dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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शुक्रवार, 2 मार्च 2018

#बुरा_न_मानो_होली_है

#बुरा_न_मानो_होली_है
#धर्मनिरपेक्षता #व्यंग्य
आप सब को होली मुबारक । हम होली कि हार्दिक शुभकामनाएं नहीँ देते क्योंकि हमें सेक्यूलर नामक कीड़े ने काट लिया है । ये अंधभक्त, कट्टर हिन्दू, संघी मानसिकता ,ब्राह्मणवादी मानसिकता वाले लोग इस देश मे अमन शांति नहीं रहने देना चाहते । ये देश जय भीम जय मीम का है । मूलनिवासियों की जय हो । यहाँ गंगा -यमुना बहती हैं । मुझे आज तक समझ नहीं आया कि यमुना उनकी कैसी हो गयी । यमुना तो यम की बहन है । हमारे यहाँ आज भी भाई -,दूज में बहने गाती हैं जेना यमुना पूजलकै यम के ओना हम पूजै छी अपना भाई के ।
आज सुबह से ये सोच सोच के मैं परेशान हूँ कि आज जुम्मा है हमारे शांतिदूत भाई लोग कैसे नमाज़ पढ़ेंगे। मीलॉर्ड को आज होली मनाने पर रोक लगा देना चाहिए था ।कहीं कट्टर हिन्दुओ ने रंग अबीर लगा दिया तो माहौल खराब हो जायेगा। हर जुम्मे को कितना भी जरूरी काम क्यों न हो हमारे शांतिदूत भाई भारत मे अमन एवं शांति और इज़राइल की बर्बादी के लिए अल्लाह ताला से  दुआ मांगते हैं । सरकार को चाहिये कि देश की तरक्की एवं अमन शांति की दुआ करने वाले इन शांतिदूत भाइयों को हर रोज नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाये । हमारा क्या है तो मने मने हनुमान चालीसा पढ़ लेते हैं ।
      ये संघी लोग कितना भी बोले हम तो  शांतिदूत भाइयों को देखते ही सलाम वालेकुम बोल देते है । पता नही किस भाई का कनेक्शन आई एस आई एस से हो और हमें ऊपर पहुंचा दे । हमारे धर्मनिरपेक्ष हिन्दू भाईयों ने  अपने भाई को कभी भाई न बोला हो लेकिन शांतिदूतों के नाम के आगे जरूर भाई लगाते है जैसे सलमान भाई.....
 सुने है यू पी में नमाज़ का वक़्त बदलना पड़ा बेचारे शांतिदूतों को । नमाजवादी सरकार रहती तो होली का दिन बदलना पड़ता ☺️
मोदी-योगी हाय हाय
नारा ए तदबीर अल्लाह हो अकबर
#हैप्पीहोली
Prakash Kumar

सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

प्रियतम जुनि करू आब विलासे ।। रचयिता - रेवती रमण झा "रमण"

            || प्रियतम जुनि करू आब विलासे ||
                                 

प्रियतम  जुनि   करु   आब  विलासे
दीप-शिखा शशि ज्योति मलिन भेल
भानु प्रभा छथि पासे ।।  प्रियतम....

संगक  सखी   अवगत   रति  भेदहुँ
  करत           हास्य      -   परिहासे ।
  गत   रस   गंध    अंग   सब   झामर
   अरुणिम अधर उदासे ।। प्रियतम....

सगर   रैन   चैन    चित   पल   नई
वासर           धरु         सबकासे ।
पाओल      सुखद    समागम  वेला
की रवि राहु गरासे ।।  प्रियतम......

"रमण" सुमन अलि बचन श्रवण करु
   नइ      पुनि       उचित       दिलासे ।
   तृषित   मनोज  तृप्त  भय    लज्जित
     भेल चित निरस कपासे ।।  प्रियतम....

रचयिता
रेवती रमण झा"रमण"


शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

अनुपम छवि ऋतुराज वसंत । रचयिता - रेवती रमण झा "रमण"

      || वसंत - गीत ||
                          

अनुपम  छवि   ऋतुराज  वसंत
 सुललित कानन चारु कल्प नव
       तरुवर तरुण चढ़ंत ।। अनुपम......

  कुहुकत कोकिल कुँज कुटिर नव
   कलरव      कर      मधु      गाने ।
  नवल  कुसुम  नवरंग  नवल  रस
      भ्रमर  करत मधु पाने ।। अनुपम....

शीतल  मंद  बहय  मलयानिल
सुमन    सुरभि     लय     माते
   खग मन मुदित उदित मुक्तामणि
      मंजरि मधु बरसाते ।। अनुपम.....

शैशव छिन ऋतू संचित यौवन
भल         सरवस       समतुले
  "रमण" सुमन अलि आलिंगन रत
       पावन ऋतु अनुकूले ।। अनुपम.....

रचयिता
रेवती रमण झा"रमण"


मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

|| होली में चलते गोली रंगरसिया ||

               || होली में चलते गोली रंगरसिया ||
                           

होली में चली गेले गोली रंगरसिया
होली में------------------------------

बहलै   पछवा     ठीके   दुपहरिया
निकसलि  घर  सँ  वसंती  बहुरिया

   होली के हुड़दंग में सर  र  र र  र र र
     फाटि गेलै गोरिया के चोली रंगरसिया
                    होली में.............

भंग   तरंग   अंग   अछि    जागल
बुढ़बो  फागुन    में  देवरा   लागल

डम्फा   ताल   पे    गाबै   जोगीरा
अंगना  में चले  टिटौली  रंगरसिया
                      होली में-------------

सतरंगी   भरी  -  भरी   पिचकारी
होली     खेलथि     कृष्ण    मुरारी

भेद   भाव   नई    रंग   महल।  में
" रमण" बनल हम जोली रंगरसिया
  होली   में   चली   गेलै   गोली  ।।
                
रचयिता
रेवती रमण झा"रमण"
mo-9997313751 


शनिवार, 17 फ़रवरी 2018

नयन सूखल नयि नोरक धार रचयिता - रेवती रमण झा"रमण"

              ||  सूखल नयन नयि नोरक धार ||
                                   
  
पथ हेरि वयस बितल गहि मोख
आँचर  छूछ, विकल  भेल कोख
भेल     संताप    सींथक    सिंदूर
नई   भल  कैल,   कंत  मोर   दूर
सरसिज  सेज  शूलहि  सन भेल
जे  भल हमर  चित्तहि चलि  गेल
शीतल   समीर   ताप   तन  लाग
की  जग  पैच   भेटय  भल  भाग
"रमण" केहन दुर लिखल लिलार
  सुखल  नयन  नञी  नोरक  धार

रचयिता
रेवती रमण झा"रमण"