dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

सोमवार, 4 अप्रैल 2011

हिंदू नववर्ष विक्रम संवत २०६८, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की हार्दिक शुभ मंगलकामना...

समस्त मैथिल आ मिथिलांचल के मिथिला मंच के तरफ से हिंदी नव वर्ष के हार्दिक शुभकामना।साथ ही साथ नवरात्री के मंगलमय शुभकामना,हम मिथिलामंच के तरफ से समस्त मिथिलांचल, मैथिल आ देश विदेश में जतेक भी मैथिल बसल ये हुनकर स्वास्थ,सुख आ समृधि के माँ भगवती से कामना करैत छि। आशा ये की अहाँ सबहक़ जीवन में ई साल नबका उमंग भरे।

Hindu New Year

हिंदी नव वर्षक के अखनो धैर उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, बिहार, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा आओर महाराष्ट्र में मान्यता दैत अछि। मुदा हम सब ग्रोगेरियन यानी अंग्रेजी कलेंडर के अनुसार अपन काज धंधा करैत छि। ई बेर हिंदी वर्ष २०६८ अंग्रेजी कलेंडर के अनुसार दिनांक 4 अप्रैल, 2011 के पडल ये। ई दिन मूल रूप से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अमावस्या में चैत्र माह के बाद के दिन के मानल जाय ये। हिंदी नव वर्षक कलेंडर चंद्र-सौर प्रणाली के अनुसार काज करय ये। जाही कारन अखनो धैर हम सब सूर्योदय आ चंद्रोदय के सटीक भविष्यवाणी कs सकय छि।
चैत्रक नवरात्रि या बसंतक नवरात्रि, नव वर्ष के पहिल दिन से शुरू होयत ये. ई नवरात्रि श्री राम नवमी पे समाप्त होए ये. जकरा श्री राम नवरात्र के रूप में जाने जाय ये।

1 टिप्पणी:

madan kumar thakur ने कहा…

अति सुंदर