गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

फेर एक बेर महिला शक्ति आएल आगू...

माथ पे घोघ, मोनक उत्साह आ हाथ में मतदाता पहचान पत्र, जी हाँ हम गोप कए रहल छि बिहार के पंचायत चुनाव के जतय पहिल बेर नबकी बहुरिया भी बुध दिनक वोट में अपन योगदान देलक। कैक टा ते एहनो बहुरिया रहे जे पहिल बेर अपन देहरी नांघलक रहे। नबकी बहुरिया के देखय के लेल जबनका के साथ-साथ बुढ्वो शामिल रहे। पहिल बेर समाज के बंधन के तोि कए लोकतंत्र के चौखट पर पहुंचल बहुरिया कए देखि के ते एही लागि रहल ये जे बदलाव के बयार दलान गुजरैत गाम-घोर तक पहुंची गेल ये।


बिहार में भेल पहिल चरण के मतदान में हरेक जगह ई दृश्य देखय लेल भेट जायत रहे, हरेक बूथ पर मरद से बेसी औरते के भीड़ देखल जाय रहे। भोरे से सबटा बूथ पर महिला के लम्बा लाइन देखय ले मिल जायत रहे जाही में हरेक उम्र के महिला शामिल रहे। उत्साह में कोनो कमी नै महिला सब से गोप केलाs पर ओ कहलखिन से रोजे ते परिवार के समय देते छि किया नै आय हम अपन समाज लए समय दी। हाँ सब खुश बड़ रहे कियाकि वोटे के बहाना हुनका सब के गाम घोर के गली आ चौबटिया जे देखय लए मिल गेल। मुदा हम ते एही कहब की बिहार बदैल रहल ये जाही में महिला के योगदान के हम नै भुला सकय छि।

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