dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

बुधवार, 11 फ़रवरी 2015


 प्रस्तावित झंझारपुर जिला में जनवितरण प्रणाली के भ्रष्टाचार आ धांधली स आब जनता त्रस्त भा गेल अछि .
     बार-बार चेतावनी आओर प्रसाशन सं गुहार लगेला के वाबजूद प्रसासन द्वारा दोषी पर कुनू करबाइ नैय कयल जा रहल अछि .....बुझना जाइत अछि जे प्रसासन आओर डीलर दुन्नुक मिलीभगत सं गरीब जनताक हक मारल जा रहला अछि I मिथिला स्टूडेंट यूनियन आब गरीब मैथिल जनताक लड़ाई लड़त I 12 फरवरी सं भ्रष्टाचार के खिलाप जन आंदोलन करत I
 

   आमरण अनशन 12 फरवरी सं झंझारपुर अनुमंडल कार्यालय के सामने मिथिला स्टूडेंट यूनियन के मधुबनी जिला संयोजक कीर्ति मंडल केर नेतृत्व में कड़त I 
     अपने सब मिथिलावासी सं अनुरोध भारी संख्या में पहुँच अहि यज्ञ में भाग ल सफल बनाबी


डीलरक किरदानी 
गाम गाम में शोर भेल अछि , 
डीलर अछि बेईमान 
सभक मुँहे सुनि रहल छी, 
डीलर अछि शैतान
लाबै छथि राशन जनता के नाम पर
आ तुरंत विदा भ जाइत छथि दुकान पर
दूकानदार सँ कनफुसकी क' क'
दस बजे रातुक समय द' क'
सुन दलान देखि अबीह' बौआ
एकटा बड़का बोड़ा ल' क'
पाई नगद तू लेने अबीह'
दाम में नै तू घिच - पिच करिह'
कियाक त' गारिक हार हमहि पहिरै छी
जनता के श्राप हमहि लैत छी
हाकिम के घुस हमहि दैत छी
तैयो हम चोरे कहबै छी
गौंआँ के बुरबक बनाबी
अपने हम हाकिम कहाबी
सब कियो आगा पाछा करैया
घुस में पान तमाकुल दइया
तैयो हम करै छी मनमानी
ककरो कोनो बात नै मानी
दस बोड़ा हम चीनी रखने
तोरे सब के लेल
बाँकी जे दू बोड़ा बाँचत
जनता के ठकी लेब
गाम में दस टा मुँहगर कनगर
मुंह तकर हम भरबै
बाँकी सब ठाम झूठ बाजी क'
चोरी हमहि करबै
अगिला खेपी तेल आनब
तू तखनहि रहिह' सचेत
रस्ते में तू ठाढ़ रहिह' पाई टीन समेत
गाम पर अनिते देरी
भ' जाइया हेरा फेरी
मुखिया जी बदमाशी करैया
टीन झोरा ल' एतय अबैया
दस किलो चीनी आ तेल
ओकरो मंगनी देबय पड़ैया
मुदा दस किलो चीनी आ तेल पर
मुखहिया जी सकदम
टकरा बाद जे मोन करैया
करै छी अपने मन
टकरा बाद किरानी सबके
झूठ बाजी छी हमहि ठकने
लोक सब हमर किरदानी के
महीना में दस टा दैत अछि दरखास
जा गांधी (पांच सौ ) द' आफिसर के
तुरंत करा दैत छी बरखास
घुसक छैक एखन जमाना
तेन ने हम छी बनल दिबाना
चारि साल धरि कहुना कहुना
ई कोटा चलि जाएत
पाँचम साल बुझह
सीमेंट जोड़ी दू तल्ला पिटायत
बेसी तोरा की कहिय'
एहि में घर बैसल बड्ड नफ्फा
मुदा आशीर्वाद में कखनो
घर घरायण सब सफ्फा 

(१९९२ के डायरी सँ )
Sanjay Jha


3 टिप्‍पणियां:

Shanti Garg ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.....

Shanti Garg ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.....

pbchaturvedi प्रसन्न वदन चतुर्वेदी ने कहा…

लाजवाब प्रस्तुति...
PLEASE VISIT@चन्दन सा बदन