रूचि गोस्वामी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
रूचि गोस्वामी
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, 30 अक्टूबर 2012
लखना के बाबू
›
लखना के बाबू लखना स कहला कि , जो जा क हटिया स तरकारी ल क आ . झोरा -झपटा ल क लखना भेल विदा . अधे बाट में किछु लोग लखना के लेलेक उठा...
कंजूस मास्टर
›
एकटा मास्टर जी छला बड कंजूस , हुनक कंजूसी स पत्नी रहै छली बड रुष्ट . साबुन खर्च के डर स चिकनी माईट स नहाई छला , धोती फटइ के ...
शनिवार, 27 अक्टूबर 2012
बिरजू क कनियाँ
›
भिनसरे स गावं में हल्ला अछि की , बिरजू क कनिय...
3 टिप्पणियां:
माइक व्यथा
›
कहियो मै मनबई छलई की, बेटा कहिया हैत , आई बेटा मनबई छई की, मै कहिया जैत. कहियो माइक लोरी सुइन क, बेटा सुतई छलई. आई माइक...
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें