सोमवार, 9 मई 2016

आ तु आब फरिझाइयै ले
















 Ranjeet Kumar Jha -

सत्ताक जोर अजमाइये ले, मिथिला मोह मोलाइयै ले
तोहर लाठी हमर पीठ, आ तु आब फरिझाइयै ले..
वोट काल में गप्पक झटहा, चीनी मील भेल फुसि फटका
नै छलौ जबाब त' माफी मंगितै, हमरा रोकत पुलीसक सटका
आब हमहुँ छी मुरहेट्ठे बन्हने, तु हुँ सप्पत खाइयै ले.
तोहर लाठी हमर पीठ, आ तु आब फरिझाइयै ले.
मोन परै छौ अपने बेरी, नै त' मिथिला सँ भतबरी
मिथिलांचल के जत्तेक नेता, सब के तु सुंघेलैं ज'री
अहिबेर वोट मांग' जे एथुन, खापरि चान उराइयै ले
तोहर लाठी हमर पीठ, आ तु आब फरिझाइयै ले.
छोइर क' गामक घर-घरारी, नीक लगैत अछि सुनैत बीहारी
एक बेर मिल सब करू तैयारी, मिथिला में व्यवसाय पसारी
क्रांती के नव संखनाद छै, सबटा ओइल सधाइयै ले.
तोहर लाठी हमर पीठ, आ तु आब फरिझाइयै ले.
सत्ताक जोर अजमाइये ले, मिथिला मोह मोलाइयै ले
तोहर लाठी हमर पीठ, आ तु आब फरिझाइयै ले..
"रंजीत कुमार झा"
०८/०५/२०१६

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