dahej mukt mithila

(एकमात्र संकल्‍प ध्‍यान मे-मिथिला राज्‍य हो संविधान मे) अप्पन गाम घरक ढंग ,अप्पन रहन - सहन के संग,अप्पन गाम-अप्पन बात में अपनेक सब के स्वागत अछि!अपन गाम -अपन घरअप्पन ज्ञान आ अप्पन संस्कारक सँग किछु कहबाक एकटा छोटछिन प्रयास अछि! हरेक मिथिला वाशी ईहा कहैत अछि... छी मैथिल मिथिला करे शंतान, जत्य रही ओ छी मिथिले धाम, याद रखु बस अप्पन गाम - अप्पन बात ,अप्पन मान " जय मैथिल जय मिथिला धाम" "स्वर्ग सं सुन्दर अपन गाम" E-mail: apangaamghar@gmail.com,madankumarthakur@gmail.com mo-9312460150

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सोमवार, 11 अक्टूबर 2010

आब कहू कतय गेल रोजगार




मदन कुमार ठाकुर
ग्राम/पोस्ट- कोठिया पट्टीटोल
 झंझारपुर , मधुबनी ,
बिहार ( 847404)
mo -91-9312460150


छी गरिब निर्धन के घर सं
आशा भेटल कतेको हजार ,
नही अहि फंड त अगिला फंड में
बढिक घर खसी केर कतेक इंतजार ,,
आब कहू यो बीडियो सहिब
कतय गेल इंदरा आबस अधिकार ?
आरीये - धुरे चलिते फिरते
खसैत - परैत भेलो लाचार ,
अहि गाम से ओही गाम धरी
कतोउ नही भेटल सरक शुधार ,,
आब कहू यो डी एम् साहिब
कतय गेल प्रधानमंत्री योजना अधिकार ?
टी वी , रेडियो सब दिन सुनलो
होयत जगत में शिक्षा केर पहचान ,
स्कुल कालेज सब दिने देखय छि
मास्टर नहीं त बिद्दार्थी शुने मशान ,,
आब कहू यो केंद्र सरकार
कतय गेल ई सर्व शिक्षा अभियान अधिकार ?
सब दिन भगलो पटना दिल्ली
गाम घर से भेलो लाचार ,
जायत -जायत दरभंगा , मधुबनी
कतेको बुजुर्गो केलानी सिधार ,,
आब कहू यो स्वास्थ विभाग
कतय गेल स्वास्थ पंचायत समिति अधिकार ?
रौदी - दाही साले - साले
पेट से भूखल रहल परिवार ,
घुस खोरी बैमानी के चकर
सब दिन चलल ई रोजगार ,,
आब कहू यो ग्राम सेबक जी
कतय गेल अन्तोदय अनपुर्ना अधिकार ?
चोरी - डकैती बाटे घाटे
अपहरण देखै छी बिच बाजार ,
रंगदारी आ टेक्स वसूली
गामे - गामे चलैया ई रोजगार ,,
आब कहू यो कमिशनर साहब
कतय गेल क़ानून अधिकार ?

शुक्रवार, 24 सितंबर 2010

खट्टर काका से वार्तालाप मिथिला के सन्दर्भ में -------

 
 (हम खट्टर काका के दलान पर जखन पहुचलो खट्टर काका भोजनोपरांत कुर्सी पर बैसल छालैथ)
हम कहाल्यैन खट्टर काका गोर लगैत छी !
खट्टर काका - जिवैत रहू हम आहा के पह्चैन नै पेलो आहा के थिको !
हम - हम   अपन गाम अपन बात  लअके   आयल छी , हमर नाम मदन कुमार ठाकुर भेल, हमर घर कोठिया - पट्टीटोल  अछि
खट्टर काका - तखन आहा हमरा सं की पुछेय चाहैत छी !
हम - आई सं किछ साल पहिने अपनेक ओहिठंम हरिमोहन भईया आयल छालैथ ओ आहा सं चुरा दही चीनी के मूल तत्व के वर्णन जाने आयल छलाह ! तीनो लोक से मिल के बनल अछि जे इ चुरा दही चीनी से आहा सं जानकारी हुनका भेटलैन ! ओही उद्देश सं हम आय अपनेक समक्ष मिथिला विकाश के संदर्भ मं किछ बात करै लेल आयल छी यदि अपनेक के आज्ञा होय त हम किछ अर्ज करी !
खट्टर काका - बाजल जाऊ आहा की पूछे चाहेत छी !

हम - खट्टर काका हम मिथिला के संस्कृति पर पहिने ध्यान देब चाहैत छी जे हमर संस्कृति कहेंन अछि, एकर मान - सम्मान, आचार - वैवहार एक दोसर के प्रति आदर - सत्कार, प्रेम - भावना कहेंन अछि ! आगा जेके एकर मिथिला के उत्पवित संतान पर कतेक प्रभाव परते और नारी जाती के कतेक सम्मान रहते ! मिथिला महान बनत की नै से हम अपने सं जाने चाहे छी !
खट्टर काका - मदन बाबु यदि मिथिला के संस्कृति के बात करी त पहिने बीतल इतिहास के देखि ! आय से कई साल पहिने विद्यापति जी छला मंडनमिश्र, अयाची मिश्र शंकराचार्य जी इत्यादि अनेक महाविद्वान सब भेलैथ ओ सब अपन - अपन कर्तव्य पुरा के क मिथिला के मान - सम्मान दैत चल बैसला ! एतबे नै हम राजा जनके लग सं सुनैत छी मिथिला वर्णन, मिथिला दर्शन, मिथिला के आचार - बिचार दोसर के प्रति सदभावना मधुरबचन इ सब त अपन मिथिला के देन अछि ! दोसर थम कथापी इ कतो नै भेटत क्येक त इ मिथिला मेखूबी छै जे एक - दोसर सं प्रेम मधुर बोली केना बाजल जायत अछि, आय यदि मिथिला बासी चाहैथ जे हमरा संस्कृति पर कुनू आंच नै आबय त पहिने अपन घर के संस्कृति पर ध्यान देब परतेय ! क्येक त हम आय घर - घर मे देखैत छी जे अपन संस्कृति के छोड़ी विदेशी कल्चर लोग अपनाबैत अछि ! माँ - बाबूजी कहब त दूर आब मोम - डैड कहल जायत अछि ! एक दोसर के प्रणाम केनाय त दूर आब हेल्लो - हाई बाजल जायत अछि ! मानलो आई - कैल मे लोग सब किछ अंग्रेजी ज्यादा पैढ़ - लिख लेलक अमेरिका लन्दन सब जाय लागल तकर माने की हम अपन संस्कृति के छोरी दिए इ हमर कर्तव्य अछि इ हमर अधिकार अछि जे विदेशो मे जाय के अपन संस्कृति के उपयोग करी ताहि मे हमर सब मिथिला वासी के कल्याण होयत , और हर मिथिला राज्य आगा - आगा मार्ग पर चलैत रहत !हमर इ कामना आर दुवा अछि !
हम - खट्टर काका हम देखैत छी जे हमरा मिथिला मे महान - महान कविगन, लेखक, डॉक्टर, इंजिनियर,प्रेस रिपोर्टर सब छैथ ताहि उपरांत हमर मिथिला राज्य आगा विकाश क्येक नै के रहल अछि ! एकर की कारन अछि ?
खट्टर काका - देखु मदन बाबु आय कैल के जूग मे सब अपन - अपन रोजी - रोटी के मार्ग बनबैत छैथ ! दोसर से दोसर के ककरो - ककरो त मेलो - मिलाप नै होइत छैन ताहि हेतु ओ मिथिला विकाश की ओ त अपन घरो के विकाश नै कs सकैत छैथ !
हम - खट्टर काका हम देखैत और सुनैत छी जे आय कैल मे सरकार शिक्षा पर पूर्णरुपे खर्चा कs रहल अछि ! ताहि उपरांत कुनू परिवर्तन नै देखैत छी , सब कियो दिल्ली - मुम्बई भागैत फिरैत अछि !
खट्टर काका - सुनु सब के मन के सोच अपन अलग - अलग होइत छै यदि कुनू आदमी के पैसा ज्यादा भ जायत छै त ओकरा पैसा कूट-कूट काटे लगे छै त ओ अपन पाई के जोगार करतै न ! हुनके सब के देख के आस - पास के जे रहनिहार सब छैथ सब सोचैत छैथ जे फलना के बेटा दिल्ली गेले त हमर बेटा क्येक नै मुम्बई जेता इ जे गाम-घर के रित रिवाज बनल अछि दे बड ख़राब अछि ! अहि मे शिक्षक गन की करता ओ अपन हाजरी लगबैत छैथ और तनखा पबैत छैथ ! अहि मे मारल जायछी हम गाम - घर के गरीब लोकसब (नै घर के नै घाट के) और विषेस की कहब !
हम - खट्टर काका हम हर सहर मे सुनैत छी जे उत्तरी बिहार के सब जिला के सड़क यातायात पर केन्द्र सरकार के सेहो नज़र गेलैन हं ओ नितिस जी के माध्यम सं दिल्ली आसाम रोड सेहो बनी रहल अछि और साथ मे ग्रामीण सरक व्यवस्था के सेहो सूधार भ रहल अछि !
कट्टर काका - हाँ हाँ से तs हमहू सुनैत और देखैत छी सब इ चैल नेता सब के जे N H और ग्रामीण सरक व्यवस्था भ रहल अछि ! की कहू आहा के आय सs साठ साल पहिने हमरा गाम से पूरब पुल टूटल से त एखन तक कियो सोंगर दै बाला नही आयल ! बाढ़ी मे गामक गाम दैह गेल से तs देखेय लेल कियो नही आयल और आहा कहैत छी जे रोड बनबैत अछि ! पिछिला साल न्यूज़ मे सुनलो जे केवल मधुबनी बिकाश के लेल चारी हजार करोड़ रुपैया केन्द्र सरकार देल्कैय से तs नेता और मुखिया सब कुनू पैर - पैखी नही लगेय देल्कैय आ आहाँ कहैत छी जे यातायात व्यवस्था बरहल अछि यो मदन बाबु सब कियो अपन कुर्सी के फ़ायदा उठा रहल अछि !
हम - खट्टर काका तखन किसान भाई के लेल सेहो काफी मुवाब्जा भेट रहल अछि जेनाकी दहार के सुखार के और जगह जगह पर बिजली पम्प के व्यवस्था हर गाव हर पंचैत मे चालू होई बाला अछि कई जगह सब मे नहर के सेहो व्यवस्था भगेल और भो रहल अछि ! अहि विषय पर अपने'क की विचार अछि !
खट्टर काका - सुनू मदन बाबु हमरा सं जे पूछी तs हम सचे कहब की गामक - गाम दहा जायत छै आ मुवाब्जा भेटैय छै एक दु गाम मं जिनकर गाम मे कुछ नाम गाम छै ओ अपन पुरा पुरा प्रोपटी के नाम लिखा दैत छै इये हाल सब जिला के हरेक ब्लोक मे अछि ! और बिजली व्यवस्था के की कहू जिला मे दु तीन थम के नाम सुन्लीय हम आ नहर व्यवस्था व्यवस्था सब चौपट कs गेल जेता किसान भाई के खेती करैय बाला जमीन छल से तs नहर मे चल गेल ओ खेती की करता ! खेत गेला के बात हम १० वर्ष से देखैत छी जे नहर मे पैन नै, आब कतेक नहर पैन के आशा ओ तs धन्यवाद दियोंन इन्द्र देवता के जे हुन्कर कखनो कखनो दया दृष्टि हमरो सब पर भो जैट छैन !
हम - खट्टर काका हम मिथिला बासी के मुह सं सुनैत छी जे हमरा मिथिला राज्य चाही ताहि मे अपने'क की राय अछि ?
खट्टर काका - यदि हमर मिथिला राज्य अलग भो जायैत अछि तs बहुत गर्व के बात छी फेर पुनः मिथिला विदेहक नगरी कहाओत और मिथिला के मान - सम्मान पान मखान सं होयत
जय मैथिली, जय मिथिला
~: लेखक :~
मदन कुमार ठाकुर
कोठिया पट्टीटोल
झंझारपुर (मधुबनी)
बिहार - ८४७४०४
मो 9312460150


गुरुवार, 23 सितंबर 2010

कनिक हंसिय लिय

१.

पति - डाक्टर साहिब हमर घर वाली के पेट में एक दू महिना से लगातार दर्द भ रहल छैक से
कन्नी निक जेका देखियो की कारन छैक ?
डाक्टर - देखो मै अछे से देख लिया हूँ और दबाई भी दे दिया हूँ , रोज सुबह - शाम
एक - एक मुन्ना खा लेना और फिर १५ दिन के बाद आके दिखा बा लेना ,
पत्नी - यो फल्लं के बाबु हमरा पेट में और जोर से दर्द बारहल जैया , रोज साँझ आ भोर के एगो - एगो मुन्ना खैत छीय तयो ,
पति - निक बात छि , निक बात छि , दर्द होयत अछि त हुअ दियो , देखियो १४ दिन में कतेक टा पेट भगेल अछि , लागैत अछि जे जल्दीय एक दू महिना में डेल्बरी भ जायत ,
२ .
पत्त्नी - सुनै छिय हम आब खेनाय - पिनाया नै बंबायब और चुल्हा चेकी के काज नही करब ,
पति - से किया ?
पत्नी - आब केंद्र सरकार आ बिहार सरकार सेहो महिला के लेल ५० प्रतिसत आरक्षण क देलकै हन , अपन भविष्य सुधारे के लेल ,
पति - ठीक अछि , आहा बहार के काज देखू आ दुनिया घुमु , हम घर में भोजन बनायब आ संग- संग अहाँ के बचो के जनम देब ,
३.
पत्त्नी - यो फला बाबु के रेडियो में कहैत छल जे , परिवार की गती विर्धी को रोको या फिर कंडोम इस्तमाल करो ,
पति - ठीक अछि , हम जाई छी दबाई दुकान पर ,
( दुकान दर से ) यो हमरा एगो कंडोम दिय , हमरा अपन कनिया कहलें हन ,
दुकानदार - कुन कंपनी के आ लेडिज या जैन्स के ?
पति - हम पूछी के आबैत छी ,
यई सुनैत छिय , कहलक जे कुन कंपनी के आ लेडिज या जैन्स के ,
पत्त्नी - कहबैन अपना दुकान से बच्चा बाला ,

४.
पति - (फोन से फोन पर ) चालू डार्लिंग सिनेमा देखेय लेल ,
पत्त्नी - आई नै सन्डे दिन ,
पति - (फोन से अगिला सन्डे के ) आई टिकट ल लिय ?
पत्त्नी - (चुपे - चाप ) कहलो ने अगिला सन्डे दिन के ,
पति - एखन कतय छी ? ऐना कियक बजय छि ,
पत्त्नी - कहलो ने बॉय फ्रेंड संग पि बी आर में ,
५.
( पति - पत्नी के एक दोसर से झगरा होयत छल , खूब गारा - गारी , ओकरा माय के ओ ,त
ओकर बाप के ओ , खाई त छलखिन , )
पति - हम जहिया से बियाह केलो हमरा कपार में आगि लागी गेल ,
पत्नी - हमरा जहिया से एकरा संग हमर माय बाप लगा देलक हमर नशीब में आगि लगी गेल
( ताबे में एगो छोरा जे दिल्ली से आयल छल , आ संग में मोबाईल फोन सेहो रखने छल ओ हबर - हबर -१०१ नंबर डाइल क देलकै आ कहलकै , हेल्लो अग्नि शमन पुलिस कंट्रोल (यस स्पीकिंग ) सर हमरे परोस में एक ही परिवार के पति और पत्नी को कापार में आग लग चुके है कृप्या बुताने
का प्रबंध करे --)
पुलिस आयल आ दुनु बय्क्ति के हाथ में हाथकरी लगा के जेल में बन्द क देलकैन , तखने दुनु प्राणी के कपार में लागल आगी सांत भगेल ,
6।

पति - यई काल्ही हमर मैरेड एनिभार्शारी छि , से हमर दोस्त महिम सब आयत से
अपन मुहक सरोसती के कनी बंद क के रखाब ,
पत्नी - ठीक अछि , बुझालो अहाँ के बात ,
दोस्त सब - यो मित्र बहुत निक पार्टी रहल , बहुत आनन्द आयल , बहुत खेलो - पिलो ,
मुदा अह्ना के लाइफ़ पाटनर के नहीं देखैत छि , हुनके लेल ने एतेक केलो हन ,
कनी बजाऊ हुनको से बात करब आ मैरेड एनिभार्शारी के सेहो सल्ब्रेट क देबैन ,
पति - यई सुनाई छीय हमर दोस्त सब कनी बात करता से घर से बहार आउ कनी
चेहरा देखा दियोन हिनको सब के ,
दोस्त सब - आ -- हा हा , बहुत सुन्दर , -२ दोस्त अहाँ त खूब नशीब बाला छि यो ?
पत्नी - हँ हँ कियक ने आई जे हिनकर मैरेड एनिभार्शारी जे छियन ,
दोस्त सब - से की अहाँ के मैरेड एनिभार्शारी नहीं छि ?
पत्नी - नै , हमर बियाह के प्रथम शालगिरः छि ,
7.
जगदम्बा ठाकुर के प्रस्तुती –

पत्नी - यो फल्ला के बाबु गाम में सब कहैत छैक जे कमला कात में बड़ जोरगर
बाड़ी आयल छैक से सबटा सामान लके कतय जायब , घर त बढिक पैन से
खैस परत ?
पति - यई अहाँ सब दिनक बुधु के बुधु रहिये गेलो ,
पत्नी - से की ठीके त कहैत छि ,
पति - बाढ़ी एलय त आब दियो ने , कमला के कात में में एलय ना हमर घर त
कमला के दुनू छहर के बिच यानि कमला के पेट में अछि , हमरा कुन डर ,
8.
पत्नी - यो सुनैत छिऐ आब शोभाग्य मिथिला टी वि पर गप्पी नंबर वन आबैत छैक ,
से अहँ कियक नै अहि में भाग लैत छि , ओही में भाग लेला से बहुत रास
पाई, बहुत रास समान आ बहुत रास इज्जत, आ मान सम्मान सेहो भेटत ,लोक सब
सेहो चिनहत जे ई फलां बाबु छिया ,
पति - हाँ हाँ से त ठीके कहैत छि , मुद्दा अहाँ के झारू ,अहाँ के बारैहन , आ अहाँ के खापैर
आ बेलां से फुर्सत भेटत तखन न ,

पत्नी - सब के घर में देखैत छि , गिप्ट पर गिप्ट भरी घर गिप्टे टा मुद्दा अहाँ के घर
में की आयल , एको पाओ मिठाई के डिबो टा नही , खाली नाम के लेल पंडित जी ,
सबटा फुसिये के जे हमरा एतेक रास जजमान अछि ,
पति - अहाँ चिंता कियक करैत , सब दुखक इलाज त हमरे लग अछि ,
पत्नी - से कोना ?
पति - जाबे हम १००१ रूपैया नही लेबई ताबे की हम कतौ के पूजा करेबनी , हमरा बिना
किनको की उधार छैन , जाबे लबैन नै ताबे पूजा करबैन नही, हम टस से मस नही हेबैन ,
ओकर बात अहाँ लैत रहब गिप्ट ,लिप्ट, सिपट जतेक लेबक रहत ,

लेखक -
मदन कुमार ठाकुर
जगदम्बा ठाकुर
पट्टीटोल , कोठिया , झंझारपुर ,
मधुबनी , बिहार
मो -- ९३१२४६०१५०

मंगलवार, 21 सितंबर 2010

ई सबटा मैथिल कहैया

ई सबटा मैथिल कहैया

दुनिया कहैया बिहार बर पाछू ,
नेता कहैया आब कतेक जागू,
केंद्र कहैया की- की सब देखू ,
बिहारी कहैया कतय के भागु ,
हम नै ,  ------
ई सबटा मैथिल कहैया----
साइंस कहैया आब कतेक खोजू ,
शिक्षा कहैया आब कतेक जागू ,
विद्दायर्थी कहैया आब कते पढू ,
शोभाग्य मिथिला कहैया कते देखाबू ,
बिहारी कहैया कतेक आब सुतू ,
हम नै ,  ----------
 ई सबटा मैथिल कहैया------

दिल्ली कहैया कतेक क राखू ,
बम्बई कहैया कतेक क भगाबू ,
अमेरिका कहैया कतेक विजा बनाबू ,
लन्दन कहैया कते और अप्नाबू ,
बिहारी कहैया कतय घर बसाबू
हम नै , ----------
 ई सबटा मैथिल कहैया----

कमला कहैया आब कतेक रूकु ,
कोशी कहैया आब कतेक देखू ,
गंडक कहैया किम्हर के बहु ,
नहर कहैया कते आब पटाबू ,
बिहारी कहैया की सबहक़ जल पिबू ,
हम नै ,--------
 ई सबटा मैथिल कहैया----

कर्म कहैया कतेक बचाबू ,
धर्म कहैया कतेक निभाबू ,
सरम कहैया कतेक छिपा बू ,
मृत्यु कहैया कते बेर जिबू ,
बिहारी कहैया कते दुःख सहू
हम नै ,---------
 ई सबटा मैथिल कहैया----

शरावी कहैया कते आब पिबू ,
किसान कहैया कते बेशाहा लगाबू ,
पंडित कहैया कते दान कराबू ,
मोन कहैया कते आब कानू ?
बिहारी कहैया कते दुःख सहू ,
हम नै ,--------
 ई सबटा मैथिल कहैया----

रेलगाड़ी कहैया कते आब चलू ,
रिजर्व वेशन कहैया कतेक आब करू
प्लेन कहैया कतेक आब ऊरू ,
संसाधन कहैया कते नियम लगाबू
बिहारी कहैया कथि से चलू
हम नै ,-----------
 ई सबटा मैथिल कहैया----
 
madan kumar thakur
kothia pattitol jhanjharpur
madhubani , bihar 847404