मंगलवार, 29 मई 2012

मैलोरंग सुर समाद ( गीतकार सुधीर)


नियत समय स’ शुरू भेल मैलोरंग द्वारा आयोजित सुर समाद. जेना कि अपने लोकनि के पहिने स’ ज्ञात छल जे एहि प्रकारक सुर समादक आयोजन मैथिली संगीतक क्षेत्रमे एकटा अभिनव प्रयोग अछि जकर शुरुआत केलक अछि मैलोरंग. एहि महत्वपूर्ण आयोजनमे सहयोग केलन्हि मैथिली इंटरनेट नेट समाचार पत्र ईसमाद.   

एहि बेरक मैलोरंग सुर समाद के केन्द्रमे छल गीतकार सुधीर जीक मैथिली गीत रचना संसार. अपन पूर्व नियोजित दिनांक 27 मई, 2012 के साँझ 6.30 बजे स’ स्थानीय राजेन्द्र भवन, 210 दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, दिल्ली – 02 के मुख्य प्रेक्षागृहमे समय स’ लगभग 15 मिनटक देरी स’ प्रारंभ भेल ई आयोजन. प्रेक्षागृह समय स’ पूर्वहि प्रेक्षकगण स’ भरि चुकल छल. दिल्लीमे मैथिल दर्शकक अपार उपस्थिति मैलोरंगक प्रति उपजल विश्वासक परिणाम अछि. जखन कि एही समय देशक महत्वपूर्ण आयोजन आई.पी.एल. के फाइनल मैच के छोड़ि ई लोकनि मैलोरंगक सुर समाद सुनबा लेल दिल्लीक गर्मी 45/46 डिग्रीक पारा के झेलैत प्रेक्षागृहके अपन उपस्थिति स’ भरि देने छलाह. सम्पूर्ण मैलोरंग परिवार अहाँ लोकनिक एहि प्रेमक प्रति नतमस्तक अछि.

मैलोरंग दिस स’ दर्शक लोकनिक स्वागत आ सुर समादक संचालनक भार एहि बेर हमरे भेटल छल. सब गोटेक स्वागत भेलन्हि. आयोजनक शुरुआत रंगकर्मी रंजू जीक प्रति हुनकर आत्माक शांति लेल एक मिनटक मौन स’ शुरू भेल. मैथिली रंगमंचक प्रति रंजूजीक लगाव, अभिनयमे हुनक लगाव, मैथिली मिथिला लेल शहादत आदिक चर्चा करैत नम आँखिए मैथिलीक प्रेक्षक लोकनि मैलोरंग संग मौन भ’ ठाढ भेलाह.

आब स्वागत कयल गेलनि आजुक साँझक मुख्य केन्द्र गीतकार सुधीरजीक. सुधीर जी आजुक समयमे सबस’ बेसी मैथिली गीत लिखनिहार आ मैथिल समाजमे कैसेट मे बजनिहार गीतकार छथि. मैलोरंग दिस स’ हिनकर स्वागत केलन्हि मैथिलीक सुप्रसिद्ध अभिनेता आ मैलोरंग रंगमंडल प्रभारी मुकेश झा. गीतकार सुधीर एहि तरहक पहिल आयोजन लेल मैलोरंग परिवारक भुरि भुरि प्रसंसा केलन्हि.

आब शुरू भेल सुधीरजीक गीत रचनाक श्रवण. प्रथमत: छल बिहार गीत जकरा स्वर देने छथि विकास झा आ देवानंद. एहि गीतके ट्रैक पर बजाओल गेल आ एहि ध्वनि पर नृत्य केलीह तनीशा, बॉबी आ ज्योति. तीनू बहिना एतेक सुन्दर नृत्य संयोजित करतीह से हमरो विश्वास नै छल मुदा अपन नृत्य भंगिमामे शास्त्रियताके समाहित क’ खूब नीक प्रस्तुति देलन्हि.

मंच पर अयलाह युवा पीढ़ीक अग्रणी आवाजक प्रणेता देवानन्द. सुधीर लिखित सरस्वती वन्दना आ बौआ-बच्चा लेल लिखल गीत दूध रोटी गूड़ि क’ खुआ दे... गौलन्हि.  


मैलोरंग प्रति लगाव आ सुधीरजीक प्रति स्नेह के परिचायक बनलीह सुश्री ऋचा ठाकुर. अपन शारीरिक असमर्थताक बादो ऋचाजी एहि सुर समादमे अयलीह. हिनकर अदम्य साहसके अहाँ लोकनि सेहो सलाम करबनि. ऋचाजी के प्रेक्षागृह स’ बाहर हुनकर गाड़ी स’ उतारल गेलन्हि एकटा कुर्सी पर आ सब लोकनि हुनकर एहि कुर्सी के उठा क’ मंच पर अनलाह आ मंच स’ ऋचाजी अपन खनकैत आवाजमे गीत गौलन्हि. कनियो क्लेश नै छलन्हि हुनकर मुखमंडल पर अपितु हुनक मुँहक आभा आरो मोहित करैत छल. जखनि ऋचाजी के मंचपर आनल गेलन्हि सम्पूर्ण प्रेक्षक लोकनि ठाढ़ भ’ क’ हिनकर स्वागत केलथि. ऋचाजी दूटा गीत गौलीह : सिहकि क’ पूर्वा वदन सिहराबै... आ दोसर छल कहबौ कि बहिना बेरिन भेल कंगना... सुन्दर गीत रचना आ ओहने सुन्दर आवाज. सुधीरजीक प्रति लगाव आ आगू बैसल मैलोरंगक सुधि प्रेक्षकक स्नेह स’ तृप्त भ’ ऋचाजी आरो गीत गाब’ चाहैत छलीह मुदा समयाभावक कारण ई संभव नै भ’ सकल.

आब मंच पर अवतरित भेलाह गायक सुनील कुमार पवन. ई संयोगे छल जे आजुक दिन सुनील जीक जन्म दिन सेहो चलन्हि. मैलोरंग परिवार दिस स’ हिनका जन्मदिनक बधाई सेहो देल गेलन्हि. सुनील पवनजी मंचपर अपन हारमोनियम ल’ बैसलाह आ सुधीर जीक रचना से अछि माँ के आँचर...  आ बेटी के जनम स’ डेराय के... गौलन्हि. प्रेक्षागृह के अपन तान स’ शास्त्रीय गायन दिस मोड़ि लेलाह.

सुश्री कुमकुम मिश्रा जी जखन मंचपर ठाढ़ भेलीह त’ हुनकर गीत आबि जाउ कटनी मे गाम हेयौ सजना... सुनि युवा प्रेक्षक लोकनि झुमि उठलाह. मंचपर कुमकुम जीक उपस्थिति आकर्षक छल. अपन ध्वनिमे अलग अलग टोन के खूब नीक जेना समाहित केने छलीह. प्रेक्षक  लोकनि के आरो गीत सुनबाक इच्छा छलन्हि संगहि कुमकुम जी के सेहो आरो गीत गेबाक मोन रहन्हि मुदा समयाभावक .... हिनका बेर बेर सुनबाक मोन मैलोरंग आ हिनकर प्रेक्षक दुनू लोकन्हि छनि. कुमकुम जीस’ मैलोरंग परिवार माफी लैत कार्यक्रम आगू बढौलक. 

आब मंचपर स्वागत भेलन्हि मैथिली गीतक हरफनमौला विकास झाक. विकास जी मैलोरंग मंच पर आरो कतेक बेर आबि चुकलाह अछि. मैलोरंग प्रति हिनकर लगाव अत्यधिक छनि. अपन तानमे सुधीरजीक रचना दिल्ली मुम्बई आ आसाम...  गौलाह. गीत समकालीन छल. एकरे संग विकास जी एकटा जिंगल सेहो गेलन्हि ... बिन्देसरा बीए पास... मस्त आवाजक आ सुन्दर मंच ज्ञान छनि विकासजी मे.

ककरो डॉक्टर ककरो अफसर... गीत ल’क’ मंचपर अयलीह सुश्री अंजू झा. प्राय: सब आयोजनमे श्रोता लोकनि हिनका स’ ई गीत अरबैद्ध क’ सुनैत छथि. अपन गीत गायनमे खूब नीक आभिनय के सेहो संयोजित करैत छथि अंजू जी

हिनका बाद एकटा एहन सुपरिचित गायक औलाह मंचपर जे एखन तक सुधीरजीक मात्र गीत गबैत छथि आ अपन आवाजक तानक उठान स’ केहनो श्रोता के अपना दिस खिचबाक सामर्थ रखैत छथि. अहाँ छी मैथिलीक धनिकलाल मंडल. धनिक लाल जी पहिने त’ ठुमरी गेबाक विचार केने छलाह मुदा दर्शकक चाह आ मंच संयोजनक कारण बैसक’ नहि ओ ठाढ भ’ क’ गेबाक विचार केलन्हि आ सुधीर जीक दोसर रचना गेलन्हि. हिनकर आवाज समुच्चा प्रेक्षागृह के उद्वेलित क’ देने छल. अद्भुत तानक मालिक छथि धनिकलाल मंडल जी. एक-एकटा दर्शक लोकनिक मुँह स’ वाह-वाह निकलि गेलन्हि.

आब अयलीह सुश्री रश्मि रानीमैलोरंग आ रश्मि एक दोसराक पूरक छथि. रश्मि बिना मैलोरंग के सोचि सकैत छथि ? मैलोरंग स्थापना स’ जूड़ल रश्मि रानी एक स’ एक विकट परिस्थिति मे मैलोरंगक मंच पर उपस्थित भेलीह अछि. गीत-नादे टा किएक मैलोरंगक नाटकमे सेहो हिनकर मधुर ध्वनि सुनबाक अभ्यस्त भ’ चुकल छथि मैलोरंगक प्रेक्षक लोकनि. रश्मि अयलीह आ पूर्वा वयार जेना लचकै छै डॉर केना... गीत के गाबि सराबोर केलन्हि.

आब मंचपर स्वागत भेलन्हि आजुक आयोजनक अतिथि उस्ताद जौहर अली खाँ साहबक. उस्ताद साहबक स्वागत केलन्हि वरीष्ठ पत्रकार आशीष झा. उस्ताद साहब मंच पर वायलीन स’ मधुर ध्वनि प्रसारित केलन्हि. ई रोमांचित क्षण छल जखन उस्ताद जीक वायलीन स’ मैथिली गीत रचना निकलि रहल छल.

भोला बाकाक स्तुतिक लेल मैथिली गीतक ओ आवाज जे घर घर बजैत छथि ओ अछि आमोद झा. आमोद जी अपन गायनक मात्र एकटा अंतरामे अपन गायनक परिचय द’ देलन्हि. हिनकर  आवाजक बुलन्दी आ गायनक तान जाहिमे शास्त्रीयताक मिश्रण स’ प्रेक्षक लोकनि गदगद भ’ गेलाह.

आजुक साँझक अंतिम ध्वनि छलाह भाष्कर झा. समयाभावक कारण भाष्कर जी सेहो एकटा अंतरा गेलाह. मुदा एक मात्र अंतरामे भाष्कर अपन सुमधुर ध्वनि स’ मोहित क’ गेलाह. हिनकर आवाजमे सुधीर जीक लिखल भोला बाबाक गीत सुनल गेल.   

एहि गायक लोकनि के गायन संग मंचपर वाद्य यंत्र पर रहथि : भोला वर्मा (तबला), नवनीत (कीबोर्ड), सोमेश्वर (बाँसुरी), ब्बाबू भाई (पैड), मुरारी जी (नाल) आ एकलाख भाई (बैंजो).   
अपन पारिवारिक कारण स' गायक सुरेश पंकज नै पहुँच सकलाह. मुदा हिनकर अनुपस्थिति कनियो नै अखर' देलन्हि दिल्ली मे रहनिहार उपर्युक्त गायक लोकनि.


मैलोरंग दिस स’ अहि आयोजनमे सहयोग करबा लेल मैथिली नेट पत्र ईसमाद परिवार संग,  कुमुद सिंह, आशीष झा आ सुनील कुमार झाक हादिक धन्यवाद स’ देल गेलन्हि.

मंचपर अयनिहार सब गायक लोकनि के मैलोरंगक अभिनेता आ संरक्षक सदस्य लोकनि मैलोरंग स्मृति  चिह्न द’ क’ स्वागत केलथि.    

दूटा महत्वपूर्ण घोषणा भेल : 

पहिल आगामी 27 अगस्त (रविदिन) मैलोरंग रेपर्टरीक अभिनेता लोकनि स्थानीय श्रीराम सेंटर प्रेक्षागृहमे प्रथम आधुनिक मैथिली 'सुन्दर संयोग' मंचित करत. सुन्दर संयोगक रचना 1905 ईमे कविवर जीवन झा द्वारा भेल छल. मुदा विडम्बना अछि जे ई नाट्य प्रस्तुति एखन तक मंचित नै भेल अछि. एहि बीड़ा के उठौलन्हि अछि मैलोरंग रेपर्टरी.  

दोसर घोषणा आरो महत्वपूर्ण अछि. 

एहि ठाम दिल्ली मे 24 – 30 दिसम्बर, 2012 तक सात दिनक 'मलंगिया नाट्य महोत्सव' के आयोजन कयल जायत. एहि मे सातो दिन महेन्द्र मलंगिया लिखित सात टा नाटकक मंचन होयत. ई आयोजन सेहो श्रीराम सेंटर प्रेक्षागृहमे होयत.                           -- प्रकाश झा     
 sunil  kumar  jha 
e samad 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें