अध्यक्ष श्री विजय चन्द्र झा केँ मंच सँ सम्मान करैत हुनक मुखारविन्द सँ संबोधन भेल जे 'एक समय दहेज उन्मुलन लेल बैजु बाबु संग सौराठ सँ कार्यक्रम प्रारंभ केने रही, ओकरे नवरूप दहेज मुक्त मिथिला केर कार्य प्रशंसनीय अछि'। स्थानीय विधायक प्रकाश सुर्वे सेहो मंच द्वारा सम्मानित होइत अपन उद्गार प्रकट केला जे 'दहेजक लोभी केर सामाजिक बहिष्कार कैल जाय'। संस्थाक संरक्षक पंडित धर्मानन्द झा सेहो सम्मानित भेला उपरान्त अपन संबोधन मे कहलनि जे 'हम जाहि वचन मे अपना केँ बन्हलहुँ तेकरा अपन बेटीक विवाह सँ पूरा केलहुँ, आगाँ दुइ-दुइ पुत्रधनक पिता रहैत एहि वचनकेँ निर्वाह करबाक लेल प्रतिबद्ध छी'। समयाभाव मे बहुते रास वक्ताकेँ मौका नहि भेटलनि, दयानन्द झा द्वारा सेहो संछिप्त संबोधन मे कहल गेल जे 'सामाजिक विकास लेल दहेज परित्याग करबाक जरुरत अछि'।   अन्त मे एहि सुन्दर आयोजन लेल दहेज मुक्त मिथिलाक समस्त मुंबई कार्यकारिणी केँ समुचित सराहनाक संग अध्यक्ष पंकज झा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करैत अभियान संग निरंतर सहयोग करैत 'दहेज मुक्त मिथिला' निर्माण हेतु सबहक संग पेबाक आह्वान कैल गेल। विदित हो जे ई अभियान फेसबुक सँ शुरु होइत आइ ग्लोबल बनि गेल अछि आ हर मैथिलक संग अन्य-अन्य सहयात्रीवर्ग मे विषय प्रवेश करैत क्रान्ति-आमंत्रण भऽ रहल अछि। एहि आयोजना केँ फेसबुक सँ लाइव फेसबुकास्ट सेहो कैल गेल। कैमरा आ मैसेज द्वारा नियंत्रित समस्त कार्यक्रम केँ स्लट-वाइज फेसबुक पर प्रसारण कैल गेल जाहि मे आयोजन पक्षक धर्मेन्द्र झा, राजेश राय आ राधेश्याम खाँ चुनचुनक संग हम प्रवीण समस्त पोस्ट केँ मैनेज कय रहल छलहुँ। ई आयोजन केँ एहेन कहल जा सकैत छैक जे 'न भूतो न भविष्यति'।  
   बिना कोनो भेद भाव कें एहेन कार्यक्रम, पहिल बेर देखल गेल की,जाहि में मुम्बई कें सांसद विधायक आ अनेकानेक संगठन सबहक कार्यकर्ता,बुद्धिजीबी सब कें सब इक्कठा भऽ कें एक सुर में,बिना कोनो राजनीति कें, दहेज मुक्त मिथिला' अभियानक प्रशंशा केलक आ बाजल जे देश समाज कें लेल,शुरु कएल गेल "दहेज मुक्त अभियान" सब सँ उत्तम कार्य अछि । एहेऩ सुन्दर भव्य आयोजन कें परिकल्पना में श्री प्रविण नारयण चौधरी जी कें दूर दृष्टि,दिव्य विचार धारा, अमुल्य परिश्रम सर्वविदित अछि । पं.श्री धर्मन्नद जी आ पंकज जी कें कार्य दछ्ता अतुलनिय अछि । एक कृष्ण अछि तऽ दोसर अर्जुन,किनका सारथि कहि किनका महारथि कहि । एक सँ बढि कें एक,दिग्गज रथि सब कें संग,दानव रुपि दहेज कें दमन करबाक लेल,वचन आ कर्म रूपि अस्त्र -शस्त्र सँ सुसज्ति भऽ कें महायुद्ध जितबाक लेल प्रतिबद्ध । पितामह भिष्म कें सदृश शोभायमान,श्री विजय चन्द्र झा जी, मिथिलाक कुरीति कें समाप्त करबाक लेल महारथि सब कें अन्दर जोश क संचार करैत छलाह । बुद्धि नाथ मिश्र जी,एहि महाभारतक व्युह रचना भेदन पर,अपन अमोघ दृष्टांत सँ अवगत करा रहल छलाह । पं.श्री धर्मानन्द जीक आतिथ्य आ पंकज जीक सेवा भाव सँ अभिभुत छी । अद्वितय स्वभाव आ हृदयस्पर्शि बिचारधाराक गंगा बहैत पहिल बेर देखबाक सौभाग्य मिलल । धन्य हमर मिथिला,धन्य हमर मैथिल । हम किएक नहि गर्व करब । पुर्व जन्मक कोनो सतकर्मक फल थीक जे एतेक नीक कार्यक्रम में,पं.श्री धर्मानन्द जी आ पंकज जी कें संग भ्राति स्नेहक दुर्लभ खजाना मिलल  जय मिथिला जय मैथिल ।

गुरुवार, 25 दिसंबर 2014

मिथिला महोत्सव - २०१४

मिथिला महोत्सव - २०१४
दहेज़ मुक्त  मिथिला  के  सानिध्य में  - 28  दिसम्बर - 2014  के  देहिसर  मुंबई में   मिथिला  मोहोसव के  आयोजन  होबय जा रहल  अच्छी ,  जाहि  में  अपनेक समस्त परिवार के  उपस्थिति  अनिवार्य  अच्छी  ,  दहेज़  खास क मिथिला  में एकटा  बहुत  पैघ समस्या अच्छी , जाहि  के  निवारण  हेतु , दहेज़ मुक्त मिथिला  परिवार  अपन  कर्तव्  के  पालन  करैत  बेर - बेर  देल्ही  आ   मुंबईटा  नै पूरा विस्व  में  दहेज़ समस्या के  खत्म  कराय  में  लागल  अच्छी , चाहे  नेपाल  सन  करुणा  झा  होयत या प्रवीण जी   आई  तक  अपन  कर्तवय  सं  पाछू  नै हैट पोलैथि  ,  ओहे जिम्बारी के  पालन  करैक  लेल  दहेज़ मुक्त  मिथिला  अध्यक्ष , पंकज झा (मुम्बई ) आ संरक्ष   पंडित  श्री  धर्मनद  झा  , संजय मिश्र  इतियादी  अनेको  भी  सहयोगी शामिल  छैथि , हुनक  अभिलाषा  कइ  पूरा  करैक  लेल  अपनेक  सहयोग  अनिवार्य  अच्छी  । 

याद रखाब - 28 दिसम्बर - २०१४  रवि  दिन 
जय मैथिल जय  मिथिला 

सोमवार, 15 सितंबर 2014

मिथिला म- मैथिलीक मौलिक अधिकारक रक्षाक लेल शुभारम्भा कलश यात्रा दहेज़ मुक्त मिथिलाक अगुवाई में डेल्ही सं

मिथिला - मैथिलीक  मौलिक अधिकारक  रक्षाक लेल  शुभारम्भ  कलश यात्रा ,  दहेज़ मुक्त मिथिलाक  अगुवाई में  देल्ही  सं
Pravin Narayan Choudhary- 
हम एक बेर फेर समस्त दिल्लीवासी गंभीर एवं प्रतिबद्ध मिथिला-मैथिली प्रेमीजन केँ हार्दिक धन्यवाद देबय चाहब जे अपने लोकनिक सहयोग सँ एतेक भव्यता संग काल्हिक कार्यक्रम संपन्न भेल। एक तऽ मानव ताहू पर सँ अनेको तरहक भौतिक भोग-व्यसन सँ रोगग्रस्त कमजोर मानसिकताक शिकार हम प्रवीण एवं समस्त आयोजन पक्ष कतेको प्रकारक त्रुटिपूर्ण प्रस्तुति केने होयब, ताहि सब लेल अपने लोकनि क्षमा करब। किछु महत्त्वपूर्ण घोषणा सब करबाक छल, किछु अभियानक जानकारी सब देबाक छल, लेकिन कार्यक्रम अपन गति मे चलि देबाक कारणे हमरा वश मे किछु नहि रहि सकल। तैँ बेर-बेर मात्र क्षमायाचना टा करब। जे किछु त्रुटि भेलैक ताहि लेल आगाँ आरो सुन्दरता संग सुधार अनैत दिन-ब-दिन बेहतरी केर दिशा मे हम सब बढब से विश्वास बढि गेल।
आयोजन पक्षक मित्र लोकनि!
    
      अहाँ सबहक ऋण सँ ऊऋण हम कहियो नहि भऽ सकब। अमरनाथजी केर निरंतर सहयोग, डिजाइनिंग सहित कार्यक्रम लेल अत्यन्त महत्त्वपूर्ण मानल जायवला सामरिक सहयोग एवं प्रखरता-ओजस्वी संचालन करैत पुन: समीक्षा तक अपनेक संग अविस्मरणीय रहल। संजीव भाइ द्वारा बौद्धिक-वैचारिक आ अतिथिक सूची निर्धारण करैत 'कमल संदेश' केर कार्यालय पर्यन्त संयोजन हेतु उपलब्ध करेनाय - ओह शब्द नहि अछि जे हम धन्यवाद कय सकी। बस, आह्लादित हृदय सँ हमर स्नेह स्वीकार करब। कौशलजी केर सह-संयोजन मानू जेना प्रवीणक दोसराइत बनि सब बागडोर सम्हारलैन, आ केहन हमर स्मृति जे अहाँक अभियान पर जे चर्चा करेबाक छल वैह मनमस्तिष्क सँ बाहर चलि गेल। लेकिन याद राखब, जगज्जननी मैथिली केर कृपा, हम अहाँक हरेक सपना केँ साकार करबाक लेल आइये आ एखनहि सँ प्रण करैत छी। किछु समय देल जाउ। पहिने सँ दिमाग मे जे सब रहल से सब शालीनतापूर्वक संपन्न भेल आ आब मिथिलाक्षर फोन्ट विकास मे यथाशीघ्र निश्चित प्रगति आनि सकब, से गछैत छी। दिसम्बर २०१४ धरि ई कार्य पूरा करबायब, अहाँ निश्चिन्त रहू। हमर 'दि बेस्ट एफोर्ट्स' एहि विन्दु पर आगामी समस्त कार्यक्रम - भ्रमण, अभियान मे ई योजना शामिल रहत। आइ प्रामिस यू! प्रकाश भाइ, मैलोरंग - अहाँक सृजनशील आ क्रान्तिकारी योजना निर्माण हमर मनक बात करैत प्रमुख अतिथिक चुनाव सुझाव मे सहयोग केलक - सहभागिता हेतु अपनेक हर प्रयास नमन योग्य भेल।
फेसबुक केँ धन्यवाद - जे भाइ नरेन्द्र मिश्र संग भेट करौने छल। भाइ अपन संस्थान 'साईंधाम' केर दर्शन करबैत गछने छलाह जे कहियो अहाँ सब मिथिला लेल एतहु अभियान संचालित करू। ओ जहिना एतेक बात कहलैन, तहिये सँ दिमाग मे चलि रहल छल। सब मित्रवर्गकेँ कहने रही जे मिथिला-मैथिली प्रति अगाध सिनेह रखनिहार नरेन्द्र भाइजी केँ हम सब जोडिकय स्वयंसेवा सँ अपन मातृभूमि-मातृभाषा सहित संस्कृति-साहित्य-समाज लेल आगू बढब। ठीक तहिना भगवतीक कृपा सँ एहि बेर संभव भेल। भाइकेँ एक बेर फोन करिते सांगोपाँग तैयार आ तत्पर रहैत सहयोग देबाक वचन देलनि। काल्हि कार्यक्रम मे हुनक स्वैच्छिक योगदान सँ कार्यक्रम स्थल, साज-सज्जा, अतिथि-सत्कार (जलपान सहित) सहयोग लेल पूरा कार्यालय एवं साईंधाम केर अधिकारीवर्ग केँ तैयार अवस्था मे उपलब्ध करौलनि। साईंधाम केँ हृदय सँ धन्यवाद आ आभार प्रकट करैत नरेन्द्र भाइजीक एतेक पैघ सहयोग प्रति बेर-बेर नमन करय चाहब।
कम समय मे सोचल एहि कार्यक्रम एकमात्र महादेव केर प्रेरणा सँ साक्षात् जगज्जननी मिथिला धिया सिया एवं गौरीक कृपा सँ संभव भेल। किछु भाइ लोकनि नहि आबि पेला। शेफालिका माय आ निवेदिता बहिन केर अनुपस्थिति बड कचोटलक। लेकिन आदित्य भूषण मिश्र संग हुनक एक मित्र स्वयं सियारूप मे आबि कार्यक्रमरूपी शिव केँ शव होमय सँ बचबैत स्वयं पूर्ण कार्यक्रम अवधि भरि लेल शक्तिस्वरूपा अन्नपूर्णा बनि विराजमान रहली आ मैथिली नहि बुझितो ओ आनन्दमग्न होइत अपनो एक प्रस्तुति हिन्दी मे पूर्ण मर्मसँ भरल प्रस्तुत केलीह। कविश्रेष्ठ मैथिलक कमी नहि रहल। मनीष झा बौआभाइ, आदित्य भाइ, नितेश कर्ण, किशन कारीगर, जगदानन्द झा मनु भाइ... रामानाथ बाबु, विमल बाबु, विजय काका, विजय जेट भाइ, संजय नागदह भाइ... मस्त वातावरण मे मैथिली जिन्दाबाद - मिथिला जिन्दाबाद होइत रहल। बिजली गूल भेलाक बाद कवि लोकनिक उत्साह एहेन चरम पर छल जे मोमबत्तीक रौशनी मे सेहो कविता वाचन चलैत रहल। अन्त मे बिजली केँ फेर आबय पडलैन।
     
अक्षय बाबु केर आलेख लेल देल समय - बहुत कमे समय मे दिन-राति एक करैत समस्त संवैधानिक सन्दर्भ पर प्रकाश दैत हम मिथिलावासीक मौलिक अधिकार पर प्रकाश देबाक एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण आलेखक प्रस्तुति ऐतिहासिक भेल। एहि विषय पर गंभीर कार्य करैत जाहि तरहें सुझाव देल गेल से मनन एवं अनुकरण योग्य अछि। डा. देवशंकर नवीन - हमरा लोकनिक मार्गदर्शक - हिनक प्रमुख आतिथ्य कार्यक्रम लेल पूर्ण चन्द्रमाक शीतल - निश्छल चाँदनीक समान छल। ऋतेशजी एवं शिशिर बाबु संग नीलमाधव चौधरी सर केर सरस प्रोत्साहित करयवला उपस्थिति आ राखल गेल आलेख पर टिप्पणी सारगर्भित छल। नाउ एण्ड देन - मिथिला मेन - दहेज मुक्त मिथिलाक प्रथम संरक्षक महोदय कृपानन्द सर केर अध्यक्षता कार्यक्रम केर पूर्णता हेतु मोहर लगेबाक काज केलक। तहिना परम आदरणीय वरिष्ठ विकासवादी अभियानी आ हमरा लोकनिकेँ सदिखन आशीर्वाद सँ प्रेरित करनिहार अखिल भारतीय मिथिला संघ केर अध्यक्ष श्री विजय चन्द्र झा केर उपस्थिति मिथिलाक भीष्म पितामह समान छल। ऋषि मलंगिया भाइ केर सहयोगी - प्रेरक वचन सँ डेग-डेग उठबैत मात्र ४ दिन मे कार्यक्रम केँ सफलता संग संपन्न कैल जा सकल। नीरज पाठक, रामचन्द्रजी, हेमन्त भाइ, प्रसुन प्रशान्त, मिहिर बाबु - हम कतेक नाम गनाउ।
दिल्ली मे आब बुझाइते नहि अछि जे अपन निजी गाम नहि हो। अहाँ सबहक उर्जा सँ हमर उर्जा हजारो गुना बढि गेल अछि। सुनील पवन जी द्वारा कलश यात्राक प्रथम चरण लेल जोश-भरल मदैद - विश्वास राखू, अहाँक हर सपना पूरा होयत आ मिथिला-मैथिली लेल ई देन कदापि कियो बिसरि नहि सकत।

बुधवार, 10 सितंबर 2014

अति आवश्यक सूचना: (समस्त मैथिल समाज संग मानव समाज लेल)


अति आवश्यक सूचना: 

(समस्त मैथिल समाज संग मानव समाज लेल)


दहेज मुक्त मिथिला एक आन्दोलन थीक जे सभक जबान पर आबि गेल अछि। निरंतर प्रयास सऽ युवा लगायत अभिभावक वर्ग में सेहो एहि आन्दोलन के सार्थकता जोर पर अछि। एहेन कोनो दिवस नहि जे केओ एहि सन्दर्भे अपन जिज्ञासा नहि पठबैथ। सभ के कहब छन्हि जे हुनका सऽ जतेक संभव होयत से सहयोग देब। हमर जबाब सदिखन एकहि:-


१. अपनेक सहज सामर्थ में जे अछि से करू।

२. जाहिठाम रहैत छी, ओहिठाम एक कार्यसमिति निर्माण करू।

३. अपने जाहि गाम के छी ओहि गामक किछु बड़-बुजुर्ग आ युवा-युवती के जोड़ैत एक समिति निर्माण करू।

४. काज बहुत रास नहि - एकदम छोट - जे - अपनेक इलाका में सम्पन्न भेल दहेज मुक्त विवाह केनिहार के सूची निर्माण करैत संस्था द्वारा सम्मान करबाक अवसर बनाउ, विवाह-योग्य वर व कन्या के परिचय संकलन करैत संस्था के वेबसाइट www.dahejmuktmithila.org पर 

प्रोफाइल निर्माण करू, एकर अलावे जे गाम या ठाम में छी ताहि ठामक धरोहर के उपेक्षा दूर करबाक लेल प्रयास करू। समिति के एक प्रमुख व्यक्ति के नाम संस्था के बैनर/पुस्तिका में प्रविष्ट करबाओ।

५. एकर अलावे अपनेक सल्लाह आ सुझाव सऽ निम्न उद्देश्य के पूर्ति तरफ ध्यान दियौक:

*समाजक मूल दुश्मन ‘लैंगिक विभेद’ अन्त करबाक अछि।

*असाक्षरता दूर करबाक अछि, खास कऽ के महिलावर्ग में पूर्ण साक्षरता के विशेष पहल करबाक अछि।

*दहेज मुक्त समाज निर्माण में दहेज के त्याग करनिहार के सम्मान जरुरी, नहि तऽ दहेज लेनिहार दहेज के स्टेटश सिम्बल मानैत समाज में प्रदूषण नित्य बढा रहल छथि आ वर्गीय विभेद के सृजन सेहो कय रहल छथि, से सावधान।

*आजुक २१म शताब्दी में दुनिया के बेटी कतेक आगू चलि गेल... लेकिन जाहि समाज में दहेज प्रथा के प्रभाव अछि, लोक बेटीके शिक्षा कम आ दहेज इन्तजाम में मजबूरी बेसी पड़ैत छथि, एहि तरहें समाज अन्य दहेज मुक्त समाज के अपेक्षा पिछड़ैत अछि।

*स्वेच्छाचार के स्वागत हो - जे अपन इच्छा सऽ नीक घर आ वर के चक्कर में घूमैत छथि आ लूटबैत छथि, हुनका पर केवल दया सऽ भरल एक दृष्टि दी आ हाथ जोड़ि ईश्वर सऽ प्रार्थना करी।

*बहुत रास तथाकथित इन्जिनियर आ एम.बी.ए./एम.सी.ए. आ आधुनिक अनेको तरहक डिग्री लैत इन्तजार में छथि जे केम्हरो सऽ केओ भोलाभाला बेटीवाला आबि किछु माल-खजाना सेहो दैथ आ घर के सुशीला-पुनीता सेहो दैथ... तदोपरान्त असलियत में लोभ के संजाल में फंसा ओहि बेटीवाला के तरह-तरह के मांग सऽ परेशान राखैथ, नहि पूरा भेला पर भोली-मुनियां के सब मिलि प्रताड़ित करैथ... एहेन समाज के दुश्मन के पहचान करू आ सतर्क करू सभके। सावधान।

*हमर सभ के प्रयास में दहेज मुक्त विवाह लेल सहजता हो ताहि के इन्तजाम कैल गेल अछि - www.dahejmuktmithila.org आ www.mithilashaadi.com, https://www.facebook.com/groups/dahejmuktmithila/ पर प्रोफाइल अपलोड/अपडेट करू - तदनुसार जोड़ी के खोजी करू। मुदा सावधान - बहुत रास ढोंगी बाजैत किछु आर आ करैत किछु आर अछि... ताहि हेतु दहेज मुक्त मिथिला के समिति संग सम्पर्क करैत मात्र अन्तिम निर्णय करू अन्यथा संस्था के जिम्मेवारी नहि होयत।

*एको शहर - एको गाम बाकी नहि हो... एहि अभियान संग जुड़य लेल अहाँके सद्‌प्रयास के जरुरैत अछि।
 


     
   https://www.facebook.com/groups/dahejmuktmithila/doc/374593335884737/ एहि पर देखू आ अपन सल्लाह सऽ एकरा आरो पुख्ता करू। 


*अपन परिवार के दहेज मुक्त बनाउ, स्वतः दुनिया दहेज मुक्त बनत। बेसी आडंबर के सेहो बहिष्कार करू। संछिप्त विवाह 

प्रक्रिया आ आवश्यक विध-व्यवहार के पालन हो। आदर्श विवाह प्रारूप सेहो उपलब्ध अछि।

सधन्यवाद!

दहेज मुक्त मिथिला परिवार

मंगलवार, 5 अगस्त 2014

दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४ केर द्वितीय विमोचन, राजविराज

दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४ केर द्वितीय विमोचन, राजविराज

दहेज मुक्त मिथिला, नेपाल केर संयोजन मे 'दहेज मुक्त मिथिला - स्मारिका २०१४' केर दोसर विमोचन आइ राजविराज मे सम्पन्न भेल। कार्यक्रमक अध्यक्षता संस्थापक अध्यक्ष प्रवीण नारायण चौधरी तथा प्रमुख आतिथ्य ब्रह्माकुमारी भगवती दीदी, ब्रह्माकुमारी राजयोग केन्द्र, राजविराज केर प्रमुख केर रहल। संस्था मे मैथिली-मिथिला सँ जुडल लगभग हरेक संस्थाक महिला तथा पुरुष केर सुन्दर सहभागिता संग रहल। कार्यक्रम केर आयोजन दहेज मुक्त मिथिला तथा अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् केर अध्यक्षा श्रीमती करुणा झा जी केर संयोजन मे जिला विकास समिति, राजविराज केर सभागार मे कैल गेल।
कार्यक्रमक उद्घाटन प्रमुख अतिथि केर हाथ सँ दीप्ति प्रज्ज्वलन करैत कैल गेल। तहिना संस्थाक महासचिव श्रीमती साधना झा द्वारा स्वागत भाषण तथा संस्था तथा अभियानक विस्तृत परिचय विमोचन समारोहक अध्यक्षता कय रहला प्रवीण ना. चौधरी द्वारा केलाक बाद प्रमुख अतिथि भगवती दीदी केर हाथ सँ सुसम्पन्न भेल।  कार्यक्रम मे सहभागी नागरिक समाज केर अध्यक्ष श्री थानसिंह भंसाली, बाल कल्याण समिति सँ मंजु श्रेष्ठ, मैथिली साहित्य परिषद् केर अध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र, सल्लाहकार हित नारायण दास, मैथिल महासंघ, नेपाल केर अध्यक्ष माननीय विष्णु मंडल, मैथिली साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद्सँ श्याम सुन्दर पथिक, प्राध्यापक सुरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, प्रा. वन्दना मिश्र, चन्द्रिका यादव, रेणु साह, पिंकी कुमारी झा, नन्दलाल आचार्य, विद्यानन्द यादव बेदर्दी, किशोर कुमार यादव, वरिष्ठ पत्रकार बैद्यनाथ झा, मैथिली साहित्यकर्मी तथा पत्रकार शुभचन्द्र झा, मानव अधिकारकर्मी मनोहर पोखरेल, महिला अधिकारकर्मी कमला भंसाली, आदि केर नीक सहभागिता रहल। शुभकामना संदेशक संग मिथिला समाज सँ दहेजरूपी दानव भगेबाक लेल मात्र सभा आ भाषण टा सँ नहि होयत, एहि लेल कारगर डेग उठेबाक आवश्यकता पर सबहक जोर रहल।
स्मारिका मे रहल त्रुटि पर सेहो प्रखर टिप्पणी करैत भविष्य मे एहेन त्रुटि नहि दोहरेबाक अपेक्षा राखल गेल। मंच संचालन ध्रुव जी द्वारा कैल गेल। कार्यक्रमक बीच मे सहभागी लोकनिक तरफ सँ कोनो तरहक जिज्ञासा तथा संस्थाक कार्यक्रम सम्बन्धी समस्त जानकारी लेबाक लेल खूल्ला मंच पर बहस राखल गेल। सम्बन्धित जानकारी करुणाजी तथा प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा समुचित ढंग सँ देल गेल। संगहि, करुणा जी द्वारा दहेज मुक्त मिथिला केर जिम्मेवारी सम्हारबाक लेल उपस्थित वरिष्ठ सदस्यगण, सल्लाहकार तथा कार्यकारिणीक पुनर्गठन लेल आह्वान कैल गेल।प्रमुख अतिथि द्वारा गरिमापूर्ण संबोधन मे नारी सशक्तीकरण तथा आत्मनिर्भरता लेल संस्कार प्रदान करबाक जिम्मेवारी माता-पिताक रहबाक बात पर जोर देल गेल। संगहि, नारी पुरुष प्रधान समाज मे नौकर बनि समय गुदस्त करबाक मानसिकता सँ मुक्ति पाबि अपन परिवार प्रति जिम्मेवारीक वहन करबाक स्वयं मे क्षमता विकास करैथ एहेन प्रेरक संवाद तथा शुभेच्छा देल गेल। तहिना मंजू श्रेष्ठ द्वारा सेहो महिलाकेँ आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देबाक लेल आह्वान कैल गेल। नागरिक समाज केर अध्यक्षक तरफ सँ दहेज मुक्त मिथिला अभियान प्रति समर्थन आ अभियानक प्रसार लेल पूर्ण सहयोगक वचन देल गेल।
तहिना श्रीमती भंसाली द्वारा मैथिल समाज संग मारवाडी तथा अन्य समाजक रहन-सहन सेहो घुलल-मिलल रहलाक कारणे वैवाहिक सम्बन्ध लेल जँ लडकीक माँग कैल जाइत अछि तऽ विवाह करबाक लेल तत्परता देखेबाक अनुरोध कैल गेल। कथनी आ करनी मे समानता रखबाक लेल सेहो अनुरोध कैल गेल। मात्र सभा आ भाषण तक दहेज केँ समस्या मानब आ बाद मे फेर सऽ स्वयं दहेजक लोभ मे फँसब, एहि तरहक मिथ्याचार सँ समाजक भलाई संभव नहि होयत से स्पष्ट कैल गेल। तहिना अन्य-अन्य वक्ता लोकनि सेहो अपन विचार तथा दहेज मुक्ति लेल स्वयं संकल्प बेर-बेर दोहरेला। क्रान्ति लेल पहिने अपन घर सँ शुरु करबाक प्रतिबद्धता पर सब कियो जोर देलनि।