सोमवार, 28 नवंबर 2011
-----कनियाँ बनाम बाबा-----
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ओ अपन अथबल मायक कोढ़ आ आन्हर बापक करेज बेचिक' बेसाह' चाहैत अछि सनकल कनियाँक लेल एक रत्ती मुस्की! तें पितामहक पिताहम केर किनल माटिक ...
2 टिप्पणियां:
----------गीत----------
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की हिन्दू आ की मुसलमान एके शोणित, एके परान मिथिलाक माटी पर रहनिहार बस, एक बात हम मानै छि ! मंदिर पूजा, मस्जिद पूजी...
-------निर्वासन-----
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कत' रहब आ कोना रहब धरती-गगन आकी चान पर रहब? जंगलक झोंझ! पहाड़क खोह!! वसुन्धराक सोन्हि!!! आकी समुन...
यहां बिकते हैं दूल्हे,क्या बोली लगाएंगे आप!
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http://www.bhaskar.com/article/BIH-bride-groom-are-selling-in-bihar-2584271.html सहरसा.दहेज लेना या देना दोनों कानून की नजरों में भले ही...
शनिवार, 26 नवंबर 2011
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दहेज़ मुक्त मिथिला बनाबू@प्रभात राय भट्ट समाजक कलंक बनल अछि तिलक दहेज़ // की जाने लोग कोना करैया एकरा परहेज //२ बेट्टा बनल अछि मालजाल बाप ...
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