ऑम प्रकाश झा
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बुधवार, 9 नवंबर 2011
मैथिली गजल( ऑम प्रकाश झा )
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मैथिली गजल हमर हृदयक कुंज-गली मे विचरैत मोनक मीत अहीं छी। गाबि-गाबि जे मोन सुनाबै सदिखन ओ राग अहीं गीत अहीं छी। जिनगी हमर पहिने कह...
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