शुक्रवार, 24 मई 2013

मिथिला राज्य निर्माण यात्रा: जन सरोकार आ जन-जागृतिक अचूक मंत्र



मिथिला राज्य निर्माण यात्रा: जन सरोकार आ जन-जागृतिक अचूक मंत्र
एहि पोस्ट द्वारा रथ-यात्रा वृतान्त केँ परिकल्पना कागज पर उतारबाक प्रयास कय रहल छी जे आगामी समय में रथ-यात्री अभियानी 'मिथिला राज्य निर्माण सेना'क वीर-पुरुष लेल सेहो काजक होयत। मार्गदर्शन लेल मानचित्र पूर्व यात्रा आ जनता संग सहकार्यक आधार पर कैल जा रहल अछि।

समय भोरे ५ बजे वसुधाक ओ महत्त्वपूर्ण भूभाग जतय साक्षात् जगज्जननी सिया अवतरित भेलीह - अवतारक प्रसंग सर्वविदिते अछि जे रावणक अत्याचारी अहंके बध करबाक लेल मायारूपी जगदम्बिका सीतारूपमें जनकनन्दिनी बनि लीला कयलीह; ताहि पुनौराधाम (सीतामढी) सँ रथयात्री अपन-अपन धर्म अनुरूप ईश्वरकेँ प्रार्थना (सजदा) करैत यात्रा प्रारंभ करताह। उपस्थित जनमानसकेँ रथयात्री द्वारा संबोधन करैत सामान्य जनमानसहि सँ कोनो बुजुर्ग आ प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता द्वारा पुनौराधामक विकास संग ओहि क्षेत्रक आम-जनताक माँग सूची सेहो प्राप्त करताह आ तदनोपरान्त यात्रा आगू बढत। पुन: सार्वजनिक महत्त्वके कोनो भूमिपर रथ रुकैत जन-जनसँ गला-मिलानी करैत, हाथ जोडि प्रार्थना करैत मिथिलाक खसैत अस्मिता आ पिछडल विकासक चर्चा करैत ओहि गाम-ठामक सरोकारक सूची ग्रहण करैत आगू बढैत चलता। हरेक ५० कि.मी. के यात्रामें कोनो एक जगह जनसभाक आयोजन कैल जायत। ओहि जनसभामें कोनो एक स्थानीय अभिभावककेर नेतृत्वमें विचार-गोष्ठी कैल जायत जेकर विषय 'भारतीय गणतंत्रमें मिथिलाक स्थापना: मिथिला राज्य निर्माण' होयत। विचार पक्ष या विपक्ष दुनू के समेटल जायत। प्रस्तावना सहित के रजिस्टर पर जनमानसकेर उपस्थिति जगह-अनुरूप, नाम, सम्पर्क आ हस्ताक्षर लेल जायत। पुन: ओहि जनसभामें एक प्रश्नावली जे विषयपर लिखित विचार लेबाक दृष्टिकोणसँ होयत ताहिपर जनमानसके प्रतिक्रिया संकलन कैल जायत, एहि पर्चीमें लोकक नाम, फोन नं. आ विचार जे मिथिला राज्य चाही वा नहि तेकर निर्णय लिखित रूपमें रहत आ गुप्त रूपमें बैलट-बक्समें संग्रहित कैल जायत जेकर गिनती यात्राक अन्तमें कैल जायत आ ओकरा जनादेश मानल जायत। तहिना रथयात्रा एक यज्ञ रूपमें सत्याग्रह थिकैक ताहि लेल सभक आर्थिक अनुदान लेल सेहो दान-पेटीक प्रयोग कैल जायत आ जिनका जे श्रद्धा हेतन्हि से योगदान देताह। मिथिला राज्य निर्माण सेनामें जे कियो सहभागी बनय लेल इच्छूक हेता आ गाम-गाममें संगठन विस्तारक आवश्यकता देखैत एहि लेल अनुरोध करैत नाम जोडल जायत। मिथिला राज्य निर्माण परिषद् के सदस्यता नाममात्र (१० रुपया) शुल्क पर्ची काटैत कैल जायत। यात्रा विश्राम कोनो मन्दिर या मस्जिद या आमजनक उपकारी स्थल पर ग्रामीणक सहयोग सँ कैल जायत। रात्रि भोजन व विश्राम सँ पूर्व सेहो विचार गोष्ठी आ उपरोक्त समस्त प्रक्रिया निरंतर रूपमें कैल जायत। जन-जन के विचार लेबाक लेल उपरोक्त प्रक्रियासँ अतिरिक्त आरो प्रभावी उपाय अपनेबाक योजना अछि। सत्याग्रही लेल कोनो बात विरोधाभासी नहि होइत छैक, समर्थन या विरोध सभ किछु एकसमान होइत छैक - ताहि हेतु विचार प्रकट करबाक स्वतंत्रता समस्त जनमानसकेँ देल जायत। सत्याग्रहीक विचार केकरो पर थोपल जयबाक या केकरो विचारधारा या सिद्धान्तक विरोध लेल कम बल्कि भारतीय संविधानमें जन-गणकेर सरोकारक बात राखब आ मिथिला समान ऐतिहासिक संस्कृतिक संरक्षण लेल राज्य निर्माण जरुरी कहि जन-जनकेँ अपन आगूक संघर्ष लेल प्रेरणा संचरण कैल जायत। पुन: दोसर दिनक कार्यक्रम जाहि सँ दोसर जिलाक यात्रा उचित समयसँ पूरा हो ताहि तरहें भोरे ७ बजे सँ नित्य प्रारंभ करैत सूर्यास्त होइत-होइत समुचित स्थानपर यात्राक रात्रि-विश्राम देल जायत। हरेक जिला सँ विभिन्न राजनीतिक दल आ समाजसेवीक समुचित सहभागिता पर विशेष बल रहत, जाहि सँ सभक विचार ग्रहण करैत एकजूट प्रयास सँ मिथिला राज्य निर्माण लेल संघर्ष जमीन पर चलत से विचार अछि।

सोमवार, 20 मई 2013

समस्त जागरुक मैथिल मित्र सँ निवेदन जे एहि महत्त्वपूर्ण मुद्दा पर जरुर ध्यानकेन्द्रित करी....





   समस्त जागरुक मैथिल मित्र सँ निवेदन जे एहि महत्त्वपूर्ण मुद्दा पर जरुर ध्यानकेन्द्रित करी....

मिथिलामें मैथिली सिनेमा लागत - १००% स्योर भऽ जाउ।
मिथिलामें मैथिलकेँ प्रथमत: रोजगार भेटत - १००% स्योर भऽ जाउ।
मिथिला क्षेत्रक कला-संस्कृतिक संरक्षण-प्रवर्धन लेल प्राथमिकता देल जायत - १००% स्योर भऽ जाउ।
मैथिली भाषा सहित विभिन्न उप-भाषाके सेहो भाषारूपमें पूर्ण विकासक काज होयत - १००% स्योर भऽ जाउ।
उद्योग, पर्यटन, कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य आ शिक्षा - एतेक विन्दुपर ध्यानकेन्द्रित कैल जायत - १००% स्योर भऽ जाउ।
अनावश्यक चिन्ता जे कोनो रहत से सभ दूर होयत - १००% स्योर भऽ जाउ।
लेकिन एहि सभ के लेल केवल आ केवल स्वराज्य बनौनाय जरुरी अछि। मिथिला राज्य चाही। मिथिला के अपन राजनीतिक धार होयब जरुरी। नेता वैह जे आइ अछि, लेकिन ओकरा ऊपर जे बिहार आ भारतक नेतागिरी वाला लाबी हावी छैक से खत्म होयब जरुरी छैक। ताहि हेतु भारतीय संविधानमें मिथिला राज्यके स्थापित करबाक एहि पहल में अहाँ सभ कियो शरीक होउ।
स्मृतिमें आनय चाहब - ओहि मित्रकेँ विशेषरूपेण जे विभिन्न मुद्दा में हमर नाम टैग करैत छी आ विचार चाहैत रहैत छी... से जरुर एहि आवश्यक 'सहयोग लेल अपील' पर ध्यान दी।
विशेष शुभ हो!


       सहयोग लेल अपील- 

मिरानिसेक वीर सपुत मैथिल अपन उठल डेग संग आगू बढैत रही। काज सगर मिथिला लेल लेकिन विशुद्ध स्वयंसेवा सँ करबाक प्रण पर अडिग रही। समय बहुत कम छैक, तैयारी सऽ पहाड ढाहबाक जरुरत छैक। तत्परताक संग वीरपुत्र आगू बढैत रहू। अपन योग दियौक, बाकी भार वहन करबाक लेल स्वयं परमेश्वर छथि।
संगहि फेसबुक द्वारा सेहो हरेक मैथिल संग एहि पुण्यक कार्यमें सहयोग लेल निवेदन करैत छी।
"मिथिला राज्य निर्माण यात्रामें अपनेक स्वैच्छिक सहयोग हेतु सादर अनुरोध सहित,

लेकिन एहि यज्ञमें समस्त मिथिलावासीक वांछणीय सहयोग लेल कोनो सीमा निर्धारित नहि करैत केवल स्वैच्छिक सहयोग ग्रहण करबामें हमरा कोनो हर्ज नहि बुझैत अछि। ताहि लेल हमर परिचित आ मिथिला-मैथिली प्रति सकारात्मक सोच संग अग्रसर हरेक मैथिलकेँ हम अपन मोबाइल द्वारा स्वैच्छिक सहयोग देबाक लेल अनुरोध कैल अछि।

 एकाउन्ट डिटेल: अनुप कुमार चौधरी, खाता सं.: २००७१६२२३१७, बैंक: स्टेट बैंक अफ ईण्डिया।

 अपन योगदानक पुष्टि एहि नं. ८०५१५१८६८७ (अनुपजी)केँ जरुर करी।

मिथिला राज्य निर्माण सेना - दिल्ली।"

नोट: अपनेक नजरिमें जे कियो सहयोग करय योग्य होइथ हुनका सेहो मेसेज फोरवार्ड/शेयर जरुर करी।

Pravin Narayan Choudhary
मिथिला राज्य निर्माण सेना-

शुक्रवार, 17 मई 2013

सीताजीक आरती


सीताजीक आरती 














सीता बिराजथि मिथिलाधाम सब मिलिकय करियनु आरती।
संगहि सुशोभित लछुमन-राम सब मिलिकय करियनु आरती।।
विपदा विनाशिनि सुखदा चराचर,सीता धिया बनि अयली सुनयना घर
मिथिलाके महिमा महान...सब मिलिकय करियनु आरती।।सीता बिराजथि...
सीता सर्वेश्वरि ममता सरोवर,बायाँ कमल कर दायाँ अभय वर
सौम्या सकल गुणधाम.....सब मिलिकय करियनु आरती।। सीता बिराजथि...
रामप्रिया सर्वमंगल दायिनि,सीता सकल जगती दुःखहारिणि
करथिन सभक कल्याण...सब मिलिकय करियनु आरती।। सीता बिराजथि...
सीतारामक जोड़ी अति मनभावन,नैहर सासुर कयलनि पावन
सेवक छथि हनुमान...सब मिलिकय करियनु आरती।।सीता बिराजथि...
ममतामयी माता सीता पुनीता,संतन हेतु सीता सदिखन सुनीता
धरणी-सुता सबठाम...सब मिलिकय करियनु आरती ।। सीता बिराजथि...
शुक्ल नवमी तिथि वैशाख मासे,’चंद्रमणि’ सीता उत्सव हुलासे
पायब सकल सुखधाम...सब मिलिकय करियनु आरती।।
सीता बिराजथि मिथिलाधाम सब मिलिकय करियनु आरती।।।
DrChandramani Jha
चंद्रमणिझा,
9 1 - 9430827795

शुक्रवार, 3 मई 2013

चाही मातृभाषामे शिक्षा

मिथिला : बिहारक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मिथिला मेँ आयोजित प्राय: प्रत्येक सभा
मे बेर बेर कहैत छैथ जे "जेना बिहारक विकासक बिना भारतक विकास नहि भऽ
सकैत अय तहिना मिथिलाक विकासक बिना बिहार विकास संभव नहि अछि"। हरेक बेर
मुख्यमंत्री कहैत छैथ जे "मिथिलाक सर्वाँगीण विकास होएत"। जौँ ओ इ गप्प
केँ सह्रदय स्वीकार करैत छैथ तखन फेर बिहारमे मिथिलाक इ दुर्दशा कियैक ?
बिहारक न्यूनतम साक्षर जिला, पूर्णिया (52.49% ),न्यूनतम पुरुष साक्षर
जिला, कटिहार (60.99% ),न्यूनतम महिला साक्षर जिला, सहरसा(42.73%),बिहारक
न्यूनतम साक्षर पांच टा जिला - पूर्णिया, सीतामढ़ी, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा आ
बिहारक सर्वाधिक साक्षर जिला, रोहतास(75.59% ),सर्वाधिक पुरुष साक्षर
जिला, रोहतास(85.29% ),सर्वाधिक महिला साक्षर जिला, मुंगेर(65.33%),बिहारक
सर्वाधिक साक्षर पांच टा जिला-रोहतास, मुंगेर, भोजपुर, आओर गाबाद,पटना।इ
जनगणना 2011 के अंतरिम रिपोर्ट अय।अय रिपोर्ट सऽ ज्ञात होय अय जे
मिथिला,साक्षरता मेँ बिहार सऽ पाछू अय।बिहार सरकार एकरा लेल किछु नय किछु
जरुर जिम्मेवार अछि। बिहार सरकार के चाही जे बिहारक अंर्तगत आबय वला मिथिला क्षेत्र मेँ
साक्षरताक प्रतिशत बढ़ाबय लेल प्रारंभिक शिक्षा ओकर अपन मातृभाषा अर्थात्
मैथिली मेँ दियौबैथ।अल्बर्ट आइंस्टीन तक मातृभाषा मेँ शिक्षाक पक्षधर
छलैथ मुदा बिहार सरकार की सोचय छै,की जानि!बिहार मेँ मैथिली एकटा प्रमुख
भाषा अय तखन फेर बिहार सरकार उर्दू आ बांग्लाक शिक्षकक नियुक्ति कय रहल
अय मुदा मैथिलीक शिक्षकक नय!आय धरि मैथिली बिहारक दोसर राजभाषा नहिँ बनि
सकल हँ।1980 ई॰ मेँ जखन बिहारक तत्कालीन मुख्यमंत्री डा॰ जगन्नाथ मिश्रा
उर्दू के बिहारक दोसर राजभाषा के दर्जा देलखिन तखन हुनक कहब छलन जे उर्दू
संविधानक अष्टम् अनुसूची मेँ शामिल अछि मुदा मैथिली नहिँ,ताहि कारणवश
बिहारक दोसर राजभाषा उर्दू भेल मुदा आब तऽ मैथिली संविधानक अष्टम्
अनुसूची मेँ शामिल भऽ गेल हँ तखन आब मैथिली के बिहारक दोसर राजभाषा बनाबय
मेँ की दिक्कत ?